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गंगा दशमी पर गोविंद देव जी मंदिर में लगी दिव्य जलविहार झांकी, सजाई गई चांदी की हौदी

जयपुर में भीषण गर्मी के बीच गंगा दशमी पर गोविंद देव जी मंदिर में ठाकुर जी को शीतल जलविहार झांकी सजाई गई.

गोविंद देव जी मंजिर में जलविहार झांकी सजाई गई
गोविंद देव जी मंजिर में जलविहार झांकी सजाई गई (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : May 25, 2026 at 6:20 PM IST

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जयपुर: राजधानी में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच गंगा दशमी के पावन अवसर पर सोमवार को आराध्य गोविंद देव जी मंदिर में ठाकुर श्री गोविंद देव जी महाराज को शीतलता प्रदान करने के लिए विशेष जलविहार झांकी सजाई गई. मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ परंपरा का निर्वहन किया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु ठाकुर जी के दर्शनों के लिए मंदिर पहुंचे और जलयात्रा की झांकी के दर्शन कर भाव-विभोर हो उठे. गंगा दशमी के अवसर पर मंदिर में ठाकुर जी के समक्ष चांदी की विशेष कमलाकार हौदी सजाई गई, जिसमें शीतल जल भरा गया, जिसने झांकी को दिव्यता प्रदान की.

मंदिर में 10 फव्वारे लगाए गए: ग्रीष्म ऋतु में भगवान को शीतलता अर्पित करना सेवा का स्वरूप माना जाता है. इसी परंपरा के तहत जलविहार और जलयात्रा उत्सव का आयोजन किया जाता रहा है. मंदिर के मुख्य सेवादार मानस गोस्वामी ने बताया कि ठाकुर जी को गर्मी से राहत देने के लिए मंदिर परिसर में 10 विशेष फव्वारे लगाए गए. इस अवसर पर ठाकुर श्री गोविंद देव जी महाराज को विशेष श्वेत पोशाक धारण कराई गई. सफेद रंग की पोशाक और पुष्प सज्जा ने झांकी की सुंदरता को और अधिक मनोहारी बना दिया. उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में सफेद वस्त्रों को शीतलता और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है, इसलिए गंगा दशमी पर ये विशेष श्रृंगार किया गया.

गोविंद देव जी मंदिर में 10 विशेष फव्वारे लगाए गए. (ETV Bharat Jaipur)

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जलविहार और जलयात्रा उत्सव की परंपरा: वहीं, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गंगा दशमी वो पावन तिथि है, जब मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था. इसी कारण इस दिन जल, शीतलता और पवित्रता से जुड़े विशेष धार्मिक आयोजन किए जाते हैं. जयपुर के आराध्य देव गोविंद देव जी मंदिर में वर्षों से जलविहार और जलयात्रा उत्सव की परंपरा निभाई जा रही है. भीषण गर्मी के बीच ये आयोजन केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं बना, बल्कि भारतीय मंदिर परंपराओं में प्रकृति और ऋतु के अनुरूप सेवा भाव की जीवंत झलक भी प्रस्तुत करता नजर आया. मंदिर में विशेष जलयात्रा झांकी के दौरान मंदिर परिसर 'राधे-राधे' और गोविंद देव जी महाराज के जयकारों से गूंज उठा. श्रद्धालुओं ने ठाकुर जी के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और गर्मी से राहत की कामना की.

बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे
बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे (ETV Bharat Jaipur)

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