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क्या डॉक्टर राघव नरुला का सस्पेंशन वापस लेगी सरकार, फिर बनेगी सीनियर डॉक्टरों की जांच कमेटी

आईजीएमसी में हुए मारपीट के मामले में अब एक और कमेटी बनाई जाएगी. कमेटी में आईजीएमसी के सीनियर डॉक्टर शामिल होंगे.

क्या डॉक्टर राघव नरुला का सस्पेंशन वापस लेगी सरकार
क्या डॉक्टर राघव नरुला का सस्पेंशन वापस लेगी सरकार (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : December 29, 2025 at 6:02 PM IST

3 Min Read
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शिमला: आईजीएमसी में मरीज और डॉक्टर के बीच हुई मारपीट का मामला शांत होता दिख रहा है. डॉक्टरों के साथ साथ अब सरकार ने भी इस पर नरम रुख बरतना शुरू कर दिया है. आज आईजीएमसी के सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर और अन्य डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी. इससे मरीजों को राहत मिली है. वहीं, सरकार भी अब इस मामले पर नरम रुख अपनाती नजर आ रही है.

रिज पर मनरेगा का नाम बदलने के खिलाफ दिए गए धरने के दौरान सीएम ने इस मामले पर पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि 'मैंने डॉक्टरों को नौकरी ज्वाइन करने के लिए कहा था. डॉक्टरों ने नौकरी ज्वाइन कर ली है इसकी हमें खुशी है. आईजीएमसी की रिपोर्ट पर ही डॉक्टर पर फैसला लिया था. अब हम आईजीएमसी के एक सीनियर डॉक्टर की एक और कमेटी बनाएंगे और जल्दी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहेंगे. डॉक्टर को टर्मिनेट डायरेक्टर ऑफ हेल्थ सर्विस ने नौकरी, जबकि आईजीएमसी ने एसआरशिप से टर्मिनेट किया था. हमारी सरकार किसी का करियर खत्म करने नहीं आई है. अब कमेटी जल्दी ही अपनी रिपोर्ट सब्मिट करेगी और उसके अनुसार ही काम करेंगे.'

सीएम ने दी थी नसीहत

सीएम सुक्खू ने रविवार को दिल्ली से लौटने के बाद भी डॉक्टरों को काम पर लौटने की हिदायत दी थी. इसके बाद आज डॉक्टर काम पर वापस लौट गए थे. रविवार को दिल्ली से लौटे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने कहा था कि 'मैंने खुद डॉक्टरों को आश्वासन दिया था. बावजूद इसके वो हड़ताल पर चले गए. उन्हें मुख्यमंत्री की बात पर विश्वास करना चाहिए था. रेडिडेंट डॉक्टरों को अपना अहंकार छोड़कर वापस ड्यूटी पर आना चाहिए. डॉक्टरों से आग्रह है कि वो सोमवार से अपनी ड्यूटी पर लौटें. सीनियर डॉक्टरों से को अपने सरकारी आवास पर बुलाकर उनसे बातचीत करेंगे. रेजिडेंट डॉक्टरों को अपनी हड़ताल खत्म करदेनी चाहिए.'

क्या है मामला

गौरतलब है कि 22 दिसंबर को एक वीडियो वायरल होता है, जिसमें आईजीएमसी शिमला का एक सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. राघव नरूला और एक मरीज के बीच मारपीट होती है. वीडियो में मरीज और डॉक्टर एक दूसरे पर लात और घूसे चलाते नजर आए थे. वीडियो वायरल होने के बाद मामला ने तूल पकड़ लिया. इसके बाद डॉक्टर को सस्पेंड किया जाता है. उसके बाद सरकार द्वारा सख्त कार्रवाई करते हुए डॉक्टर की सेवा समाप्ति (Termination) के आदेश दिए जाते हैं. डॉ. राघव नरूला के टर्मिनेशन को रद्द करने की मांग को लेकर आईजीएमसी शिमला के रेजिडेंट डॉक्टर्स हड़ताल शुरू कर देते हैं. आरडीए एम्स दिल्ली भी डॉ. राघव नरूला के समर्थन में उतरती है. रेजिडेंट डॉक्टर्स का आरोप था कि मामले में एकतरफा कार्रवाई की गई है. मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और डॉ. राघव नरूला की सेवाएं भी बहाल की जाएं.

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