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थार में तेज गर्मी से हीट स्ट्रोक बढ़ने की आशंका, जानिए कैसे बचाएं खुद को, जिला अस्पताल में किए विशेष इंतजाम

बाड़मेर के जिला अस्पताल में मरीजों को गर्मी से बचाने के लिए कूलर व पंखों की व्यवस्था की गई है.

Barmer District Hospital
बाड़मेर के जिला अस्पताल में लगा कूलर (ETV Bharat Barmer)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : April 28, 2026 at 4:59 PM IST

3 Min Read
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बाड़मेर: थार रेगिस्तान में तेज गर्मी से हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है. बढ़ते तापमान के चलते लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है. इस आपात स्थिति से निपटने के लिए बाड़मेर जिला अस्पताल में विशेष इंतजाम किए गए हैं. अस्पताल में दो वार्डों में 18 बेड रिजर्व हैं, जबकि न्यू टीचिंग बिल्डिंग में 10 अतिरिक्त बेड सुरक्षित रखे गए हैं. मरीजों का तापमान तुरंत कम करने के लिए आइस बॉक्स लगाए गए हैं. डॉक्टरों का कहना था कि दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक घर से बाहर न निकलें और बार-बार पानी पिएं. अब तक कोई मरीज नहीं आया, लेकिन प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है.

बाड़मेर जिला अस्पताल अधीक्षक डॉ. हनुमानराम चौधरी ने बताया कि यहां बढ़ते तापमान के कारण हीट स्ट्रोक की आशंका है, जिसे देखते हुए इंतजाम किए गए हैं. उन्होंने बताया कि अस्पताल में दो वार्डों में 18 बेड रिजर्व हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर हर वार्ड में 2-2 बेड और आरक्षित किए जाएंगे. उन्होंने बताया कि न्यू टीचिंग बिल्डिंग में 10 बेड सुरक्षित रखे गए हैं. मरीज का शारीरिक तापमान तुरंत कम करने के लिए इमरजेंसी वार्ड में बर्फ से भरे आइस बॉक्स रखे गए हैं.

बाड़मेर के जिला अस्पताल में गर्मी से बचाव की व्यवस्था की गई (ETV Bharat Barmer)

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एसी-कूलर और पंखों के रखरखाव की व्यवस्था: उन्होंने बताया कि अस्पताल में लगे एसी, कूलर और पंखों की मरम्मत करवा दी गई है और अलग-अलग अतिरिक्त कूलर व पंखों की व्यवस्था की गई है. इसके साथ ही पानी की भी व्यवस्था की गई है, ताकि अस्पताल आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो. चौधरी ने बताया कि अस्पताल प्रशासन द्वारा दो टीमें बनाई गई हैं. एक टीम हीट स्ट्रोक के मरीजों के तुरंत उपचार के लिए कार्य करेगी, जबकि दूसरी टीम अस्पताल में लगे पंखे, एसी, कूलर आदि में कोई समस्या आने पर तुरंत ठीक करने के लिए आवश्यक कार्य करेगी. उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में अब तक हीट स्ट्रोक का कोई भी मरीज नहीं आया है, फिर भी पूरी तैयारी की गई है.

Barmer District Hospital
अस्पताल में मौसमी बीमारियों के मरीजों की कतार (ETV Bharat Barmer)

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हीट स्ट्रोक के लक्षण और बचाव के तरीके: बाड़मेर मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अनिल सेठिया ने बताया कि लगातार गर्मी बढ़ने की वजह से हीट स्ट्रोक की संभावना बढ़ जाती है. उन्होंने बताया कि हीट स्ट्रोक एक मेडिकल इमरजेंसी है. जब शरीर अपना तापमान नियंत्रित नहीं कर पाता, तब यह स्थिति बनती है. शरीर का तापमान 40°C या उससे अधिक होने पर हीट स्ट्रोक हो सकता है. डॉ. सेठिया ने बताया कि हीट स्ट्रोक में मरीज को जी मचलना, घबराहट, उल्टी, चक्कर आना या बेहोशी, सांसों की रफ्तार तेज होना और मिर्गी भी आ सकती है. शरीर की त्वचा रूखी-सूखी हो जाएगी. उन्होंने कहा कि मरीज में ऐसे लक्षण दिखने पर उसे तुरंत ठंडी जगह ले जाएं, क्योंकि हीट स्ट्रोक होने पर देरी करना जानलेवा हो सकता है. मरीज को समय पर अस्पताल ले जाएं ताकि उसका उपचार हो सके.

Barmer District Hospital
फ्रीज में रखी गई दवाएं (ETV Bharat Barmer)

दोपहर में घर से नहीं निकलने की अपील: डॉ. सेठिया ने कहा कि गर्मी का तापमान बढ़ रहा है, ऐसे में लोगों को दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए. इसके अलावा दिन में बार-बार पानी और पेय पदार्थों का सेवन करना चाहिए.