बाड़मेर बॉर्डर पर 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप': सरकारी जमीन से हटे अवैध निर्माण, राजनीति भी गरमाई, धार्मिक स्थल हटाने में भेदभाव का आरोप
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस कार्रवाई को रोकने की मांग की है.

Published : June 22, 2026 at 2:53 PM IST
बाड़मेर/ जोधपुर: जिले में बॉर्डर इलाके में 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' के तहत अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है. इसमें सरकारी जमीनों से अवैध धार्मिक स्थल सहित कई पक्के निर्माणों को ध्वस्त किया जा रहा है. कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल और आरएसी के जवानों को तैनात किया गया था, जिससे बिना किसी बड़े गतिरोध के अतिक्रमण को हटाया जा सके. इस बीच धर्म विशेष के ग्रामीणों ने धार्मिक स्थलों को हटाने में भेदभाव का आरोप लगाया है. अब इस मामले में सियासत भी गरमा गई है.एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'एक्स' पर आरोप लगाया कि सीमावर्ती जिलों में अतिक्रमण हटाने में भेदभाव किया जा रहा है. इस बीच पूर्व सीएम अशोक गहलोत और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी अतिक्रमण हटाने के दौरान धार्मिक स्थल हटाने का विरोध किया है.
बाड़मेर जिले के रामसर, गडरा रोड सहित सीमावर्ती इलाकों में प्रशासन द्वारा की जा रही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर स्थानीय ग्रामीणों के साथ कांग्रेस नेता गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं. भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी का स्पष्ट कहना है कि प्रशासन अपना काम कर रहा है, अतिक्रमण के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी. केलन का पार गांव निवासी करीम खान ने कहा कि पुराने धर्मस्थलों को भी तोड़ा जा रहा है. इस दौरान गांव में जितने लोग भी नहीं हैं, उससे ज्यादा पुलिस फोर्स आई थी.
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उन्होंने कहा कि गांव के लोगों की आर्थिक मदद से सालों पहले बनाए गए धार्मिक स्थल भी तोड़े गए हैं. इसी तरह सकर खान ने बताया कि प्रशासन ने पहले दो बार नोटिस दिया था. गोचर जमीन पर धर्म स्थल बना हुआ था. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि समाज विशेष को टारगेट किया जा रहा है.
There has been a wave of demolitions targeting mosques, dargahs, and other Muslim religious sites across Rajasthan’s border districts of Bikaner, Phalodi, Jaisalmer, and Barmer.
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) June 21, 2026
I spoke to AIMIM Bikaner District President Shafi Jameel Qasmi, who stated that four mosques in…
ओवेसी ने पार्टी नेताओं से बात की: अतिक्रमण हटाने में भेदभाव के आरोपों को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी ट्वीट किया है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कि राजस्थान के सीमावर्ती जिलों बीकानेर, फलौदी, बाड़मेर व जैसलमेर में प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं. इस दौरान धार्मिक स्थल भी हटाए जा रहे हैं, लेकिन इसमें समाज विशेष के धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है. यह सब राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर किया जा रहा है. उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस भेदभाव पूर्व कार्रवाई को तुरंत रोकने की मांग की है. उन्होंने अपनी पार्टी के नेताओं से जानकारी ली. उन्होंने बीकानेर जिला अध्यक्ष शफी जमील कासमी से बात के हवाले से कहा कि बीकानेर में चार और फलोदी, जैसलमेर व बाड़मेर में नौ मस्जिदों-दरगाहों को गिराया जा चुका है. जैसलमेर में रामगढ़-तनोट बाईपास पर हजरत महमूद शाह जिलानी की करीब 250 साल पुरानी दरगाह भी शामिल है.
राजस्थान के साथ लगी पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा के जिलों में आजादी के बाद से ही माहौल हमेशा सौहार्दपूर्ण रहा है। देशभर में चाहे कैसा भी सांप्रदायिक माहौल रहा हो पर संभवतः यहां कभी आपसी तनाव भी पैदा नहीं हुआ।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) June 20, 2026
यहां हिन्दू और मुस्लिम धर्मस्थल एक ही श्रेणी में हैं और दोनों…
गहलोत व बेनीवाल ने भी जताया विरोध: पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भी केंद्र और प्रदेश सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मई 2026 में बीकानेर दौरे के बाद धार्मिक स्थलों को चिह्नित कर ढहाया जा रहा है. इसे राजनीतिक ध्रुवीकरण की कोशिश बताया और कहा कि स्थानीय भी इसका विरोध कर रहे हैं.नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि सुरक्षा सर्वोपरि है, लेकिन सीमा से 50-60 किमी दूर धार्मिक स्थल बिना नोटिस हटाना और अन्य अतिक्रमण न हटाना भेदभाव का संदेश देता है. तीनों नेताओं ने कार्रवाई रोकने की मांग की.

