नर्सिंग से नशे तक, कंपाउंडर से तस्कर बना रामपाल, 67 लाख की एमडी के साथ पकड़ा
आरोपी को आठ साल पहले मध्यप्रदेश से डोडापोस्त लाते समय पुलिस ने गिरफ्तार किया था. उसे 2024 में जमानत मिली, लेकिन फिर तस्करी करने लगा.

Published : August 27, 2026 at 8:48 PM IST
जोधपुर: एएनटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक तस्कर को पकड़ा है, जो पेशे से नर्सिंगकर्मी था, लेकिन मोटी कमाई के लालच में मादक पदार्थों की तस्करी में लग गया. गुरुवार को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की टीम ने जोधपुर ग्रामीण के कापरड़ा थाना क्षेत्र में 2 किलो 231 ग्राम एमडी बरामद कर उसे दबोचा. बरामद एमडी की कीमत 67 लाख बताई गई है.
एएनटीएफ के चीफ और आईजी विकास कुमार ने बताया कि आरोपी रामपाल फलोदी का रहने वाला है. उसने बीएससी नर्सिंग कर रखी है और कुछ समय जोधपुर के निजी अस्पताल में काम किया, फिर डोडा-पोस्त की तस्करी में शामिल हो गया. 2018 में मध्य प्रदेश से डोडा-पोस्त लाते समय कोटा पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था. 6 साल बाद 2024 में जमानत मिली, लेकिन फिर तस्करी करने लगा.
आईजी ने बताया कि सूचना मिली थी कि रामपाल कार से जयपुर-जोधपुर हाईवे पर बिनावास टोल की तरफ आ रहा है. टीम बिनावास पहुंची और दो हिस्सों में निगरानी शुरू की. कार आती दिखी तो पीछा किया. टोल पर घेराबंदी कर रुकवाया और स्थानीय पुलिस को बुलाया. तलाशी में एमडी बरामद हुई. रामपाल से एमडी बनवाने और सप्लाई के ठिकानों पर पूछताछ की जा रही है.
कच्चे माल के बदले एमडी: आईजी विकास कुमार ने बताया कि मध्य प्रदेश में एमडी बनाने के केमिकल पर सख्ती से उपलब्धता कम हो गई. रामपाल ने एमडी की डिमांड की तो बदले में केमिकल के रूप में कच्चा माल मांगा गया. रामपाल जोधपुर क्षेत्र से केमिकल खरीद कर मध्य प्रदेश ले गया और वहां से एमडी बनवाने लगा. यह सिलसिला लगातार चलता रहा.

