अंबाला में पुलिसवाले पर ई रिक्शा सवार युवती को रौंदने का आरोप, मौत के बाद परिजनों ने जमकर काटा बवाल, आरोपी हेड कांस्टेबल हिरासत में
अंबाला में नशे में पुलिसकर्मी पर ई-रिक्शा सवार युवती को रौंदने का आरोप हैं. मृतका के परिजनों ने जमकर अस्पताल में हंगामा किया.

Published : February 12, 2026 at 10:53 AM IST
|Updated : February 12, 2026 at 11:23 AM IST
अंबाला: शहर में देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में युवती की मौत हो गई. घटना करीब रात 9 बजे की बताई जा रही है, जब एक कार और ई-रिक्शा के बीच टक्कर हो गई. टक्कर लगते ही ई-रिक्शा में सवार युवती नीचे गिर गई. आरोप है कि कार चालक ने उसे कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने आरोपी चालक को पकड़ लिया.
पुलिसकर्मी पर नशे में गाड़ी चलाने का आरोप: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार चालक एक पुलिसकर्मी था और कथित रूप से शराब के नशे में गाड़ी चला रहा था. लोगों का आरोप है कि टक्कर के बाद भी उसने वाहन नहीं रोका और युवती को रौंद दिया. गुस्साए लोगों ने आरोपी पुलिसकर्मी को पकड़कर ई-रिक्शा में ही नागरिक अस्पताल पहुंचाया. बताया जा रहा है कि आरोपी इतनी नशे की हालत में था कि ठीक से चल भी नहीं पा रहा था.
ई रिक्शा चालक ने बताई पूरी घटना: वहीं, ई-रिक्शा चालक रविंदर सिंह कि, “मैं अंबाला छावनी से सवारी लेकर अंबाला शहर आ रहा था. एक कार ने पीछे से टक्कर मारी, जिससे लड़की नीचे गिर गई. कार चालक ने उसे बुरी तरह कुचल दिया. वह पुलिसकर्मी था और शराब के नशे में था. जब हम अस्पताल लाए तो उसकी सांसें चल रही थीं, लेकिन यहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. पुलिसकर्मी इतना नशे में था कि चल भी नहीं पा रहा था.”
अस्पताल में परिजनों का हंगामा: घटना की सूचना मिलते ही मृतका के परिजन और रिश्तेदार नागरिक अस्पताल पहुंचे. युवती की पहचान निकिता पुत्री यशपाल के रूप में हुई है, जो गुरुग्राम में नौकरी करती थी और दिल्ली से अंबाला लौट रही थी. मृतका के भाई मयंक ने कहा, “मेरी बहन दिल्ली से घर आ रही थी. वह गुरुग्राम में जॉब करती थी. कैंट बस स्टैंड से अंबाला शहर के लिए ऑटो लिया था. रास्ते में एक कार ने टक्कर मार दी. कार चालक पुलिसकर्मी था और उसने शराब पी रखी थी.”
जानें क्या बोले डॉक्टर: डॉक्टरों के अनुसार युवती को अस्पताल लाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी. डॉ. डी.डी. पांडे ने कहा, "रात करीब 9:30 बजे एक्सीडेंट केस आया था. लड़की को लाया गया, लेकिन वह मृत अवस्था में थी. शव को मोर्चरी में शिफ्ट कर दिया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. परिजनों द्वारा अस्पताल में हंगामा किया गया था."
चार घंटे बाद शांत हुआ मामला: अस्पताल में करीब चार घंटे तक हंगामा चलता रहा. भारी पुलिस बल की मौजूदगी में लोगों को समझाकर शांत किया गया. बताया जा रहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच अधिकारी और अन्य पुलिसकर्मी देर रात अस्पताल से निकल गए. पुलिसकर्मी के मेडिकल परीक्षण को लेकर भी विवाद की स्थिति बनी रही. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
आरोपी हेड कांस्टेबल हिरासत में: इस बारे में सदर थाना के SHO धर्मवीर ने कहा कि, "हर्ष बजाज और उसकी बहन निकिता गुरुग्राम में किसी प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करते हैं और घर मॉडल टाउन लौट रहे थे. वे अंबाला के कालीपलटन पुल के पास से ई-रिक्शा लेकर जा रहे थे, तभी पीछे से पुलिस हेड कांस्टेबल अमित अपनी कार में आ रहा था और उसने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी.टक्कर से ई-रिक्शा का बैलेंस खराब हो गया, जिससे निकिता सड़क पर गिर गई और कार उसके ऊपर से गुजर गई. राहगीरों की मदद से उसे तुरंत नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस मामले में रात ही BNS की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी पुलिसकर्मी को हिरासत में लिया गया."
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