छत्तीसगढ़ विधानसभा में राष्ट्रगान और राज्यगीत का अपमान, जेसीसीजे चीफ अमित जोगी का साय सरकार पर हमला
अमित जोगी ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में राष्ट्रगान और राज्यगीत के अपमान का आरोप लगाया है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : December 14, 2025 at 10:32 PM IST
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र की शुरुआत रविवार से हुई है. पहले दिन सदन की कार्यवाही की शुरुआत राष्ट्रगान और राजकीय गीत से न होने पर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने कड़ा ऐतराज जताया है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने इसे गौरवशाली संवैधानिक परंपराओं के विरुद्ध बताया है. उन्होंने कहा कि यह छत्तीसगढ़ की अस्मिता और राजकीय मर्यादा का अपमान है.
छत्तीसगढ़ में गौरवशाली परंपरा का उल्लंघन- अमित जोगी
अमित जोगी ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा, जो जनता की आस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों का सर्वोच्च मंच है, वहां सत्र की शुरुआत न तो राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ से हुई और न ही राजकीय गीत ‘अरपा पैरी के धार’ से हुई. यह छत्तीसगढ़ के लोकतांत्रिक इतिहास में पहली बार हुआ है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है.
राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक पहचान का अपमान
अमित जोगी ने कहा कि ‘जन गण मन’ राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है और ‘अरपा पैरी के धार’ छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा है. इन दोनों की उपेक्षा केवल लापरवाही नहीं, बल्कि राज्य की पहचान और संवैधानिक मर्यादा के प्रति जानबूझकर किया गया अपमान है
1 नवंबर 2000 को नवगठित छत्तीसगढ़ राज्य की पहली विधानसभा की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई थी. यह एक स्थापित, गौरवशाली और संवैधानिक परंपरा थी, जिसे शीतकालीन सत्र में तोड़ दिया गया- अमित जोगी, अध्यक्ष, जेसीसीजे
"मिनीमाता जी का नाम हटाने से जुड़ा पुराना जख्म"
उन्होंने कहा कि इससे पहले विधानसभा भवन से समाज सुधारक और राज्य की महान विभूति स्वर्गीय मिनीमाता जी का नाम हटाया जाना भी राज्य की भावनाओं को आहत करने वाला कदम था. अब राष्ट्रगान और राज्यगीत की अनदेखी कर राज्य गौरव पर दूसरा प्रहार किया गया है.
अरपा पैरी के धार केवल एक गीत नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी, संघर्ष और जन-आकांक्षाओं का प्रतीक है. इसकी उपेक्षा सीधे-सीधे छत्तीसगढ़िया अस्मिता पर हमला है- अमित जोगी, अध्यक्ष, जेसीसीजे
अमित जोगी ने की माफी की मांग
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने राज्य की जनता की ओर से तत्काल स्पष्टीकरण और बिना शर्त माफी की मांग की है. साथ ही पार्टी ने मांग की कि विधानसभा में राष्ट्रगान और राज्यगीत की परंपरा तुरंत बहाल की जाए. अमित जोगी ने कहा कि मिनीमाता जी सहित सभी राज्य निर्माताओं और महापुरुषों के सम्मान को भी विधानसभा में सुनिश्चित किया जाए, ताकि छत्तीसगढ़ का स्वाभिमान गर्वित रहे.

