श्रीनगर धमाके पर केजरीवाल का केंद्र सरकार से सवाल, कहा-देश की सुरक्षा के साथ इतना बड़ा खिलवाड़ कैसे?
श्रीनगर के हादसे पर दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने सरकार और सुरक्षा तंत्र पर सीधे सवाल उठाये हैं.

Published : November 15, 2025 at 12:14 PM IST
नई दिल्ली: दिल्ली आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के दक्षिण श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में शुक्रवार देर रात भीषण धमाका हुआ. यह धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया. जानकारी के मुताबिक पुलिस स्टेशन का एक हिस्सा ढह गया है. वहीं मौके पर मौजूद पर कई वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं.इस धमाके में करीब 9 लोगों की मौतों की पुष्टि की गई है. वहीं, 29 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं, जिनमें से कइयों की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है. मलबे में अभी भी कई लोगों के दबे होने की खबर मिली है. धमाके के बाद आग और धुएं का गुबार दिखाई दे रहा है. राहत और बचाव कार्य जारी है.
इस घटनाक्रम ने देश में सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े किए हैं. इसी मुद्दे पर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने X पर एक पोस्ट करते हुए लिख कि नौगाम पुलिस स्टेशन में हुआ बम धमाका बेहद दुखद और चिंताजनक है. उन्होंने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की.
इसके साथ ही उन्होंने सरकार और सुरक्षा तंत्र पर सीधे सवाल दागते हुए लिखा, 'दिल्ली धमाके की गूंज अभी थमी भी नहीं थी और देश फिर एक धमाके से दहल गया. सरकार, सुरक्षा एजेंसियां, खुफिया तंत्र और गृह मंत्री आखिर क्या कर रहे हैं? देश की सुरक्षा के साथ इतना बड़ा खिलवाड़ कैसे और क्यों होने दिया जा रहा है? देश जवाब चाहता है.'

गृह मंत्रालय के जम्मू-कश्मीर संभाग में संयुक्त सचिव प्रशांत लोखंडे ने बताया कि शुक्रवार 14 नवंबर को रात 11:20 बजे, एक दुर्भाग्यपूर्ण आकस्मिक घटना में, जम्मू-कश्मीर के नौगाम पुलिस स्टेशन के अंदर एक बड़ा विस्फोट हुआ. उन्होंने कहा कि नौगाम पुलिस ने एक आतंकी मॉड्यूल का मामला सुलझाया है. एफआईआर 162/2025 की जांच के दौरान, विस्फोटक पदार्थों और रसायनों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया गया. बरामदगी को थाने के एक खुले क्षेत्र में सुरक्षित रूप से रखा गया था. जांच में शामिल सभी एजेंसियां समन्वित और वैज्ञानिक तरीके से एक साथ काम कर रही हैं.
गृह मंत्रालय ने बताया कि मानक और निर्धारित प्रक्रिया के एक भाग के रूप में, बरामद रसायन और विस्फोटक नमूनों को आगे की फोरेंसिक और रासायनिक जांच के लिए भेजा जा रहा था. भारी मात्रा में बरामदगी के कारण, उक्त एसओपी का पालन करते हुए पिछले 2 दिनों से प्रक्रिया में लगातार भाग लिया गया था. 27 पुलिसकर्मियों, 2 राजस्व अधिकारियों और 3 नागरिकों की जान चली गई, जबकि 27 पुलिसकर्मी, 2 राजस्व अधिकारी और 3 नागरिक घायल हुए हैं. घायलों को तुरंत चिकित्सा सहायता के लिए ले जाया गया. पुलिस थाने की इमारत को भारी नुकसान पहुंचा है. घटना के कारणों की जांच की जा रही है, हालाँकि, इस घटना के कारणों के बारे में कोई और अटकलें लगाना अनावश्यक है. सरकार मृतकों के परिवारों के साथ एकजुटता से खड़ी है.
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