24 फरवरी को पेश होगा झारखंड का बजट, 2025-26 की नींव पर कितना बड़ा और कितना असरदार होगा 2026-27 का बजट?
24 फरवरी को झारखंड विधानसभा में साल 2026-27 का वार्षिक बजट पेश होने वाला है. यह बजट कैसा होगा, इस पर एक रिपोर्ट.

Published : February 23, 2026 at 4:29 PM IST
रांची: झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर 24 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट विधानसभा में पेश करने जा रहे हैं. बजट से पहले राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता तक की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार किन क्षेत्रों को प्राथमिकता देगी और क्या यह बजट रोजगार, विकास और सामाजिक न्याय की अपेक्षाओं पर खरा उतरेगा.
वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट से क्या उम्मीदें?
वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट कई मायनों में अहम माना जा रहा है. जानकारों का मानना है कि इस बार सरकार रोजगार सृजन, शहरी विकास और औद्योगिक निवेश पर पहले से ज्यादा फोकस कर सकती है. इसके साथ ही सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को और मजबूत करने की संभावना जताई जा रही है.
महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं का दायरा बढ़ सकता है, वहीं युवाओं के लिए नई रोजगार योजनाएं और स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने वाले प्रावधान बजट में शामिल हो सकते हैं. आदिवासी बहुल इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी से जुड़ी परियोजनाओं के लिए विशेष व्यवस्था की भी उम्मीद की जा रही है.
बजट का संभावित आकार
आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, 2026-27 का बजट 1.55 लाख करोड़ से 1.60 लाख करोड़ के बीच हो सकता है. अगर ऐसा होता है, तो यह पिछले बजट की तुलना में करीब 7 से 10 प्रतिशत की वृद्धि होगी. यह बढ़ोतरी राज्य की आर्थिक गतिविधियों को गति देने और नई योजनाओं के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने में मददगार साबित हो सकती है.
सरकार की संभावित प्राथमिकताएं
- रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना
- शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार
- महिला और आदिवासी सशक्तिकरण
- शहरी और ग्रामीण बुनियादी ढांचे का विकास
- निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देना
2025-26 के बजट में विकास और कल्याण का था संतुलन
वित्तीय वर्ष 2025-26 में झारखंड सरकार ने करीब 1.45 लाख करोड़ का बजट पेश किया था. इसे अबुआ बजट नाम दिया गया था. इसमें सामाजिक कल्याण के साथ-साथ बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष जोर दिया गया था. सरकार का फोकस स्पष्ट रूप से उन वर्गों पर था, जो लंबे समय से विकास की मुख्यधारा से पीछे रहे हैं.
इस बजट में महिलाओं, आदिवासियों, दलितों और ग्रामीण आबादी के लिए कई योजनाओं को प्राथमिकता दी गई. शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने, छात्रवृत्ति योजनाओं के विस्तार और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की घोषणाएं की गईं. वहीं स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सशक्त करने और गरीबों को सस्ती एवं मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया.
मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना पर था विशेष जोर
वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में "मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना " के लिए विशेष प्रावधान करते हुए करीब 13,363 करोड़ का बजटीय उपबंध किया गया था. इसका उद्देश्य राज्य की महिलाओं का आर्थिक सहायता देना और सशक्त बनाना था. इस योजना का लाभ 18 साल से 50 वर्ष आयु की महिलाओं को दिया जा रहा है.
रोजगार और ग्रामीण विकास पर खास ध्यान
2025-26 के बजट की एक अहम विशेषता रोजगार और कौशल विकास रही. युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों और कौशल विकास योजनाओं के लिए बजट में प्रावधान किया गया. ग्रामीण इलाकों में सड़क, सिंचाई, पेयजल और आवास से जुड़ी परियोजनाओं को गति देने का लक्ष्य रखा गया, ताकि गांवों से शहरों की ओर पलायन को रोका जा सके. पिछली बार मुफ्त बिजली के लिए 5 हजार करोड़ का प्रावधान था.
24 फरवरी को पेश होने वाला बजट यह तय करेगा कि झारखंड सरकार विकास की मौजूदा दिशा को कैसे आगे बढ़ाती है. 2025-26 के बजट ने जिस आधार को तैयार किया था, उस पर 2026-27 का बजट कितना मजबूत ढांचा खड़ा करता है, यह देखना दिलचस्प होगा.
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