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देवस्थान विभाग की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के लिए आवेदन शुरू, 56 हजार बुजुर्गों को मिलेगी निःशुल्क यात्रा की सौगात

मुख्य सूची के साथ 100 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतीक्षा सूची भी तैयार की जाएगी, ताकि प्रतीक्षा सूची से अन्य यात्री को अवसर दिया जा सके.

varishth Nagrik Teerth Yatra
वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत तैयार विशेष ट्रेन (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : May 27, 2026 at 10:24 AM IST

6 Min Read
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जयपुर: प्रदेश के हजारों बुजुर्गों के लिए देवस्थान विभाग ने वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2026-27 की शुरुआत का ऐलान कर दिया है. योजना के तहत इस बार 50 हजार वरिष्ठ नागरिकों को एसी ट्रेनों से देश के 15 प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन करवाए जाएंगे, जबकि छह हजार बुजुर्गों को हवाई मार्ग से नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर की यात्रा कराई जाएगी. कुल 56 हजार बुजुर्गों को निःशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी. आवेदन प्रक्रिया 27 मई से शुरू होकर 10 जून तक चलेगी. खास बात यह है कि यात्रा केवल धार्मिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक अनुभव भी बनने जा रही है.

लॉटरी से होगा चयन: देवस्थान विभाग के अनुसार बुधवार से शुरू होने वाली ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 10 जून तक चलेगी. इस प्रक्रिया के पूरी होने के बाद पात्र आवेदकों का चयन लॉटरी से किया जाएगा. प्रत्येक जिले का निर्धारित कोटा होगा, उसी के अनुसार यात्रियों का चयन होगा. प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार जुलाई महीने से यात्राएं शुरू कराई जाएंगी. चयनित यात्रियों की सूची जिला कलेक्टर कार्यालय, देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त कार्यालय और विभागीय वेबसाइट पर जारी की जाएगी.

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देवस्थान विभाग के मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि योजना पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के तहत संचालित होगी और मुख्य सूची के साथ 100 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतीक्षा सूची भी तैयार की जाएगी, ताकि किसी यात्री के यात्रा रद्द करने पर प्रतीक्षा सूची से अन्य यात्री को तुरंत अवसर दिया जा सके. तीर्थ यात्रा ट्रेन का नाम भारत गौरव पर्यटन ट्रेन रहेगा, जिसके प्रत्येक कोच को राजस्थान की धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत की थीम पर सजाया जाएगा. जयपुर के आराध्य ठाकुर गोविंददेव जी मंदिर, खाटूश्यामजी, सालासर बालाजी सहित प्रदेश के 20 से ज्यादा किलों, महलों और धरोहरों की झलक यात्रियों को ट्रेन में ही देखने को मिलेगी. विभाग का उद्देश्य यात्रा के दौरान राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान को देशभर में प्रदर्शित करना है.

ट्रेनों में फिर दिखेंगे जीआरपीएफ जवान: इस योजना की ट्रेनों में फिर से जीआरपीएफ जवानों की तैनाती की जाएगी. यात्रियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है. विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों की यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए चिकित्सा सहायता, भोजन, ठहराव और सुरक्षा के अलग इंतजाम किए जाएंगे. योजना के लिए राज्य सरकार ने लगभग 150 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया है. मंत्री कुमावत का मानना है कि इससे हजारों बुजुर्गों को धार्मिक पर्यटन का लाभ मिलेगा.

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हिंदू, जैन और सिख धर्म से जुड़े महत्वपूर्ण तीर्थ शामिल:

योजना के तहत देश के विभिन्न हिस्सों के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को शामिल किया गया है. इनमें हिंदू, जैन और सिख धर्म से जुड़े महत्वपूर्ण तीर्थ भी सम्मिलित हैं.

हवाई मार्ग से: पशुपतिनाथ मंदिर, काठमांडू (नेपाल)

रेलमार्ग से:

  • हरिद्वार, ऋषिकेश, अयोध्या, वाराणसी, सारनाथ
  • सम्मेदशिखर, पावापुरी
  • मथुरा, वृंदावन, बरसाना, आगरा
  • द्वारका, नागेश्वर, सोमनाथ
  • तिरुपति, पद्मावती
  • कामाख्या और गुवाहाटी
  • गंगासागर और कोलकाता
  • जगन्नाथपुरी और कोणार्क
  • रामेश्वरम और मदुरई
  • वैष्णोदेवी, अमृतसर और वाघा बॉर्डर
  • गोवा के मंदिर और चर्च
  • उज्जैन, ओंकारेश्वर, त्र्यंबकेश्वर, एलोरा
  • बिहार शरीफ
  • पटना साहिब और हजूर साहिब नांदेड़

आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन: तीर्थ यात्रा के लिए आवेदन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल और ई-मित्र केंद्रों के माध्यम से किए जा सकेंगे. आवेदकों को जनाधार के जरिए आवेदन करना होगा. आवेदन के दौरान अपनी पसंद के तीन तीर्थ स्थलों को वरीयता क्रम में भरना अनिवार्य रहेगा. आवेदन का प्रिंट सुरक्षित रखना भी जरूरी होगा. इस बार विभाग ने आवेदन प्रक्रिया में मेडिकल सर्टिफिकेट को भी अनिवार्य किया है. आवेदन के साथ सरकारी चिकित्सक की ओर से जारी मेडिकल प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा. बुजुर्ग के शारीरिक और मानसिक रूप से यात्रा के योग्य होने का प्रमाण आवश्यक रहेगा. आवेदन में अंतिम तिथि तक संशोधन भी किए जा सकेंगे.

राजस्थान का मूल निवासी ही कर सकेगा आवेदन:

योजना का लाभ केवल राजस्थान के मूल निवासियों को मिलेगा. आवेदनकर्ता की आयु 1 अप्रैल 2026 को 60 वर्ष या उससे ज्यादा होना जरूरी है. इसके अलावा कुछ महत्वपूर्ण शर्तें भी निर्धारित की गई हैं.

  • आवेदक और उसका जीवनसाथी आयकरदाता नहीं होना चाहिए.
  • केंद्र और राज्य सरकार के सेवानिवृत्त राजपत्रित अधिकारी योजना के पात्र नहीं होंगे.
  • पूर्व में योजना का लाभ लेने वाले वरिष्ठ नागरिक दोबारा आवेदन नहीं कर सकेंगे.
  • शारीरिक और मानसिक रूप से यात्रा के लिए सक्षम होना जरूरी होगा.
  • आय और पूर्व में यात्रा नहीं करने का स्व-घोषणा पत्र देना अनिवार्य रहेगा.

जीवनसाथी और सहायक को साथ ले जाने की सुविधा:

योजना में वरिष्ठ नागरिक अपने साथ जीवनसाथी या सहायक में से किसी एक को साथ ले जा सकेंगे. इसकी जानकारी आवेदन के समय देनी होगी. विशेष बात यह है कि यदि जीवनसाथी की आयु 60 वर्ष से कम भी है, तब भी उसे यात्रा की अनुमति दी जाएगी. वहीं 70 वर्ष से ज्यादा आयु के अकेले यात्रियों को सहायक ले जाने की सुविधा मिलेगी. विशेष योग्यजन श्रेणी के यात्रियों को भी सहायक साथ रखने की अनुमति दी जाएगी.

इस तरह कर सकेंगे आवेदन:

  • विभागीय पोर्टल eDevasthan2.rajasthan.gov.in पर जाएं
  • जनाधार के माध्यम से लॉगिन करें
  • आवश्यक दस्तावेज और मेडिकल सर्टिफिकेट अपलोड करें
  • पसंद के तीन तीर्थ स्थलों का चयन करें
  • आवेदन फॉर्म सबमिट कर उसकी प्रिंट कॉपी सुरक्षित रखें

80 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए पोर्टल में विशेष संशोधन: देवस्थान विभाग ने इस बार 80 वर्ष से ज्यादा आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए पोर्टल में अलग संशोधन किए हैं, ताकि आवेदन प्रक्रिया उनके लिए आसान बन सके. विभागीय अधिकारियों के अनुसार बुजुर्गों को आवेदन में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए ई-मित्र केंद्रों और सहायक आयुक्त कार्यालयों में विशेष सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी.