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सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों में नियुक्ति प्रक्रिया को चुनौती, हाईकोर्ट ने सरकार से मांगी रिपोर्ट

प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापकों नियुक्ति परीक्षा 2021 में सफल अभ्यर्थियों ने दाखिल की याचिका

इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : January 6, 2026 at 8:45 PM IST

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प्रयागराजः अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापकों की नियुक्ति प्रक्रिया को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है. याचिका चयन परीक्षा 2021 में सफल अभ्यर्थियों ने दाखिल की है. उनकी शिकायत नियुक्ति के लिए बेसिक शिक्षा निदेशक द्वारा अपनाई जा रही प्रक्रिया को लेकर है.

कृपा शंकर सहित 50 अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने इस मामले में राज्य सरकार से तीन दिन में जवाब मांगा है. अगली सुनवाई की तिथि 12 जनवरी को होगी.

याचियों का कहना है कि सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी द्वारा जारी विज्ञापन और शिक्षा निदेशक बेसिक के 3 नवंबर 25 के सर्कुलर पैराग्राफ के 11घ के एपिंडेक्स 4 और काउंसलिंग के लिए जारी की गयी अनंतिम सूची में अनुसूचित जाति को 21 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति को 2 प्रतिशत, ओबीसी को 27 प्रतिशत और 10 प्रतिशत वर्टिकल आरक्षण और दिव्यांगों, महिलाओं, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रितों को होरीजांटल आरक्षण नहीं दिया गया है, जिससे वे नियुक्ति पाने से वंचित हो रहे हैं.

याचिका में कहा गया कि विज्ञापन में रिक्त पदों की संख्या और आरक्षित पदों का कोई विवरण नहीं दिया गया है, जो आरक्षण नीति का खुला उलंघन है. 30 दिसम्बर 2025 को प्रदेश सरकार ने समस्त अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव को सर्कुलर जारी कर आदेश दिया है कि राज्याधीन सेवा में अनुमन्य ऊर्ध्वाधर और क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्थाओं व मानक के अनुसार अनुपालन सुनिश्चित कराया जाय.

इसके बावजूद निदेशक बेसिक शिक्षा ने अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में सहायक अध्यापकों के विभिन्न विषयों के लिए काउंसिलिंग और अभिलेख परीक्षण की अनंतिम सूची जारी कर दिया और अंतिम तिथि 15 जनवरी 2026 रखी है. 2 जनवरी तक सभी बेसिक शिक्षा अधिकारीयों से सूची मांगी गई है. इसके बाद 30 जनवरी से नियुक्ति पत्र जारी करने की घोषणा कर दी है.

याचीगणों के अधिवक्ता जगदीश सिंह बुंदेला का कहना है कि पिछली सुनवाई में प्रतिवादी गणों से लिखित मांगी गई थी. मंगलवार को सुनवाई के समय मुख्य स्थाई अधिवक्ता सप्तम आशुतोष कुमार श्रीवास्तव ने समय मांगा, जिस पर कोर्ट ने उन्हें तीन दिन का अंतिम अवसर दिया है.

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