ऑपेरशन मक्षिकापात: शराब तस्कर ने खेत में जुटाया एमडी बनाने का सामान, फैक्ट्री शुरू करने से पहले भंडाफोड़
बाड़मेर जिले के बावड़ी कलां गांव में एएनटीएफ ने दी दबिश, आरोपी गिरफ्तार, सामान-उपकरण जब्त.

Published : February 23, 2026 at 6:51 PM IST
जयपुर: राजस्थान में नशे की तस्करी और नशे के सौदागरों के खिलाफ एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) का एक्शन जारी है. अब एएनटीएफ ने ऑपेरशन मक्षिकापात के तहत बाड़मेर जिले के बावड़ी कलां गांव में रेतीले धोरों के बीच कमरे में नशे की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया. इस कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया. मौके से बड़े पैमाने पर सिंथेटिक ड्रग एमडी बनाने का सामान और उपकरण जब्त किए. गिरफ्तार आरोपी शराब का तस्कर है. शराब की तस्करी से कमाए रुपए फरारी काटने में खर्च हुए तो उसने एमडी बनाने का सामान जुटाकर फैक्ट्री शुरू करने की प्लानिंग की. फैक्ट्री शुरू होने से पहले ही एएनटीएफ ने आरोपी को दबोच लिया.
टिनशैड से बने कमरे में जुटाया सामान: एएनटीएफ के आईजी विकास कुमार ने बताया कि बाड़मेर जिले के रोड़ियों का तला बावड़ी कलां निवासी भगाराम भील को गिरफ्तार किया गया है. बावड़ी गांव के सुनसान धोरों में बंद कमरे में सिंथेटिक नशे की फैक्ट्री चलने की सूचना मिली थी. एएनटीएफ टीम मौके पर पहुंची तो टिनशैड से बना कमरा दिखा. जहां एक व्यक्ति मौजूद था. टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. छापेमारी के दौरान ड्रम और जरीकेन में एमडी बनाने की सामग्री मिली. उन्होंने बताया कि मिथाइल सल्फो मीथेन, टोल्विन, हाइड्रोक्लोराइड और कास्टिक सोडा मिला है.
शराब तस्करी के छह मुकदमे दर्ज: उन्होंने बताया कि आरोपी भगाराम दसवीं पास है, जो बाड़मेर से आईटीआई करने के बाद लोको पायलट बनने की तैयारी करने लगा. इसी दौरान उसकी पहचान शराब तस्कर बाबूलाल से हुई और वह शराब तस्करी करने लगा. वह हरियाणा से सस्ती शराब लाकर राजस्थान के रास्ते गुजरात में सप्लाई करने लगा. वह एक साल जेल में रहा तो उसका संपर्क कई अन्य शराब तस्करों से हो गया. उसके खिलाफ मेहसाणा, अहमदाबाद, वीरमगांव और राणपुर में शराब तस्करी के छह मुकदमे दर्ज हुए.

उधार लेकर 10-15 दिन पहले जुटाया सामान: आईजी विकास कुमार ने बताया कि फरारी के दौरान उसने पत्नी के गहने बेचकर काम चलाया. इसके बाद उसने 50 हजार रुपए उधार लेकर एमडी बनाने की फैक्ट्री लगाने की ठानी. पड़ताल में सामने आया कि आरोपी ने करीब 10-15 दिन पहले एमडी बनाने के केमिकल और उपकरण खेत पर बने कमरे में रखे थे. इसी दौरान एएनटीएफ को भनक लगी और उसे दबोच लिया. जांच में सामने आया है कि मौके से जब्त सामान से एमडी की 60 हजार खुराक बनती. उसका एक ग्राम एमडी तीन हजार रुपए में बेचने का प्लान था.
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