जयपुर में भीषण गर्मी के बीच एंटी स्मॉग गन बनी राहगीरों का सहारा, हीट वेव से मिलेगी निजात
जयपुर नगर निगम ने भीषण गर्मी से राहत दिलाने के लिए व्यस्त चौराहों पर एंटी स्मॉग गन से पानी की बौछार शुरू की है.

Published : April 29, 2026 at 8:30 PM IST
जयपुर: भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच जयपुर नगर निगम ने हीट वेव से राहत देने के लिए अनोखी पहल शुरू की है. शहर के प्रमुख चौराहों और व्यस्त मार्गों पर अब एंटी स्मोक गन के जरिए पानी की बौछार कर राहगीरों और वाहन चालकों को ठंडक पहुंचाई जा रही है. नगर निगम के बेड़े में शामिल 6 एंटी स्मोक गन को उन स्थानों पर तैनात किया गया है, जहां पब्लिक फुटफॉल ज्यादा रहता है. ये मशीनें हवा में बारीक पानी की बूंदों का छिड़काव करती हैं, जिससे आसपास का तापमान कुछ हद तक कम होता है और लोगों को राहत मिलती है.
कूलिंग के काम आ रही एंटी स्मोक गन: गैराज शाखा के एसई अतुल शर्मा ने बताया कि वर्तमान में जयपुर और आसपास के क्षेत्रों में तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है. ऐसे में हीट वेव और हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए ये प्रयोग किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि सामान्यतः एंटी स्मोक गन का उपयोग डस्ट सप्रेशन के लिए किया जाता है, लेकिन गर्मी को देखते हुए फिलहाल इसे कूलिंग के लिए इस्तेमाल में लिया जा रहा है. उन्होंने बताया कि प्रत्येक एंटी स्मोक गन में करीब 2000 लीटर पानी की क्षमता होती है और ये ड्रॉपलेट तकनीक के जरिए कम पानी में 6 से 8 घंटे तक लगातार काम कर सकती है.
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ट्रैफिक सिग्नल पर बनेंगे ग्रीन शेड कॉरिडोर!: वहीं, नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा ने कहा कि मई और जून साल के सबसे गर्म महीने होते हैं, इसलिए गर्मी से राहत देने के लिए इस तरह के उपाय किए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि यदि तापमान और बढ़ता है तो आगामी दिनों में बड़े फायर व्हीकल से भी पानी का छिड़काव किया जाएगा. निगम प्रशासन की आगे ट्रैफिक सिग्नल वाले प्रमुख चौराहों पर 'ग्रीन शेड कॉरिडोर' विकसित करने की भी प्लानिंग है, ताकि लाल बत्ती पर रुकने वाले वाहन चालकों को धूप से राहत मिल सके.

गौशालाओं में भी विशेष इंतजाम: इसके साथ ही गर्मी के मौसम में मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों को देखते हुए शहर में फॉगिंग और दवाई छिड़काव भी किया जाएगा. गौशालाओं में भी गौवंश के लिए पर्याप्त पेयजल और जरूरत पड़ने पर फॉगिंग की व्यवस्था की जाएगी. बहरहाल, नगर निगम का ये प्रयास फिलहाल लोगों को राहत देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे भीषण गर्मी के बीच शहरवासियों को कुछ हद तक सुकून मिल सके.

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