अमेठी में हादसे-दर-हादसे, 3 साल में 744 की मौत, ये हैं 5 बड़ी वजहें
जिले में सड़क हादसे साल दर साल तेजी से बढ़ रहे, ट्रैफिक पुलिस ने जारी की एडवाइजरी.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 9, 2026 at 2:01 PM IST
|Updated : January 9, 2026 at 2:06 PM IST
अमेठी : अमेठी जिले में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों से सिस्टम पर सवाल खड़े हो रहे हैं. आंकड़ों पर गौर करें तो अमेठी में विगत तीन वर्षों से लगातार सड़क हादसों और उसमें जान गंवाने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है. बीते तीन वर्षों में 1105 दुर्घटनाओं में 744 लोगों की मौत और 586 लोगों के घायल होने का रिकार्ड बना है. सड़क दुर्घटनाओं के पीछे पांच बड़े कारण सामने आए हैं. पढ़ें ईटीवी भारत की विस्तृत खबर...
अमेठी जिले की बात करें तो हालात बेहद चिंताजनक हैं. यहां साल दर साल सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ ऊपर चढ़ता जा रहा है. आंकड़ों पर नजर डालें तो बीते तीन साल में अमेठी जिले में कुल 1105 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं. इन हादसों में 744 लोगों की आसामयिक मौत हो गई और 586 लोग घायल हुए. पुलिस रिकार्ड में वर्ष 2023 में 330 दुर्घटनाएं दर्ज हुईं. जिसमें 228 लोगों की जान गई और 155 लोग घायल हुए. साल 2024 में 356 दुर्घटनाओं में 242 लोगों की मौत हुई और 205 लोग घायल हुए. 2025 में दुर्घटनाएं करीब 20 फीसदी बढ़कर 419 हो गईं. जिसमें 274 लोगों की मौत हुई और 226 लोग घायल हुए.
बीते 6 महीनों की बात करें तो सड़क दुर्घटनाओं में अमेठी ने कीर्तिमान स्थापित कर दिया है. बीते छह महीने में जिले में 227 सड़क हादसे हो चुके हैं. जिसमें 124 लोगों की मौत हुई. जबकि 152 लोग घायल हुए थे. इसके बावजूद संबंधित जिम्मेदार कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं.
ओवरस्पीड और लापरवाही पूर्ण ड्राइविंग
सड़क हादसों के पीछे 5 बड़े कारण सामने आए हैं. पहला बड़ा कारण ओवरस्पीड और लापरवाही से गाड़ी चलाना है. इसके अलावा खरीब सड़कें, कस्बों व नो हेड लाइट जोन की स्ट्रीट लाइटों का खराब होना, ब्लैक स्पाॅट व अंधे-खतरनाक मोड़ पर साइन बोर्ड न होना बड़े कारण हैं. यातायात पुलिस नियमित चेकिंग और चालान तो करती है, लेकिन मूलभूत संसाधनों सीसीटीवी, स्पीड कंट्रोल कैमरों, साइन बोर्डों के रख रखाव, यातायात संचालन प्रक्रिया पर ध्यान नहीं देती है.
ट्रैफिक नियमों की खुलेआम अनदेखी : ट्रैफिक नियमों की अनदेखी भी जानलेवा हादसों की बड़ी वजह है. बिना हेलमेट, सीट बेल्ट के लोग सड़कों पर फर्राटे भरते हैं. भारी वाहनों ट्रक, ट्रेलर और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर रिफ्लेक्टर नदारद होने के साथ ओवरलोडिंग व नशे में ड्राइविंग भी बड़ी चूक है.
अमेठी एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि अभियान चलाकर शहर के 13 ब्लैक स्पाॅट में से 5 पर रोड साइन, मोड़ साइन और व रेट्रो रिफ्लेक्टर टेप लगवाए जा चुके हैं. अन्य ब्लैक स्पाट पर भी काम किया जा रहा है. जिन स्थानों पर बार-बार हादसे होते हैं, वहां चेतावनी बोर्ड लगाने के साथ सड़क की डिजाइन में सुधार कराने के प्रयास किए जा रहे हैं. साथ ही 4 पहिया वाहनों, ट्रकों, ट्रेलर, ट्रैक्टर-ट्रालियों समेत अन्य वाहनों पर रेट्रो रिफ्लेक्टर टेप लगवाए जा रहे हैं. सड़क पर पुलिस की पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है. यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है.
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