महराजगंज में सरप्लस शिक्षकों के समायोजन में मनमानी. शासनादेश की उड़ाई धज्जियां
विकल्प लिए बिना महिला शिक्षिका को वनग्राम के विद्यालय में भेजा गया.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 6, 2026 at 6:19 PM IST
महराजगंज: महराजगंज जिले में सरप्लस शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया में गंभीर खामियां सामने आई हैं. शासनादेश के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद विकल्प, वरिष्ठता व विशेष श्रेणी के नियमों की अनदेखी कर मनमाने ढंग से समायोजन किए जाने का आरोप सामने आए हैं. मामला तूल पकड़ने के बाद डीएम संतोष कुमार शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीडीओ को जांच का आदेश दिया है.
शिक्षकों के समायोजन मे खामियां: जिले में सरप्लस शिक्षकों के समायोजन में विसंगतियों के सामने आने के बाद हंगामा खड़ा हो गया है. हैरत कि बात यह है कि समायोजित शिक्षकों की सूची जारी करने के बजाय व्यक्तिगत पत्र जारी की गई है. सरप्लस शिक्षकों का आरोप है कि बेसिक शिक्षा विभाग ने शासनादेश के खिलाफ जाकर शिक्षकों का समायोजन किया है. महिला शिक्षिका से विद्यालय का विकल्प पूछे बिना ही उन्हें वनग्राम के विद्यालयों में भेज दिया गया है. समायोजन में वरिष्ठता क्रम को भी दरकिनार किया गया है. जिससे शिक्षकों में भारी नाराजगी है.
ढाई सौ शिक्षकों का समायोजन: जिले में करीब ढाई सौ शिक्षकों का समायोजन किया गया है. ये वे शिक्षक हैं. जिनके विद्यालयों में छात्र संख्या शासन द्वारा निर्धारित मानक से कम हैं. शासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने काउंसलिंग आयोजित की थी. जिसमें साफ कहा था कि सबसे पहले दिव्यांग महिला व दिव्यांग पुरुष शिक्षकों से विकल्प लिया जाएगा. इसके बाद महिला शिक्षकों से, उसके बाद अन्य शिक्षकों का समायोजन किया जाएगा. लेकिन काउंसलिंग के दिन ही इसे निरस्त कर बीएसए कार्यालय ने मनमाने ढंग से समायोजन कर दिया.
सरप्लस शिक्षकों का हंगामा: सूची जारी करने के बजाय विभाग ने समायोजित शिक्षकों को व्यक्तिगत पत्र जारी किया. जिसके बाद विसंगतियों को देख शिक्षकों ने हंगामा शुरू कर दिया. बताया जा रहा है कि सदर क्षेत्र की एक महिला शिक्षिका से विकल्प लिए बिना ही वनग्राम के विद्यालय में समायोजित कर दिया गया. इतना ही नहीं नियम के अनुसार जिस विद्यालय में शिक्षक सरप्लस हैं. वहां सबसे सीनियर शिक्षक को हटाया जाना चाहिए था. लेकिन सूची में कई ऐसे मामले सामने आए. जहां सीनियर को छोड़कर जूनियर शिक्षकों का ही समायोजन कर दिया गया.
डीएम ने जांच क आदेश दिए: इन विसंगतियों को लेकर शिक्षकों की आपत्ति के बाद प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष केशव मणि त्रिपाठी व जिला मंत्री सत्येंद्र कुमार मिश्र ने मंगलवार को डीएम संतोष कुमार शर्मा से मुलाकात की. उन्हें पूरे प्रकरण से अवगत कराया. डीएम ने शिक्षक नेताओं की बात को गंभीरता लेते हुए तत्काल सीडीओ को फोन कर मामले की जांच कराने तथा शासनादेश के अनुरूप समायोजन कराने के निर्देश दिए।
सीडीओ महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शिक्षकों का डेलिगेशन मिलने आया था. जिसमें चार पांच बिंदुओं पर चर्चा हुई. अगर वरिष्ठ शिक्षकों की जगह कोई जूनियर शिक्षक हटना चाहता है तो सहमति लेने का विधान है. इस मामले में रिपोर्ट बीएसए से मांगी गई है. सभी बिंदुओं की गहनता से जांच कराई जाएगी, जो भी त्रुटियां पाई जाएंगी. उन्हें सुधारते हुए शासनादेश के अनुसार समायोजन की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी. अगर वनग्राम के विद्यालय में शिक्षिका का समायोजन बिना विकल्प व सहमति लिए किया गया है तो जांच करा कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
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