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अंबिकापुर में ठंड के बीच यात्रियों के लिए खास पहल, 24 घंटे रुकने के लिए बेड समेत कई सुविधाएं, महज 30 रुपए में

अंबिकापुर के प्रतीक्षा बस स्टैंड में नगर निगम ने आश्रय स्थल नाम से इसे शुरू किया है. इसे महिला स्वयं सहायता समूह संचालित करती है.

Ambikapur Ashray Sthal Dormitory
अंबिकापुर में ठंड के बीच यात्रियों के लिए खास पहल (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : December 29, 2025 at 7:30 PM IST

3 Min Read
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सरगुजा: तेज ठंड में अगर सरगुजा में किसी बाहरी व्यक्ति या मुसाफिरों को रात रुकना हो तो उसके लिए खास व्यवस्था की गई है. सिर्फ महंगे होटल नहीं बल्कि अब यहां बेहद सस्ती व्यवस्था भी स्थानीय प्रशासन ने की है. अंबिकापुर के प्रतीक्षा बस स्टैंड में नगर निगम ने आश्रय स्थल खोला है जहां आप ठंड में रात बिता सकते हैं.

इस आश्रय स्थल की क्या स्थिति है इसकी पड़ताल करने हम पहुंचे तो स्थिति बेहतर नजर आई. आप भी जान लीजिए कि अगर आपकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, आप होटल का रूम नहीं ले सकते तो अंबिकापुर में आपको कहां जाना होगा-

अंबिकापुर में ठंड के बीच यात्रियों के लिए खास पहल, 24 घंटे रुकने के लिए बेड समेत कई सुविधाएं (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

महिला पुरुष के लिए अलग डॉरमेट्री: ये आश्रय स्थल अंबिकापुर के प्रतीक्षा बस स्टैंड में बने कॉम्प्लेक्स के प्रथम तल पर है. इसमें जाने का रास्ता कॉम्प्लेक्स के पिछले हिस्से से है. उपर जाने पर आपको आश्रय स्थल दिख जाएगा. हम जब यहां पहुंचे तो गैलरी में खूबसूरत पौधे रखे हुए थे. बाहर में ही वाटर कूलर भी लगा हुआ है, जिसमे साफ़ पानी पीने के लिए उपलब्ध है. अंदर में महिलाओं और पुरूषों के लिए अलग अलग डॉरमेट्री है.

Ambikapur Ashray Sthal Dormitory
अंबिकापुर के आश्रय स्थल में साफ शौचालय समेत कई सुविधा (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

30 रुपए में 24 घंटे: एक डॉरमेट्री में करीब 30 बेड लगे हैं. यहां यात्रियों को बेड में तकिया कंबल के साथ मच्छरदानी की भी सुविधा दी जाती है. साफ शौचालय में वेस्टर्न प्रकार के शौचालय भी है. अगर आप गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करते हैं तो यहां 24 घंटे रुकने के लिए आपको मात्र 30 रुपये देने होंगे. अगर BPL कार्ड नहीं भी है तो आप 24 घंटे के लिए 70 रुपये देकर रुक सकते हैं. इतना ही नहीं दिव्यांग या ऐसे व्यक्ति जिनके पास पैसे ही नहीं है तो उनको यहां निशुल्क सेवा भी दी जाती है.

मैं पंडरी से आया हूं, यहां अच्छी व्यवस्था है. ये लोग तकिया कंबल, चादर सब देते हैं. शौचालय भी साफ़ है, पीने का साफ पानी भी है. मैं यहां 12 दिन से रुका हुआ हूं- मोती लाल धुर्वे, यात्री

हम कंबल, चादर रोज धुलवाते हैं, रात में भी लोग आ सकते हैं 24 घंटे ये खुला रहता है.- संचालिका ऋतू एक्का

महिलाओं को रोजगार भी: इस आश्रय स्थल को महिला स्वयं सहायता समूह की ओर से संचालित किया जाता है. इससे कुछ महिलाओं को रोजगार भी मिला हुआ है.

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