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अंकित बालियान हत्याकांड: यूपी पुलिस ने मुठभेड़ में मारे दो इनामी शूटर; दो पुलिसकर्मी घायल, टीम को मिला 2 लाख का इनाम

डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि अंकित बालियान हत्याकांड में यूपी पुलिस ने दो इनामी शूटरों मोहित और सुमित को एनकाउंटर में मार गिराया है.

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डीजीपी राजीव कृष्ण का खुलासा: गैंगवार का नतीजा हो सकती है अंकित बालियान की हत्या. (Photo Credit: ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : August 31, 2026 at 3:46 PM IST

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Updated : August 31, 2026 at 4:23 PM IST

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लखनऊ: अंकित बालियान हत्याकांड में यूपी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो इनामी शूटरों को मुठभेड़ में मार गिराया है. सोमवार को पुलिस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराध और अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है.

अंकित बालियान की हत्या में शामिल दो शूटरों को पुलिस मुठभेड़ में ढेर किया गया है. डीजीपी ने बताया कि अंकित बालियान की हत्या को कुल चार शूटरों ने अंजाम दिया था.

जानकारी देते डीजीपी राजीव कृष्ण. (Video Credit: ETV Bharat)

गैंगवार के एंगल से की जा रही है जांच: इनमें से दो शूटर पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं, जबकि बाकी दो शूटरों की तलाश की जा रही है. पुलिस उनकी पहचान और भूमिका को लेकर जांच आगे बढ़ा रही है. इस कामयाबी के बाद कार्रवाई करने वाली टीम को दो लाख का इनाम दिया गया है. डीजीपी ने अंकित बालियान की हत्या के पीछे की वजह को लेकर कहा कि शुरुआती जांच में दो गैंगों के बीच गैंगवार का एंगल सामने आ रहा है.

तीन साल पुराना गाना भी जांच के दायरे में: डीजीपी के मुताबिक, यह अनुमान लगाया जा रहा है कि अंकित बालियान की हत्या इसी गैंगवार का नतीजा हो सकती है. डीजीपी ने बताया कि करीब तीन साल पहले अंकित बालियान ने एक गाना रिलीज किया था और उसमें उन्होंने काम भी किया था. पुलिस इस पुराने गाने को भी पूरे घटनाक्रम से जोड़कर देख रही है. हालांकि डीजीपी ने इसे हत्या की पक्की वजह के तौर पर नहीं बताया, बल्कि इस संबंध में अनुमान और जांच के आधार पर पड़ताल किए जाने की बात कही.

3 साल पुराना गाना बना रंजिश की वजह: डीजीपी के मुताबिक, करीब साढ़े तीन साल पहले अंकित बालियान ने एक गाना रिलीज किया था, जिसमें उन्होंने अभिनय भी किया था. गाने में कोर्ट और गोलीबारी का जिक्र था. जांच में यह अनुमान सामने आया है कि गोगी गैंग से जुड़े लोगों ने इस गाने को अपने गैंग से जोड़कर देखा और उन्हें शक हुआ कि अंकित ने उनके विरोधी गैंग से जुड़े गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया के समर्थन में यह गाना बनाया है.

गोगी और टिल्लू गैंग के बीच खूनी रंजिश: गोगी गैंग और टिल्लू ताजपुरिया गैंग के बीच लंबे समय से चली आ रही दुश्मनी का अपना इतिहास रहा है. गोगी गैंग के सरगना जितेंद्र मान उर्फ गोगी और टिल्लू ताजपुरिया कभी साथ थे, लेकिन बाद में दोनों अलग-अलग गैंग के साथ हो गए और वर्चस्व की लड़ाई खूनी गैंगवार में बदल गई. सितंबर 2021 में दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में पेशी के दौरान वकील के वेश में आए हमलावरों ने जितेंद्र गोगी की हत्या कर दी थी और पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों हमलावर भी मारे गए थे.

गैंगवार की पुरानी कड़ी खंगाल रही पुलिस: इसके बाद भी दोनों गैंग से जुड़े लोगों के बीच दुश्मनी और हिंसक संघर्ष जारी रहा. अंकित बालियान की हत्या के मामले में अब पुलिस इसी पुराने गैंगवार की कड़ी को खंगाल रही है. डीजीपी के मुताबिक, ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि अंकित का वह गाना ही हत्या की मुख्य वजह बना और इसी को लेकर गोगी गैंग से उसकी रंजिश पैदा हुई.

हत्याकांड में हुआ विदेशी हथियारों का इस्तेमाल: पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि तीन साल पुराने इस गाने का दो गैंगों के बीच चल रही रंजिश से क्या संबंध था और क्या इसी वजह से अंकित बालियान किसी गैंग के निशाने पर आए. डीजीपी ने बताया कि अंकित बालियान की हत्या में विदेशी असलहों का इस्तेमाल किया गया था. पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि गैंग से जुड़े सदस्यों ने शूटरों को हथियार उपलब्ध कराए थे. डीजीपी के मुताबिक अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि विदेशी हथियार गैंग के सदस्यों तक कैसे पहुंचे और उन्हें शूटरों तक किसने पहुंचाया.

फाइनेंशियल लेन-देन की भी पुलिस कर रही पड़ताल: इससे यह भी संकेत मिलता है कि हत्याकांड में सिर्फ शूटर ही नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे मौजूद लोगों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है, जिसकी जांच की जा रही है. डीजीपी ने यह भी कहा कि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि शूटरों के साथ फाइनेंशियल लेन देन हुआ हो. पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या अंकित बालियान की हत्या के लिए शूटरों को पैसे उपलब्ध कराए गए थे. यानी जांच अब तीन प्रमुख बिंदुओं पर आगे बढ़ रही है कि हत्या की साजिश किसने रची, शूटरों को विदेशी हथियार किसने उपलब्ध कराए और क्या हत्या के बदले उनके साथ कोई आर्थिक लेन देन हुआ है.

मुठभेड़ में दो इनामी शूटर ढेर, पुलिसकर्मी घायल: डीजीपी के मुताबिक अंकित बालियान हत्याकांड में शामिल दो इनामी शूटरों की पहचान मोहित और सुमित के रूप में हुई है, जिन पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था. शामली में पुलिस, स्वाट और अन्य टीमों की संयुक्त कार्रवाई के दौरान दोनों की पुलिस से मुठभेड़ हुई. जवाबी फायरिंग में गोली लगने से दोनों शूटर घायल हुए और अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. मुठभेड़ में स्वाट टीम के हेड कांस्टेबल हरविंदर और प्रदीप भी गोली लगने से घायल हुए हैं, वहीं मौके से असलहे, कारतूस, बाइक और नकदी बरामद की गई है.

साजिश और फंडिंग के एंगल पर पड़ताल जारी: पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और गाने को हत्या की अंतिम वजह मानने से पहले साजिश, सुपारी, भुगतान और गैंग से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है.

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Last Updated : August 31, 2026 at 4:23 PM IST