आगरा में सुशांत ताज सिटी में प्लॉट के नाम पर की ठगी, अंसल ग्रुप के प्रमोटर समेत अन्य पर मुकदमा
आगरा में अंसल ग्रुप की सुशांत ताज सिटी परियोजना में प्लॉट देने के नाम पर 12 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : March 9, 2026 at 10:08 AM IST
आगरा: आगरा की सुशांत ताज सिटी परियोजना में प्लॉट देने के नाम पर करीब 12 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. इस बारे में पीड़िता ने पुलिस के सुनवाई और कार्रवाई नहीं करने पर कोर्ट में शरण ली थी. जिस पर अब जगदीशपुरा थाना पुलिस ने अंसल ग्रुप के प्रमोटर सुशील अंसल, प्रणव अंसल, कंपनी के कर्मचारी बल्लभ कुमार शर्मा समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है.
एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर जगदीशपुरा थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है.
सिकंदरा निवासी आशा रानी शर्मा ने जगदीशपुरा थाना में शिकायत की. जिसमें लिखा कि सन 2014 में अंसल ग्रुप के प्रतिनिधियों ने उनसे संपर्क करके आगरा में विकसित की जा रही सुशांत ताज सिटी टाउनशिप में प्लॉट लेने का प्रस्ताव दिया था.
इसमें बताया था कि परियोजना का नक्शा स्वीकृत है. यहां पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त टाउनशिप विकसित की जाएगी. जिस पर मैंने और पति ने परियोजना में निवेश करने का निर्णय लिया था.
जमीन पर हो रही थी खेती
पीड़िता का आरोप है कंपनी ने उनके नाम प्लॉट संख्या बी-0087 का 8 जनवरी 2014 को अस्थायी आवंटन किया. इसके बाद 12 मार्च 2014 को अंतिम आवंटन पत्र जारी किया. जिसके बाद 17 मार्च 2015 को कब्जा देने का पत्र भी जारी किया. कंपनी ने प्लॉट की कीमत के रूप में लगभग 10.50 लाख रुपये तथा विकास शुल्क और अन्य मदों में रकम लेकर कुल करीब 11.69 लाख रुपये जमा कराए.
इसके बावजूद कंपनी ने प्लॉट की रजिस्ट्री उनके नाम नहीं कराई. कई बार कंपनी के कार्यालय के चक्कर लगाए. हर बार केवल आश्वासन मिला. इसके बाद में जानकारी हुई कि जिस भूमि पर कंपनी ने प्लॉट बेचा है. वो कंपनी के स्वामित्व में ही नहीं थी. राजस्व अभिलेखों में खसरा संख्या 755, मौजा पनवारी की जमीन किसी अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज है. वहां आज भी खेती हो रही है.
अदालत के आदेश पर मुकदमा
पीड़िता का आरोप है कि कंपनी के अधिकारियों ने साजिश के तहत ऐसे प्लॉट का आवंटन किया, जिसकी जमीन पर कंपनी का अधिकार ही नहीं था. इस पर मैंने पुलिस से शिकायत की. लेकिन, कार्रवाई नहीं हुई तो अदालत की शरण ली. जिस पर अदालत के आदेश पर जगदीशपुरा थाना पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है.
ये भी पढ़ें - आगरा में सीएम योगी बोले, यूपी में 81 मेडिकल कॉलेज, 2 एम्स; हम सब कर रहे नए भारत का दर्शन

