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माता-पिता की उम्मीदों को पूरा करने गए अमन का शव पहुंचा गांव, सिर पर नहीं सज पाया सेहरा

बड़सर के अमन की देह 16 दिन बाद दक्षिण-अफ्रीका से महारल गांव पहुंची. 11 अप्रैल को स्विमिंग पूल में डूबने से उसकी मौत हुई थी.

अमन का हुआ अंतिम संस्कार
अमन का हुआ अंतिम संस्कार (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : April 26, 2026 at 8:14 PM IST

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हमीरपुर: जिला के बड़सर उपमंडल की महारल पंचायत के काली चिक गांव में उस समय माहौल बेहद भावुक हो गया, जब अमन कुमार का पार्थिव शरीर पूरे 16 दिन बाद उसके घर पहुंचा. विदेश से बेटे की देह गांव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई.

ग्रामीणों ने बताया कि अमन कुमार की 11 अप्रैल 2026 को साउथ अफ्रीका में स्विमिंग पूल में डूबने से मौत हो गई थी. हादसे की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था. इसके बाद परिजन लगातार प्रयास कर रहे थे कि बेटे का पार्थिव शरीर भारत लाया जा सके, ताकि उसका अंतिम संस्कार अपने पैतृक गांव की मिट्टी में किया जा सके.

अंतिम संस्कार में शामिल हुए अमन कुमार के रिश्तेदार ने बताया कि पिता उधम सिंह ने इस कठिन समय में हार नहीं मानी। उन्होंने तमाम औपचारिकताओं, भागदौड़ और खर्च की परवाह किए बिना बेटे का शव विदेश से मंगवाने के लिए हर संभव प्रयास किए. परिवार की एक ही इच्छा थी कि वो आखिरी बार अपने बेटे का चेहरा देख सकें और रीति-रिवाजों के अनुसार उसका संस्कार कर सकें.

अमन कुमार
अमन कुमार (ETV Bharat)

नम हुई लगों की आंखें

रविवार सुबह करीब सात बजे जैसे ही अमन का पार्थिव शरीर घर पहुंचा, वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं. मां-बाप अपने इकलौते बेटे की देह देखकर बेसुध हो गए. घर में चीख-पुकार मच गई और माहौल गमगीन हो उठा. अंतिम दर्शन के लिए गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. लोगों ने परिवार को ढांढस बंधाया और दुख की इस घड़ी में साथ खड़े रहे. करीब नौ बजे हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार अमन का अंतिम संस्कार किया गया. उसकी अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए. गांव के लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी.

माता पिता का इकलौता बेटा था अमन

ग्रामीणों ने बताया कि अमन अपने माता-पिता का इकलौता बेटा और बुढ़ापे का सहारा भी था. माता-पिता को उम्मीद थी कि बेटा पढ़ लिखकर विदेश में नौकरी करेगा और परिवार की गरीबी दूर करेगा. अमन के पिता मजदूरी करते हैं. दूसरी तरफ अमन की जिंदगी में खुशियों का नया अध्याय शुरू होने वाला था. उसने केरल की एक युवती से कोर्ट मैरिज की थी और 10 मई को घर आकर पारंपरिक रीति-रिवाजों से विवाह समारोह होना था. परिवार शादी की तैयारियों में जुटा था, लेकिन अचानक आई इस दुखद खबर ने सारी खुशियों को मातम में बदल दिया. इस दर्दनाक हादसे ने न केवल एक परिवार के सपने तोड़े, बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया. अमन की असमय मौत से हर कोई स्तब्ध है और क्षेत्र में शोक का माहौल बना हुआ है.

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