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35 लाख की 18 हजार प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल तस्करी मामला, एक और आरोपी रुड़की से गिरफ्तार

मंगलौर कस्बा क्षेत्र से एसटीएफ एएनटीएफ ने 35 लाख के 18 हजार प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए थे

TRAMADOL CAPSULE SMUGGLER ARRESTED
ट्रामाडोल कैप्सूल तस्करी मामले में एक और गिरफ्तारी (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : June 27, 2026 at 9:36 AM IST

3 Min Read
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रुडकी: हरिद्वार जिले के मंगलौर कस्बा क्षेत्र से एसटीएफ/एएनटीएफ द्वारा कुछ समय पहले बरामद किए गए 35 लाख के 18 हजार प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल तस्करी मामले में गिरोह के एक और सक्रिय सदस्य को एसटीएफ की टीम द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है. बताया गया है कि पकड़ा गया आरोपी मुख्य आरोपी सचिन मनिहाल के लिए उत्तराखंड में रिसीवर एवं डिस्ट्रीब्यूटर का कार्य करता था.

18 हजार प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल तस्करी मामला: दरअसल, प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के 'ड्रग्स फ्री देवभूमि' अभियान के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ के नेतृत्व में राज्यभर में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है. इसी क्रम में बीती 11 मई को एसटीएफ/एएनटीएफ और मंगलौर कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने मिलकर कार्रवाई के दौरान 18 हजार प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए गए थे. इस संबंध में मंगलौर पुलिस द्वारा संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया था.

प्रतिबंधित कैप्सूल मामले में अंकित प्रजापति की भूमिका: प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुए उक्त मामले की विवेचना स्पेशल टास्क फोर्स देहरादून से सम्पादित की जा रही है. विवेचना के दौरान पूर्व में गिरफ्तार आरोपी सचिन मनिहाल से प्राप्त साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्यों एवं तकनीकी जांच के आधार पर अंकित कुमार प्रजापति पुत्र राजेन्द्र कुमार निवासी नियाजूपुरा माजरा, शहाबुद्दीनपुर, मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) हाल निवासी संतुष्टि विहार, प्रदीप बिहार कॉलोनी, रुड़की, की भूमिका प्रकाश में आई.

प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल की अवैध सप्लाई करता था अंकित: जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी अंकित कुमार प्रजापति जनवरी 2026 से सह-आरोपी सचिन मनिहाल से SPASMORE (Tramadol) Capsules प्राप्त कर हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में अवैध रूप से सप्लाई करता था. साथ ही प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री से प्राप्त धनराशि में अपनी कमीशन काटकर शेष राशि सह-आरोपी को नकद और बैंक खाते के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती थी.

एसटीएफ ने जुटाए सबूत: पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों से यह भी स्पष्ट हुआ कि अभियुक्त को जनवरी 2026 से अब तक लगभग 77 पेटियां (करीब 6,930 डिब्बे) SPASMORE कैप्सूल विभिन्न खेपों में प्राप्त हुई थीं. 27 अप्रैल 2026 को भेजी गई खेप के संबंध में अभियुक्त के बयान बैंक लेन-देन एवं डिजिटल साक्ष्यों से पूर्णतः पुष्ट हुए हैं. विवेचना में यह भी पाया गया कि अभियुक्त ने पुलिस कार्रवाई से बचने के उद्देश्य से सह-अभियुक्त के साथ की गई महत्वपूर्ण व्हाट्सएप चैट एवं कॉल रिकॉर्ड जानबूझकर डिलीट कर दिए थे, जिनकी पुष्टि डिजिटल साक्ष्यों से हुई है.

एसटीएफ ने अंकित प्रजापति को किया गिरफ्तार: वहीं एसटीएफ टीम ने इस मामले में कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए अभियुक्त अंकित कुमार प्रजापति को विधिक प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार किया. उसके कब्जे से दो अलग-अलग कंपनियों के मोबाइल फोन बरामद कर अग्रिम विधिक कार्रवाई हेतु सीज किया गया है.

अंकित के खिलाफ 4 मुकदमे दर्ज हैं: एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि-

आरोपी अंकित के खिलाफ पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में 4 मुकदमे पंजीकृत हैं. आरोपी के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक, आर्थिक लाभ, बैंक खातों, डिजिटल साक्ष्यों तथा पूरे सप्लाई नेटवर्क की विस्तृत जांच की जा रही है. प्रकरण में अन्य संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध भी जल्द ही प्रभावी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.-अजय सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ-

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