ETV Bharat / state

रामलला मंदिर में नए सीईओ की नियुक्ति के बाद यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने लगाई सवालों की झड़ी

रामलला मंदिर में सीईओ की नियुक्ति के बाद उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने पूछा चढ़ावे और चंदे की लूट का क्या हुआ?

RAM MANDIR CEO
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने पूछा चढ़ावे और चंदे की लूट का क्या हुआ? (ईटीवी भारत)
author img

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : September 3, 2026 at 9:28 AM IST

|

Updated : September 3, 2026 at 9:42 AM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

लखनऊ: भगवान राम लला मंदिर में नए सीईओ की नियुक्ति पर यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा है कि भगवान रामलला मंदिर ट्रस्ट ने नए CEO को नियुक्ति प्रदान की है, लेकिन सवाल नए CEO की नियुक्ति का नहीं, सवाल तो भगवान रामलला के मंदिर में आए चढ़ावे और चंदे की लूट का था. उसका क्या हुआ ? मोदी और RSS ने चंदे के लुटेरों को तो, संरक्षण देकर बचा लिया, जो इस देश के करोड़ों करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ और सनातन धर्म से धोखा है.

अजय राय ने कहा कि पीएम मोदी नए सीईओ की नियुक्ति कर रहे हैं, लेकिन मोदी और RSS चढ़ावे की लूट पर चुप क्यों हैं? मोदी को ज़वाब देना होगा. ये देश के करोड़ों करोड़ श्रद्धालुओं की आस्था को धोखा है, क्योंकि जिस ट्रस्ट में मोदी के इशारे पर चंपत राय बंसल, अनिल मिश्रा और तमाम लोग शामिल किए गए, उनको मोदी और भाजपा बचाकर कौन सा हिंदू धर्म का सम्मान कर रहे हैं?

कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि नए CEO की नियुक्ति से, जो भगवान रामलला के मंदिर में हजारों करोड़ चढ़ावे की लूट सालों साल चलती रही उसकी वसूली/रिकवरी कैसे होगी? नए CEO के आने से पिछली चंदे की लूट पर क्या कार्रवाई होगी?

RAM MANDIR CEO
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने पूछा चढ़ावे और चंदे की लूट का क्या हुआ? (ईटीवी भारत)

उन्होंने कहा कि नए CEO की नियुक्ति चढ़ावे और चंदे की लूट से ध्यान भटकाने की कोशिश है. अजय राय ने कहा कि भगवान रामलला का मंदिर धर्म से जुड़ा आस्था का विषय है, जिस पर भाजपा अपनी राजनीतिक रोटी पकाती रही है और आगे भी यही करना चाहती है, इसीलिए चढ़ावा चोरों को ट्रस्ट में बिठाया और उन्हें हजारों करोड़ की लूट के बाद बचाया.

राय ने कहा कि SIT जांच में भी उनको खुलेआम बचाया गया, इसलिए अब ट्रस्ट में सनातन धर्म के शीर्षस्थ शंकराचार्य की राय के अनुसार निर्णय हो. उसी तरीके से पद दिए जाएं, तभी शुचिता/पवित्रता और करोड़ों करोड़ श्रद्धालुओं की आस्था का विश्वास संभव है. अन्यथा, भाजपा और RSS ऐसे ही श्रद्धालुओं की आस्था का चूना लगाती रहेगी.

ये भी पढ़ें - पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO

Last Updated : September 3, 2026 at 9:42 AM IST