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MPLAD Fund : मंत्री राठौड़ का कांग्रेस सांसदों पर निशाना, कहा- राजनीतिक फायदे के लिए खर्च करना गलत

एमपीएलएडी फंड के दुरुपयोग का आरोप. कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कही ये बड़ी बात. मंत्री गोदारा भी भड़के. जानिए पूरा मामला...

Cabinet Minister Rajyavardhan Singh Rathore
कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : January 6, 2026 at 3:43 PM IST

4 Min Read
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जयपुर: कांग्रेस के तीन सांसदों पर सांसद निधि (एमपीएलएडी) का उपयोग अपने राज्यों से बाहर करने का आरोप लगा है और लगातार यह मामला सियासी तूल पकड़ रहा है. मामले को लेकर राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कांग्रेस सांसदों पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि सांसद निधि में आने वाला पैसा जनता का पैसा होता है. जनता का यह पैसा राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग में लाना पूरी तरीके से गलत है. वहीं, मंत्री गोदारा ने कहा कि कांग्रेस के तीनों सांसदों की जांच हो.

जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री राठौड़ ने कहा कि इस फंड के उपयोग के लिए कुछ सिद्धांत होता है, कुछ कानून होते हैं और जो भी लोगे इस पोजीशन पर बैठे हैं, उन पर बड़ी जिम्मेदारी होती है. मंत्री राठौड़ ने कहा कि जनता और भगवान के आशीर्वाद से जनप्रतिनिधियों को यह जिम्मेदारी मिलती है, लेकिन यह समझना चाहिए कि यह धन किसी की निजी जेब का नहीं है. जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा राजनीतिक फायदे के लिए खर्च किया जाता है तो यह पूरी तरह अनुचित है. इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए.

मंत्री राज्यवर्धन सिंह ने क्या कहा, सुनिए... (ETV Bharat Jaipur)

पढ़ें : अमित मालवीय बोले-राजस्थान कांग्रेस के तीन सांसदों ने हरियाणा में खर्च किया सांसद कोष का पैसा, जूली ने दिया ये जवाब

जिम्मेदारी निभानी चाहिए : मंत्री राठौड़ ने कहा कि जनसेवा के नाम पर मिले अधिकारों का दुरुपयोग लोकतंत्र के साथ-साथ जनता के विश्वास के साथ खिलवाड़ है. ऐसे मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है, ताकि जनता का पैसा सही उद्देश्य के लिए ही खर्च हो. भरतपुर से सांसद संजना जाटव, चूरू से सांसद राहुल कसवां और झुंझुनू से सांसद बृजेंद्र सिंह ओला पर आरोप लगे हैं कि एमपीएलएडी फंड को हरियाणा के कैथल विधानसभा क्षेत्र में खर्च करने की सिफारिश की है. यह विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला के पुत्र का निर्वाचन क्षेत्र बताया जा रहा है.

मंत्री गोदारा बोले- कांग्रेस के तीनों सांसदों की जांच हो : वहीं, खाद्य आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि क्या कांग्रेस के तीनों सांसदों के क्षेत्र में काम पूरे हो गए हैं जो वो दूसरे राज्य में अपने सांसद निधि कोष का पैसा खर्च कर रहे हैं. सोमवार को जहां भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने इस मामले को उठाया था तो वहीं अब भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के बाद खाद्य आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने भी इस मामले को लेकर कांग्रेस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं.

गोदारा ने मंगलवार को सचिवालय में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस वैसे तो धरने प्रदर्शन करके विकास के काम करने की मांग करती है. वहीं, दूसरी तरफ इन्हीं के तीन सांसद 1 करोड़ 20 लाख रुपए के काम हरियाणा के कैथल विधानसभा क्षेत्र में करवाते हैं जो कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला के बेटे का निर्वाचन क्षेत्र है. क्या यह सिर्फ इसलिए करवाया गया है क्योंकि रणदीप सिंह सुरजेवाला कांग्रेस हाईकमान के नजदीक हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसद संजना जाटव, राहुल कस्वां और बृजेंद्र ओला के निर्वाचन क्षेत्र में विकास के काम पूरे हो गए हैं. क्या वहां पर विकास की जरूरत नहीं है.

उन्होंने कहा कि मैं दूसरी बार का विधायक हूं, लेकिन मैंने कभी भी अपने विधायक कोष का पैसा अन्य जगह खर्च नहीं किया है और कांग्रेस के सांसद दूसरे प्रदेश में पैसा खर्च कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इसका मतलब तो यह हुआ कि कांग्रेस के सांसद केवल दिल्ली में ही रहते हैं. वो अपने निर्वाचन क्षेत्र में जाते ही नहीं हैं. इन लोगों को संसद में कोई विषय उठाने का अधिकार भी नहीं होना चाहिए.

अधिकारियों का नाम लेकर पल्ला झाड़ रही कांग्रेस : सुमित गोदारा ने कहा कि कांग्रेस कह रही है कि इस मामले में अधिकारियों की गलती है, लेकिन इससे बात बनने वाली नहीं है. क्योंकि दूसरे राज्य में जो विकास कार्यों के लिए पैसा खर्च करने की सिफारिश हुई है, उस पर कांग्रेस के सांसदों के हस्ताक्षर हैं. क्या उनके हस्ताक्षर के बिना वहां पर काम स्वीकृत हो गए हैं. यह केवल जनता को भ्रमित करने वाला बयान है. अब कांग्रेस इस मामले में लीपापोती करने में लगी हुई है, क्योंकि उनकी पोल खुल गई है और यह मामला अब पब्लिक डोमेन में आ चुका है. इसलिए अधिकारियों पर बयान देकर पल्ला झाड़ रहे हैं.