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Special : अलवर के मंजीत का अनूठा जुनून, 18 साल से सहेज रहे देसी-विदेशी करेंसी का 'खजाना', ऐसे की शुरुआत

मंजीत सिंह के पास कुछ ऐसे सिक्के भी हैं, जो दुर्लभ मुद्राएं फिलहाल चलन में नहीं हैं. पढ़िए पीयूष पाठक की रिपोर्ट...

मंजीत सिंह का कलेक्शन
मंजीत सिंह का कलेक्शन (ETV Bharat GFX)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : June 3, 2026 at 7:18 PM IST

6 Min Read
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अलवर: युवा मंजीत का 2008 में पुराने सिक्कों व विदेशी मुद्राओं को संग्रहण करने का शुरू हुआ शौक अब जुनून में बदल चुका है. अब लोगों को उनके संग्रहण का पता लगने पर लोग उनके पास जाकर उनके सिक्के व नोट के संग्रहण को देखते हैं. बचपन में माता-पिता से मिलने वाले पैसों को भी मंजीत सहेजकर रखते, जो कि आज भी उनके पास मौजूद हैं. मंजीत के पास वर्तमान में 25 से ज्यादा देशों की विदेशी मुद्राए हैं, जिन्हें मंजीत ने कई फोल्डर बनाकर उसमें सहेज रखा है. मंजीत पेशे से व्यवसायी हैं, जो अपने व्यवसाय के साथ दुर्लभ सिक्कों के खजाने को भी संग्रह करते हैं.

ईटीवी भारत से खास बातचीत करते हुए मंजीत सिंह ने बताया कि सिक्कों व विदेशी नोट संग्रह करने की शुरुआत करीब 18 साल पहले हुई. बचपन में जब उनके परिजन उन्हें पैसे देते तो वह उन्हें बाजार में जाकर खर्च करने की बजाय काफी समय तक अपने पास रखते. इसी से उन्हें यह आदत लगी और उनकी यह आदत एक जुनून में बदल गई. कुछ सिक्के व पुराने नोट आज भी उनके पास मौजूद हैं. आज तक उन्होंने पुराने सिक्के व नोट को सहेजकर रखा है. उनके पास आज कुछ ऐसे सिक्के भी हैं, जो दुर्लभ मुद्राएं फिलहाल चलन में नहीं हैं.

अलवर के मंजीत का अनूठा जुनून, सुनिए और देखिए... (ETV Bharat Alwar)

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25 से ज्यादा देशों की करेंसी मौजूद : उन्होंने बताया कि उनके पास वर्तमान में 25 से ज्यादा देश की करेंसी है, जिनमें कई ऐसी मुद्राएं भी शामिल हैं, जो विभिन्न समयकाल की करेंसी हैं और फिलहाल चलन में नहीं हैं. आज उनके पास 200 से ज्यादा सिक्के मौजूद हैं, जिनमें कुछ विदेशी हैं, साथ ही कई भारतीय सिक्के भी हैं, जो पूर्व में भारत में चलन में थे. मंजीत ने बताया कि उनके दुर्लभ सिक्कों के संग्रहण में ब्रिटिश काल के सिक्के व कौड़ी भी मौजूद हैं.

सिक्कों के बारे में जानकारी देते मंजीत
सिक्कों के बारे में जानकारी देते मंजीत (ETV Bharat Alwar)

जानकारी मिलने पर खरीदने की रहती है ललक : उन्होंने बताया कि उन्होंने कुछ सिक्के अपने पुराने दोस्तों से लिए, कई बार विदेशी टूरिस्ट से भी उन्होंने अपनी संग्रहण में विदेशी मुद्राओं को जोड़ने के लिए करेंसी खरीदी. उन्हें कई बार लोगों से जानकारी मिलती है तो वह अपने सिक्कों के संग्रहण के शौक के चलते वहां जाकर भी सिक्कों को देखकर उन्हें खरीद कर अपने खजाने में जोड़ते हैं.

मंजीत सिंह का कलेक्शन
मंजीत का जुनून... (ETV Bharat GFX)

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सिक्कों व करेंसी के बारे में करते हैं रिसर्च : उन्होंने बताया कि वह अपने व्यवसाय से समय निकालकर सोशल मीडिया व विभिन्न माध्यम से पुराने सिक्के व करेंसी के बारे में जानकारी लेते हैं, जिससे उन्हें सिक्कों के चलन के बारे में, उसकी कीमत के बारे में जरूरी बातें पता रहे. उनके पास आज जितने सिक्के हैं, सभी के बारे में उन्हें जानकारी है कि कब वह सिक्के चलन में थे और आज उनकी कितनी कीमत है.

अन्नी, आना, दो आना, कौड़ी सहित कई पुराने सिक्के
अन्नी, आना, दो आना, कौड़ी सहित कई पुराने सिक्के (ETV Bharat Alwar)

पुराने सिक्कों को सहेजना मुश्किल : उन्होंने बताया कि उनके पास 200 से ज्यादा सिक्के मौजूद हैं, जिन्हें सहेजकर रखना मुश्किल होता है. इसके लिए उन्होंने बुक फॉर्मेट जैसी एक फाइल तैयार की है, जिसमें वह अपने संग्रहण के खजाने को सहेज कर रख रहे हैं. पुराने सिक्के हवा लगने से खराब जल्दी होते हैं. इसके लिए कई सिक्को को उन्होंने बॉक्स में भी रखा हुआ है. पूर्व के सिक्के आकर में बड़े होते थे, जिन्हें फाइल में रखना मुश्किल है. उन्होंने बताया कि उनके पास विदेशी मुद्राओं के लिए तीन से ज्यादा फाइल रखी हैं. साथ ही कई बड़े सिक्कों को प्लास्टिक बॉक्स में भी सहेज रखा है.

भारत में पूर्व में चलने वाले नोट
भारत में पूर्व में चलने वाले नोट (ETV Bharat Alwar)

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करेंसी संग्रहण का शौक : उन्होंने बताया कि आज के दौर में लोग पुराने सिक्कों को बेचकर भी पैसा कमाते हैं, लेकिन उनका यह शौक है कि वह भारत के अलावा विभिन्न देशों के सिक्के व नोट को अपने संग्रहण में शामिल करें. वह विभिन्न देशों की करेंसी का संग्रहण करते हैं. उन्होंने अभी तक किसी भी तरह की करेंसी को बेचा नहीं है. आज उनके पास जितने भी सिक्के मौजूद हैं, उसके बारे में उन्हें सभी जानकारियां है. मंजीत अपने जुनून के चलते लगातार सिक्कों व नोट के बारे में जानकारियां हासिल करने की कोशिश करते हैं.

ब्रिटिश काल के सिक्के
ब्रिटिश काल के सिक्के (ETV Bharat Alwar)

कई सिक्के व नोट है संग्रहण में मौजूद : उन्होंने बताया कि उनके पास 1800 से 2000 के बीच में चलन में रहने वाले सिक्कों का संग्रहण है. इसमें ब्रिटिश काल के कई सिक्के, भारत के प्रधानमंत्री के कार्यकाल के दौरान जारी किए गए सिक्के सहित अन्नी, आना, दो आना, कौड़ी सहित कई पुराने सिक्के मौजूद हैं. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यकाल से जारी किए गए सिक्के व ब्रिटिश काल के दौरान के सिक्के आकार में बड़े हैं. वहीं, विदेशी करेंसी में भूटान, चीन, पाकिस्तान, कुवैत, सिंगापुर, बांग्लादेश, इटली, यूएसए, नेपाल, फ्रांस सहित विभिन्न देशों के नोट को मंजीत ने अपने खजाने में संग्रहित किया हुआ है.

विभिन्न देशों के नोट
विभिन्न देशों के नोट (ETV Bharat Alwar)

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फोन के जरिए भी कई लोग लेते हैं जानकारी : मंजीत ने बताया कि उनके पास विदेशी मुद्राएं होने की जानकारी मिलने पर कई बार लोग उनसे फोन के जरिए भी बातचीत कर पुराने सिक्कों के बारे में जरूरी बातें जानते हैं. वहीं, कई बार लोग उनके घर तक भी इसकी जानकारी लेने के लिए पहुंचते हैं. उन्होंने बताया पंजाब के साथ ही राजस्थान के विभिन्न जिलों से कई लोगों ने उनके पास जानकारी लेने के लिए फोन किया है. कारण है कि आज के समय में साइबर ठग भी पुराने सिक्के की कहकर लोगों को अपने जाल में फंसा कर नकली सिक्के बेचने लगे हैं.