एप्पल बेर शुष्क इलाकों के लिए वरदान, कम मेहनत में ज्यादा मुनाफा वाली खेती, किसान हो रहे मालामाल
कोरबा के किसान अब एप्पल बेर की उन्नत खेती करके लाभ कमा रहे हैं.आईए आपको बताते हैं आखिर क्यों है एप्पल बेर देता है मुनाफा.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : February 26, 2026 at 6:40 PM IST
राजकुमार शाह,संवाददाता
कोरबा : छत्तीसगढ़ में पारंपरिक खेती से अलग हटकर अब किसान नए फसल पर हाथ आजमा रहे हैं. धान के अलावा अब किसान फूल, सब्जी और फलों की खेती पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. कोरबा जिले में भी ऐसे किसानों की कोई कमी नही है. मौजूदा समय में कोरबा में सेब के आकार जितने बेर का उत्पादन हो रहा है.इस बेर की दो किस्में होती है जिसमें पहली किस्म एप्पल बेर और दूसरी कश्मीरी बेर है.
कम मेहनत में ज्यादा मुनाफा वाली खेती
ये दोनों किस्म कोरबा में उगाए जा रहे हैं. ये बेर खाने में ज्यादा खट्टे नहीं होते, इनका स्वाद मीठा होता है. इस वजह से लोग इसे खूब पसंद करते हैं. सामान्य तौर पर एप्पल बेर की आवक गर्म तापमान वाले राज्यों से छत्तीसगढ़ में होती है. लेकिन अब कोरबा में भी इसकी खेती शुरू हो गई है. एप्पल बेर की खेती के विषय में किसानों को उद्यानिकी विभाग से जानकारी मिली.

कम पानी में ज्यादा उत्पादन की क्षमता
एप्पल बेर कम पानी और बेहद कम मेहनत में उगाया जा सकता है. 6 महीने में फसल तैयार हो जाती है. मुनाफा भी काफी अधिक होता है.वनांचल क्षेत्र करतला के कुछ किसानों ने इसकी फसल लगाई है. पहली खेप में ही 100 किलो से अधिक का उत्पादन हुआ है. जिससे किसान उत्साहित हैं, तो उद्यानिकी विभाग भी इस फसल को बढ़ावा देने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है.

100 किलो उत्पादन 120 रुपए में बेचा
करतला क्षेत्र के गांव कटबितला के किसान रामाधार कंवर कहते हैं कि एप्पल बेर की खेती की शुरुआत की है. इसकी फसल अब तैयार हो चुकी है, उद्यानिकी विभाग से प्रशिक्षण मिला था. पौधे भी प्रदान किए गए थे. हाल फिलहाल में 100 किलो का उत्पादन हुआ है. इसका अच्छा खासा दाम भी मार्केट में मिला है. ₹120 प्रति किलो की दर से इसे बेचा था.
इसकी फसल उगाना काफी आसान है. पानी भी अधिक नहीं लगता और मेहनत भी कम लगती है. उत्पादन अच्छा हो रहा है, किसानों को इस तरह की फसल उगानी चाहिए. इसे और भी व्यवस्थित ढंग से पैदा करने का प्लान है - रामाधार कंवर, किसान

मार्केट में अच्छी डिमांड जिससे हो रहा मुनाफा
उद्यानिकी की विभाग की वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी भुवनेश्वरी कंवर का कहना है कि पहले तो कोरबा और आसपास के इलाकों में एप्पल बेर बाहर से ही आता था. लेकिन अब कोरबा जिले में इसकी खेती की शुरुआत की गई है.
कुछ किसानों ने इसकी खेती की है. उत्पादन भी अच्छा खासा हुआ है. मार्केट में डिमांड अधिक है. इसकी वजह से एप्पल बेर के अच्छे दाम भी मार्केट में मिल रहे हैं. एप्पल बेर की खेती कोरबा में अब तक नहीं होती थी. अभी इसकी शुरुआत है, इसलिए किसान अधिक से अधिक मुनाफा ले सकते हैं. किसान ने इसका प्रशिक्षण प्राप्त किया है. तकनीक सीख कर अब वह खुद ही इसका उत्पादन कर रहे हैं. योजना के तहत उन्हें सब्सिडी भी प्रदान की गई है- भुवनेश्वरी कंवर, वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी

कहां से होती है एप्पल बेर की आवक
एप्पल बेर (Apple plum) की खेती मुख्य रूप से भारत के गर्म और शुष्क क्षेत्रों में की जाती है. जहां का तापमान 40 डिग्री या इससे अधिक होता है. प्रमुख उत्पादक राज्यों में राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल हैं. एक जानकारी ये भी है कि यह एक थाईलैंड की किस्म है. जो भारत में लोकप्रिय है.
किस तरह के मौसम में उगता है एप्पल बेर
एप्पल बेर उष्णकटिबंधीय (Tropical) और उप-उष्णकटिबंधीय (Sub-tropical) जलवायु के लिए उपयुक्त है. रेतीली, दोमट या हल्की मिट्टी, जिसमें जल निकासी की अच्छी व्यवस्था हो. वहां के लिए भी यह सबसे अच्छी फसल होती है. इसे कम पानी में काफी अच्छे से उगाया जा सकता है. जिसके कारण एप्पल बेर की खेती करने वाले किसान काफी राहत महसूस करेंगे.
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