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JEE Main 2026: कोटा के अर्णव गौतम टॉपर, स्टूडेंट्स को दी सलाह सोशल मीडिया से रहे दूर

कोटा के अर्णव गौतम ने JEE Main 2026 में 100 परसेंटाइल प्राप्त किया.

JEE Main Topper अर्णव गौतम
JEE Main Topper अर्णव गौतम (ETV Bharat Kota)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : February 16, 2026 at 8:53 PM IST

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कोटा: कोचिंग सिटी ने एक बार फिर देश को एक शानदार टॉपर दिया है. अर्णव गौतम ने जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (JEE Main 2026) के पहले सेशन (जनवरी) में 100 परसेंटाइल हासिल किया है. यह उपलब्धि कोटा के एलेन कोचिंग संस्थान के छात्र अर्णव की मेहनत, अनुशासन और स्मार्ट तैयारी का नतीजा है.

ईटीवी भारत से खास बातचीत में अर्णव गौतम ने बताया कि वर्तमान में वो कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा के साथ JEE मेन की तैयारी कर रहे थे और इस सेशन में टॉप परसेंटाइल हासिल करने वाले छात्रों में उनका नाम शामिल हो गया है. उनका मुख्य लक्ष्य JEE एडवांस्ड को क्रैक करना और IIT बॉम्बे में कंप्यूटर साइंस में एडमिशन लेना है. इस सफलता से उनके कोचिंग संस्थान के फैकल्टी, परिवार और पूरे कोटा शहर में खुशी की लहर दौड़ गई है.

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सोशल मीडिया से रहे दूर: अर्णव ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखी. इंस्टाग्राम, फेसबुक या अन्य प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं किया. केवल व्हाट्सएप का उपयोग डाउट क्लियर करने और दोस्तों से चर्चा के लिए किया. उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान सभी सोशल मीडिया से दूर रहें, क्योंकि यह समय और फोकस दोनों बर्बाद करता है.

टाइम मैनेजमेंट रहा परफेक्ट: अर्णव ने बताया कि ओलंपियाड्स ने उनकी एकेडमिक सोच को काफी मजबूत किया. सेल्फ स्टडी बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन सही दिशा और मार्गदर्शन के बिना यह प्रभावी नहीं होती. JEE जैसे एग्जाम में डाउट्स का तुरंत समाधान जरूरी है, जो फैकल्टी की मदद से ही संभव होता है. उन्होंने पढ़ाई के प्रेशर को खुद पर हावी नहीं होने दिया और हमेशा लक्ष्य पर फोकस रखा. एग्जाम में उन्होंने सबसे पहले केमिस्ट्री, फिर फिजिक्स और अंत में मैथ्स सॉल्व किया. टाइम मैनेजमेंट इतना परफेक्ट रहा कि उन्हें पूरे पेपर को दोबारा चेक करने का समय भी मिला.

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शैक्षणिक सफर और उपलब्धियां: अर्णव ने बताया कि कक्षा 6 से ही उन्होंने एलेन कोचिंग में प्री-नर्चर और फाउंडेशन कोर्स के साथ पढ़ाई शुरू की थी. पिछले 2 साल से वे JEE मेन और एडवांस्ड के लिए क्लासरूम स्टूडेंट हैं. उन्होंने एलेन की स्कॉलरशिप परीक्षा में अच्छी रैंक हासिल कर स्कॉलरशिप भी प्राप्त की. कक्षा 1 से 4 तक वे बारां जिले के अंता में निजी स्कूलों में पढ़े, उसके बाद परिवार कोटा शिफ्ट हो गया. दसवीं बोर्ड में उन्होंने 95.8% अंक हासिल किए और टॉपर रहे.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अर्णव ने कमाल दिखाया है. उन्होंने जूनियर साइंस ओलंपियाड में नेशनल लेवल पर भाग लिया, 2023 में जूनियर साइंस ओलंपियाड और 2024 में एस्ट्रो ओलंपियाड के OCSC (ओरिएंटेशन कम सिलेक्शन कैंप) में हिस्सा लिया. साथ ही, 2025 में सऊदी अरब में आयोजित एशियन फिजिक्स ओलंपियाड (APhO) में ब्रॉन्ज मेडल जीता.

दिनचर्या और रूटीन: अर्णव की दिनचर्या बेहद अनुशासित रही. सुबह 8 बजे घर से कोचिंग के लिए निकलते, क्लासेस के बाद रिवीजन करते और डाउट्स क्लियर करने फैकल्टी के पास जाते. शाम करीब 7:30 बजे घर लौटते. रिलैक्सेशन के लिए छोटे भाई के साथ गली क्रिकेट खेलते, जिससे दिमाग फ्रेश रहता. रात 12 बजे तक पढ़ाई कर सो जाते.

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परिवार और कोटा कोचिंग का योगदान: अर्णव का परिवार मूल रूप से बारां जिले के अंता का है, लेकिन काफी समय से कोटा के आरोग्य नगर में रहता है. पिता डॉ. बुद्धि प्रकाश गौतम कोटा विश्वविद्यालय में भूगोल के गेस्ट फैकल्टी हैं. मां निधि गौतम सरकारी टीचर हैं और तलवंडी स्थित गवर्नमेंट स्कूल में पढ़ाती हैं. छोटा भाई देव गौतम कक्षा 5 में पढ़ रहा है.

पिता डॉ. बुद्धि प्रकाश गौतम का कहना है कि अर्णव की सफलता में कोटा कोचिंग संस्थानों का सबसे बड़ा योगदान है. कक्षा 6 से मिली मेंटरिंग और गाइडेंस ने ही उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने में मदद की. अर्णव गौतम की यह सफलता कोटा कोचिंग की ताकत और छात्रों की लगन का जीता-जागता उदाहरण है. लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुके अर्णव का सफर JEE एडवांस्ड में भी कमाल दिखाने की उम्मीद जगाता है.

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