असम से दिल्ली बुलाकर भेज दिया अलवर, महिला को डराकर जबरन कराया जा रहा था काम...
चोरी का आरोप लगा जबरन करवाया जा रहा था काम. महिला सहायता केंद्र पहुंच कर पीड़िता ने मांगी मदद...

Published : May 26, 2026 at 6:20 PM IST
अलवर: शहर के अरावली विहार थाना क्षेत्र अंतर्गत यातायात पुलिस थाने में संचालित महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र ने असम की एक महिला को उसके पति से मिलाकर मानवता की मिसाल पेश की. महिला ने आरोप लगाया कि वह असम की रहने वाली है और एक एजेंट ने दोनों पति-पत्नी को काम दिलाने का झांसा देकर असम से दिल्ली बुलाया.
उसके बाद दिल्ली में दोनों को एक दूसरे से अलग कर पीड़िता को अलवर भेज दिया, जहां पीड़िता से जबरन कार्य कराया जा रहा था और चोरी का आरोप लगाने का कहकर डराया जा रहा था. पीड़िता ने हिम्मत दिखाकर महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र से सहायता मांगी. जिसके बाद केंद्र ने पीड़िता के पति से संपर्क कर उन्हें अलवर बुलाया और पीड़िता को उन्हें सुपुर्द कर असम के लिए रवाना किया.
महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र की लीगल काउंसलर मोनू वर्मा ने बताया कि 21 मई को उनके सेंटर पर डरी-सहमी हालत में असम की एक महिला आई और मदद मांगी. उन्होंने बताया कि महिला से केंद्र पर घटना के संबंध में पूरी जानकारी ली गई, तो पता लगा कि यह महिला असम से अपने पति के साथ काम के लिए दिल्ली पहुंची थी. जहां दोनों पति-पत्नी को अलग कर महिला को प्लेसमेंट एजेंसी के द्वारा अलवर भेजा गया.
लीगल काउंसलर मोनू ने बताया कि महिला अपने पति के बिना अलवर नहीं आना चाहती थी. इसके बावजूद भी महिला को डरा धमका कर अलवर भेजा गया. उन्होंने बताया कि अलवर में महिला से एक घर में जबरन झाड़ू-पोछे का काम करवाया जा रहा था. लीगल काउंसलर वर्मा ने बताया कि जिस व्यक्ति के यहां पीड़िता कार्य कर रही थी, उसने महिला को डरा धमका कर रखा और चोरी का इल्जाम लगाने का कह कर जेल भिजवाने की बात कही, लेकिन महिला ने हिम्मत दिखाते हुए खुद को उस व्यक्ति के चंगुल से छुड़ाया और महिला सलाह एवं सुरक्षा केंद्र जाकर घटना से अवगत कराया.
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पीड़िता ने बताया कि वह असम की रहने वाली है, जहां एक प्राइवेट प्लेसमेंट एजेंसी के एजेंट ने उन्हें काम का झांसा देकर दिल्ली बुलाया. यहां से वह काम के लिए हैदराबाद ले जाने वाला था, लेकिन एजेंट ने दिल्ली आने के बाद उनके पति व पीड़िता को अलग कर दिया. पीड़िता ने बताया कि वह 18 मई को एजेंट के साथ अलवर पहुंची, जहां उसे डरा धमका कर एक मकान में घर का काम कराया जा रहा था.

असम की रहने वाली पीड़िता ने बताया कि जब उसने काम नहीं करने की इच्छा जता कर अपने पति के पास जाने की बात की तो व्यक्ति ने पीड़िता को चोरी के नाम पर थाने में रिपोर्ट लिखवाने की कहकर डराता रहा. पीड़ित ने बताया कि जिस व्यक्ति के घर में काम कर रही थी, वह व्यक्ति कार में महिला को थाने के पास डराने के लिए लेकर आया, लेकिन महिला ने कोई काम गलत नहीं किया, जिसके चलते हुए कार से उतर कर महिला सलाह एवं सुरक्षा केंद्र पर आई और घटना से अवगत कराया. पीड़िता ने बताया कि उसने व्यक्ति के घर पर करीब तीन दिन कार्य किया. इसके बाद वह महिला सलाह एवं सुरक्षा केंद्र की देखरेख में रही. वहीं, मंगलवार को उनके पति लेने के लिए अलवर पहुंचे. फिलहाल, महिला अधिकारिता विभाग इस प्रकरण की जांच कर रहा है.
बाइक पार्ट्स कंपनी में काम का झांसा देकर बुलाया : पीड़िता ने बताया कि उनके पति के पास किसी व्यक्ति का फोन आया, जिसने बाइक पार्ट्स कंपनी में काम करने पर अच्छा पैसा मिलने का झांसा देकर उन्हें अपने चंगुल में फंसाया और असम से दिल्ली बुला लिया. पीड़िता ने बताया कि उसकी शादी करीब सात माह पहले हुई है.

