खुड्डा कलां स्कूल की बदली तस्वीर, अंबाला के प्रिंसिपल ने घर समझकर किया कायाकल्प, अब मिलेगा राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार
अंबाला के खुड्डा कलां सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल सुभाष शर्मा को स्कूल की कायाकल्प बदलने को लेकर शिक्षक दिवस पर राज्य स्तरीय पुरस्कार मिलेगा.

Published : September 2, 2026 at 4:34 PM IST
|Updated : September 2, 2026 at 4:49 PM IST
अंबाला: अंबाला के खुड्डा कलां स्थित सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल सुभाष शर्मा को उनके काम के लिए शिक्षक दिवस पर राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. राज्यपाल के हाथों मिलने वाले इस सम्मान की घोषणा के बाद स्कूल में खुशी का माहौल है. दरअसल, सुभाष शर्मा अंबाला जिले के पहले ऐसे प्रिंसिपल हैं, जिन्हें राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए चुना गया है. पुरस्कार मिलने की खबर से स्कूल स्टाफ और विद्यार्थियों में भी उत्साह है.
स्कूल की बदली तस्वीर: ईटीवी भारत से बातचीत के दौरान प्रिंसिपल सुभाष शर्मा ने बताया कि, "जब मैंने खुड्डा कलां स्कूल की जिम्मेदारी संभाली थी, तब स्कूल की स्थिति काफी खराब थी. स्कूल को बेहतर बनाने के लिए साफ-सफाई से लेकर जरूरी सुविधाओं तक पर मैंने काम शुरू किया." स्कूल की पुरानी और वर्तमान स्थिति की तस्वीरें उन्होंने साझा करते हुए कहा कि, "कुछ समय में ही स्कूल का स्वरूप बदलने लगा और सरकारी स्कूल को बेहतर सुविधाओं से लैस किया गया. स्कूल की कायाकल्प के दौरान साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया गया. विद्यार्थियों के लिए शौचालयों को बेहतर तरीके से तैयार कराया गया. इसके साथ ही स्कूल परिसर को साफ और व्यवस्थित बनाया गया. सरकारी स्कूलों में भी बच्चों को अच्छा और स्वच्छ वातावरण मिलना चाहिए, ताकि वे बेहतर तरीके से पढ़ाई कर सकें."

सुरक्षा के लिए लगाए सीसीटीवी: प्रिंसिपल सुभाष शर्मा ने आगे कहा कि, " स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए परिसर में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए. इन कैमरों के जरिए स्कूल में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जाती है. पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों की सुरक्षा भी बेहद जरूरी है. स्कूल को सुरक्षित और अनुशासित वातावरण देने की दिशा में सीसीटीवी व्यवस्था को अहम कदम माना गया. इसके साथ ही विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ प्रयोगात्मक शिक्षा मिले, इसके लिए स्कूल की साइंस लैब को भी बेहतर बनाया गया. यहां विद्यार्थियों को विज्ञान से जुड़े प्रयोग करने और विषय को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर मिलता है. बच्चों को सरकारी स्कूल में भी ऐसी सुविधाएं मिलें, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़े और पढ़ाई में रुचि पैदा हो."
मेधावी छात्र को दिलाया 1.11 लाख का पुरस्कार: प्रिंसिपल सुभाष शर्मा ने बताया कि स्कूल के एक विद्यार्थी ने 98.2 अंक हासिल किए तो प्रिंसिपल ने सरकार से संपर्क कर उसे 1 लाख 11 हजार रुपये का पुरस्कार दिलाने में भूमिका निभाई. प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने से दूसरे बच्चों को भी बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है. स्कूल में पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों की उपलब्धियों को पहचान देने पर भी विशेष ध्यान दिया गया. इसके साथ ही प्रिंसिपल ने स्कूल की पांच छात्राओं की पढ़ाई में आर्थिक सहायता दिलाने के लिए बैंक से संपर्क और सिफारिश की. छात्राओं को 5 हजार रुपये प्रति माह की सहायता मिलने से उनकी पढ़ाई को सहारा मिला. विद्यार्थियों का कहना है कि प्रिंसिपल की इस पहल से उन्हें पढ़ाई जारी रखने में मदद मिल रही है और वे भविष्य में बेहतर करने के लिए प्रेरित हैं.
"स्कूल को अपना घर समझें": सुभाष शर्मा ने दूसरे सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपलों को भी संदेश देते हुए कहा कि, "स्कूल को केवल नौकरी की जगह न समझें. मैं दूसरे प्रिंसिपलों से कहना चाहता हूं कि विद्यालय को अपना घर समझें. जैसे हम अपने घर की सफाई और देखभाल करते हैं, वैसे ही विद्यालय की जिम्मेदारी लें. ऐसा करेंगे तो विद्यालय बिल्कुल चमकेगा. साल 2024 में राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए आवेदन किया था. आवेदन में मेरे द्वारा स्कूल में किए गए कार्यों और योजनाओं की जानकारी दी गई थी. इसके बाद एक कमेटी ने स्कूल और मेरे कार्यों का मूल्यांकन किया. इसके बाद जानकारी मिली कि मेरा चयन हुआ है. पूरे स्कूल में खुशी का माहौल है."

सुभाष शर्मा ने जताई खुशी: पुरस्कार को लेकर अपनी खुशी जाहिर करते हुए प्रिंसिपल ने कहा कि, "मैंने 2024 में अप्लाई किया था. उसमें मैंने अपनी स्कीम्स लगाई थीं. कमेटी ने सब देखा और जब मेरा नाम अनाउंस हुआ तो मैं बता नहीं सकता कि कितनी खुशी हुई. मेरे तो रोंगटे खड़े हो रहे थे. इस उपलब्धि के लिए शिक्षा विभाग और हरियाणा सरकार का मैं आभार जताता हूं."
राज्यपाल के हाथों सम्मान गर्व की बात: सुभाष शर्मा ने कहा कि, "एक शिक्षक के लिए यह गर्व की बात होती है कि उसे राज्य स्तरीय पुरस्कार दिया जा रहा है और वह भी राज्यपाल के हाथों. इस सम्मान से बच्चों और शिक्षकों में काफी मोटिवेशन आया है. हरियाणा के सरकारी स्कूल बेहतर काम कर रहे हैं और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं."
सहकर्मियों में खुशी: प्रिंसिपल के चयन की जानकारी मिलते ही स्कूल स्टाफ में खुशी की लहर दौड़ गई. शिक्षकों का कहना है कि सुभाष शर्मा के स्कूल में आने के बाद यहां काफी बदलाव देखने को मिला है. स्टाफ ने कहा कि, "प्रिंसिपल ने स्कूल की कायाकल्प बदलने के लिए काफी मेहनत की है. वह इस पुरस्कार के पूरे हकदार हैं. उन्हें देखकर हमें भी मोटिवेशन मिलता है."

बच्चों ने दी बधाई: स्कूल के विद्यार्थियों ने भी प्रिंसिपल को राज्य स्तरीय पुरस्कार मिलने पर बधाई दी. कक्षा आठवीं की छात्रा एकता ने बताया कि, "प्रिंसिपल ने बैंक से बात कर छात्राओं को हर महीने 5 हजार रुपये की सहायता दिलाने में मदद की है. स्कूल में हुए बदलाव से पढ़ाई का माहौल बेहतर हुआ है और उन्हें कई सुविधाओं का लाभ मिल रहा है."

स्कूल को और बेहतर बनाने का संकल्प: सुभाष शर्मा ने कहा कि पुरस्कार मिलने के बाद उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है. वह स्कूल को आगे भी विकसित करने के लिए पूरा सहयोग देते रहेंगे. उनका मानना है कि जब शिक्षक और प्रिंसिपल स्कूल को अपना मानकर काम करते हैं, तो सीमित संसाधनों में भी बड़ा बदलाव किया जा सकता है. खुड्डा कलां स्कूल की बदली तस्वीर अब दूसरे सरकारी स्कूलों के लिए भी प्रेरणा बन रही है.
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