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कुमाऊं महोत्सव में अब नहीं होगी ऊंटों की सवारी, पशु सुरक्षा सेवा समिति ने मुक्त कराए 'राजू' और 'मोती'

कुमाऊं महोत्सव में बिना पंजीकरण राजू और मोती नामक ऊंटों के व्यावसायिक उपयोग पर हुई कार्रवाई, दोनों ऊंटों को जयपुर भेज दिया गया है

CAMELS FREED IN ALMORA
ऊंट मुक्त कराए गए (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : June 30, 2026 at 8:13 AM IST

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Updated : June 30, 2026 at 9:01 AM IST

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अल्मोड़ा: कुमाऊं महोत्सव में व्यावसायिक उपयोग के लिए लाए गए दो ऊंटों 'राजू' और 'मोती' को नौ वर्ष बाद रेस्क्यू कर उनके प्राकृतिक पर्यावास जयपुर भेज दिया गया है. पशु सुरक्षा सेवा समिति की पहल पर हुई इस कार्रवाई के बाद दोनों ऊंटों को अल्मोड़ा से रवाना किया गया.

कुमाऊं महोत्सव में नहीं होगी ऊंट की सवारी: जानकारी के अनुसार रामनगर के ढिकुली निवासी शाहिद अंसारी 22 जून को दोनों ऊंटों को लेकर कुमाऊं महोत्सव पहुंचे थे. यहां वह लोगों को ऊंट की सवारी कराकर आय अर्जित कर रहे थे. इसकी जानकारी मिलते ही पशु सुरक्षा सेवा समिति के लोग मौके पर पहुंचे. उन्होंने शाहिद को बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में ऊंटों का व्यावसायिक उपयोग प्रतिबंधित है. इसके लिए आवश्यक पंजीकरण भी नहीं कराया गया था.

राजू और मोती जयपुर भेजे गए: समिति ने संचालक शाहिद अंसारी को 23 जून तक ऊंटों को वापस ले जाने की सलाह दी थी. लेकिन इसके बावजूद 27 जून तक दोनों ऊंटों का व्यावसायिक उपयोग कुमाऊं महोत्सव में जारी रहा. इसके बाद समिति ने संचालक के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी.

पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत हुई कार्रवाई: 27 जून को प्रशासन की ओर से दोनों ऊंटों को अपने कब्जे में लेकर 28 जून को जयपुर भेज दिया गया. जानकारी के अनुसार इनको जयपुर ले जाने के लिए राजस्थान से एक टीम अल्मोड़ा पहुंची थी, जो उन्हें लेकर राजस्थान के जयपुर को लेकर रवाना हो गई. इधर संचालक शाहिद अंसारी के अनुसार उन्होंने बिजनौर से करीब छह लाख रुपये में दोनों ऊंट खरीदे थे. वो जगह जगह मेलों में जाकर लोगों को सवारी कराकर ही परिवार का पालन-पोषण करते थे.

उनका कहना है कि ऊंटों को रेस्क्यू करने के बाद उनकी आजीविका प्रभावित हुई है. उन्होंने बताया कि उन पर सात लाख रुपये का कर्ज है और परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी भी है. वहीं, पशु सुरक्षा समिति ने इसे पशु संरक्षण और कानून के पालन की दिशा में आवश्यक कार्रवाई बताया.
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Last Updated : June 30, 2026 at 9:01 AM IST