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हड़ताल के तीसरे दिन सड़कों पर उतरे एम्बुलेंस कर्मी, मंडी में सरकार-कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन

मंडी में अपनी मांगों को लेकर एम्बुलेंस कर्मी अपनी मांगों को लेकर तीसरे दिन भी हड़ताल पर हैं.

हड़ताल के तीसरे दिन सड़कों पर उतरे एम्बुलेंस कर्मी
हड़ताल के तीसरे दिन सड़कों पर उतरे एम्बुलेंस कर्मी (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : February 14, 2026 at 4:01 PM IST

3 Min Read
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मंडी: हिमाचल प्रदेश के मंडी में हड़ताल पर चल रहे एम्बुलेंस कर्मचारियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. एम्बुलेंस कर्मचारी यूनियन की हड़ताल के तीसरे दिन शनिवार को मंडी शहर के चौहट्टा बाजार में सरकार और निजी कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया.

इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार और निजी कंपनी का पुतला जलाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया. पुतला दहन से पहले कर्मचारियों द्वारा शहर में प्रतीकात्मक शव यात्रा भी निकाली गई, जिससे आम जनता का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित किया जा सके. इस प्रदर्शन का नेतृत्व सीटू ने किया. प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए सरकार और कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए.

सीटू जिला प्रधान भूपेंद्र सिंह और यूनियन प्रधान सुमित कुमार ने कहा, 'सरकार और निजी कंपनी द्वारा एम्बुलेंस कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन तक नहीं दिया जा रहा है. कर्मचारियों से ओवरटाइम कराया जाता है, लेकिन उसका भुगतान नहीं किया जाता. इसके अलावा वेतन में हाउस रेंट और ओवरटाइम को जोड़कर दिखाया जा रहा है, जबकि वास्तव में कर्मचारियों को बहुत कम राशि मिल रही है'.

यूनियन नेताओं ने बताया कि वर्ष 2022 में पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में निजी कंपनी के साथ पांच साल का समझौता किया गया था. इस समझौते के तहत मजदूरों को दिए जाने वाले मासिक वेतन में ओवरटाइम और हाउस रेंट को शामिल कर दिया गया, जबकि कंपनी द्वारा अदा किया जाने वाला पीएफ भी मजदूरों के वेतन से ही काटा जा रहा है. वर्तमान में कर्मचारियों को मात्र 5700 रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है, जबकि सरकार की तय दरों के अनुसार उन्हें 13,750 रुपये वेतन मिलना चाहिए. इसके अतिरिक्त दो गुना ओवरटाइम अलग से देय है, जो कंपनी द्वारा नहीं दिया जा रहा.

यूनियन प्रधान सुमित कुमार ने बताया कि 6 फरवरी को कर्मचारियों ने स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल और स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा को शिमला में ज्ञापन सौंपा था, लेकिन अब तक इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई है. आंदोलन की अगली रणनीति की जानकारी देते हुए यूनियन नेताओं ने बताया कि रविवार को महात्मा गांधी की प्रतिमा, गांधी चौक मंडी में मुंह, आंख और कान पर काली पट्टियां बांधकर सांकेतिक प्रदर्शन किया जाएगा. वहीं, सोमवार को शिमला में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंधक निदेशक कार्यालय का घेराव किया जाएगा.

यूनियन नेताओं ने साफ चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और अधिक उग्र और तेज किया जाएगा. कर्मचारियों का कहना है, 'मजबूरी में उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है और जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा'.

इस प्रदर्शन का नेतृत्व सीटू जिला प्रधान भूपेंद्र सिंह, जिला महासचिव राजेश शर्मा, एम्बुलेंस कर्मचारी यूनियन के प्रधान सुमित कुमार, महासचिव पंकज कुमार सहित अन्य पदाधिकारियों ने किया.

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