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आर्टिफिशियल फ्लावर ने बदली किस्मत, 5000 रुपये से शुरू किया बिजनेस, आज 15 लाख का सालाना टर्नओवर

SHG के माध्यम से 5 हजार से कारोबार शुरू करने वाली महिलाओं ने 15 लाख रुपए का टर्नओवर वाला कारोबार खड़ा कर दिया है.

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आर्टिफिशियल फ्लावर कारोबार (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : November 6, 2025 at 8:47 PM IST

6 Min Read
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कुरुक्षेत्रः हरियाणा में ग्रामीण परिवेश की महिलाओं का हुनर अब सामने आ रहा है. महिलाएं अपना स्टार्टअप शुरू करके अच्छा पैसा कमा रही हैं और दूसरी महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन रही हैं. कुरुक्षेत्र में 5000 रुपये से महिलाओं ने आर्टिफिशियल फ्लावर बनाने का काम शुरू किया था. अब इनका सालाना टर्नओवर 15 लाख रुपए तक पहुंच चुका है. स्वयं सहायता समूह से जुड़ी इन ग्रामीण परिवेश की महिलाओं को मासिक 10-15 हजार रुपये की आमदनी हो रही है, वह भी घर-परिवार का काम निपटाने के बाद.

सुरा गांव की महिलाएं रच रही हैं स्वालंबन का इतिहासः महिलाओं के स्टार्टअप शुरू करने में सबसे बड़ा योगदान स्वयं सहायता ग्रुप का आ रहा है. इसमें कई महिलाएं मिलकर एक ग्रुप बनती हैं. फिर ग्रुप की महिलाएं किसी भी स्टार्टअप को शुरू करती हैं जिसमें सरकार उनको आर्थिक तौर पर मदद, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराती हैं. ऐसे ही कहानी हम आज आपको बता रहे हैं, जहां कुरुक्षेत्र के सुरा गांव की महिलाओं ने आर्टिफिशियल फ्लावर बनाने का काम शुरू किया था, अब वह उससे लाखों रुपए कमा रही हैं. अपने हुनर से बनाए गए सुंदर-सुंदर फ्लावर लोगों के घरों की शोभा बढ़ा रहे हैं.

आर्टिफिशियल फ्लावर कारोबार (Etv Bharat)
छोटे स्तर से आर्टिफिशियल फ्लावर बनाने का काम किया था शुरूः संजू ने बताया कि "उसकी मां ने 10 महिलाओं के साथ मिलकर स्वयं सहायता समूह ग्रुप बनाया था. इसके बाद उन्होंने मार्च 2020 में आर्टिफिशियल फ्लावर बनाने का काम शुरू किया. उन्होंने कहा कि हमने यह काम छोटे से स्तर से शुरू किया था लेकिन अभी यह काफी बड़ा हो गया है. करीब 10 महिलाएं मिलकर इस ग्रुप को चला रही हैं जो इससे अच्छा मुनाफा कमा रही हैं." संजू ने कहा कि "फ्लावर बनाने का काम महिलाएं करती हैं. वे करीब 50 से ज्यादा अलग-अलग प्रकार के फ्लावर बनाती हैं जो सजावट के लिए काम आते हैं. लोग इनको खरीद कर अपने घरों में ले जाते हैं जिसे उनके घरों की शोभा बढ़ती है."
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आकर्षक आर्टिफिशियल फ्लावर (Etv Bharat)
15 लाख रुपए सालाना टर्नओवरः संजू ने बताया कि "जब 2020 से उन्होंने इस काम की शुरुआत की थी, तब उन्होंने पहली बार 5000 रुपए आर्टिफिशियल फ्लावर बनाने के लिए इन्वेस्ट किए थे. उनके द्वारा तैयार किए गए फ्लावर लोगों को काफी पसंद आने लगे, जिसके चलते उनकी डिमांड काफी बढ़ गई. अब वह साल में करीब 15 लाख रुपए का टर्नओवर ले रहे हैं, जिससे वह काफी खुश हैं.
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मनमोहक आर्टिफिशियल फ्लावर (Etv Bharat)
मेले में लगाते हैं स्टॉलः संजू ने बताया कि उन्होंने "अपने स्वयं सहायता समूह को रजिस्टर करवाया हुआ है. इसमें उनका यह फायदा होता है कि हरियाणा सरकार के द्वारा जितने भी मेले के कार्यक्रम प्रदेश में आयोजित किए जाते हैं, वहां पर सरकार के द्वारा उनको निमंत्रण मिल जाता है. इसके तहत समूह को फ्री में स्टॉल मिल जाती है. वहां जाकर वह अपने आर्टिफिशियल फ्लावर बेचते हैं और अपनी कमाई करते हैं." उन्होंने कहा कि "हरियाणा में गीता जयंती , फरीदाबाद का सूरजकुंड मेला, कपाल मोचन मेला यमुनानगर सहित जितने भी हरियाणा में मेले आयोजित किए जाते हैं. सभी में वे स्टॉल लगाते हैं और लोगों के द्वारा उनके फ्लावर काफी पसंद किए जाते हैं."
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आर्टिफिशियल फ्लावर बनाते कारीगर (Etv Bharat)

25 से 1500 रुपये मूल्य तक के बनाते हैं फ्लावरः संजू ने बताया कि "वह 25 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक के फ्लावर तैयार करते हैं. यह सभी फ्लावर महिलाओं के द्वारा तैयार किए जाते हैं जो गांव की ही रहने वाली है." उन्होंने कहा कि "डिमांड के आधार पर फ्लावर तैयार किया जाता है, उसी आधार पर फ्लावर को छोटा या बड़ा भी बनाया जा सकता है. ज्यादातर फ्लावर सिर्फ ऑर्डर के आधार पर ही बनाया जाता है. इसके अलावा मेला और सीजन पर बाजार के अनुमान के आधार पर हम फ्लावर तैयार करते हैं. "

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आर्टिफिशियल फ्लावर (Etv Bharat)

खुद का कच्चा माल करते हैं तैयारः समूह से जुड़ी रेखा ने कहा कि "ज्यादातर घर पर ही हम लोग कच्चा माल तैयार करते हैं जिनसे फ्लावर तैयार किया जाता है. फ्लावर बनाने के लिए जो प्रोडक्ट आते हैं, उनको समूह के द्वारा दिल्ली से खरीद कर मंगाया जाता है. वह अलग-अलग पार्ट में होता है और समूह से जुड़ी महिलाएं उसको घर पर अलग-अलग पार्ट में जोड़कर फ्लावर बनाती हैं. हालांकि उनके सामने एक चुनौती भी रहती है कि किस प्रकार से लोगों को आकर्षित करने वाला फ्लावर बनाया जाए. लेकिन समूह से जुड़ी महिलाएं कढ़ाई सिलाई में पहले ही काफी अच्छा काम करती रही हैं, जिसके चलते वह अपनी समझ से आर्टिफिशियल फ्लावर को एक नया रूप देती हैं. इन आर्टिफिशियल फ्लावर को आकर्षक रूप देने का काम महिलाएं अपने हुनर से करती हैं."

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आर्टिफिशियल फ्लावर को तैयार करती महिला (Etv Bharat)

10 महिलाओं को मिला रोजगार: आर्टिफिशियल फ्लावर बनाने का काम करने वाली महिला रेखा ने बताया कि "मैं भी ग्रुप में जुड़ी हूं और फ्लावर बनाने का काम करती हूं. घर में अपना काम खत्म करने के बाद जितना भी समय बचता है मैं उसमें फ्लावर बनाने का काम करती हूं जिससे अच्छी आमदनी हो जाती है."

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आर्टिफिशियल फ्लावर को तैयार करते परिवार के लोग (Etv Bharat)

500 से 1000 रुपए कमाती हैं महिलाएं: कविता और वीणा ने बताया कि हमारे घर के पास ही हमें रोजगार मिला हुआ है. वरना हमें कहीं बाहर काम करने के लिए जाना पड़ता. इससे हमारे घर का काम भी हो जाता है. यहां पर हम लोग अपने पूरे घर का काम खत्म करके आते हैं और अपने खाली समय के आधार पर वह एक दिन में 500 से 1000 रुपए फ्लावर बनाकर कमाई कर लेते हैं. इससे एक महिला एक महीने में 10 से 15000 रुपए आसानी से कमा लेती हैं.

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आर्टिफिशियल फ्लावर को तैयार करती महिलाएं (Etv Bharat)
10 महिलाओं को घर के पास रोजगारः संजू ने बताया कि यह कारोबार सिर्फ एक महिला के द्वारा शुरू किया गया था. अब अकेली महिला के द्वारा समूह की 10 अन्य महिलाओं को रोजगार दिया हुआ है, जिनको कहीं घर से बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती है. घर के पास ही हो उनको नियमित काम मिला हुआ है. इतना ही नहीं छोटे बच्चे को अपने गोद में लेकर भी कुछ महिलाएं यहां पर काम करते हुए दिखती हैं. ऐसे में उनके बच्चे का भी वे ख्याल रख रही हैं और काम करके अपनी मेहनत से पैसे भी कमा रही हैं. ये इन महिलाओं का हुनर ही है जिससे वह कच्चे माल से अलग-अलग रूप देकर काफी सुंदर आर्टिफिशियल फ्लावर तैयार करती हैं.
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आर्टिफिशियल फ्लावर उद्योग (Etv Bharat)
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