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प्रांतीय संयोजक ने खाद्य विभाग पर लगाये गंभीर आरोप; बोले- "सहकारी समितियां कोई भी सेंटर नहीं चलाएंगी"

लखीमपुर खीरी में डिप्टी आरएमओ नमन पांडे ने आरोपों को निराधार बताया.

प्रांतीय संयोजक मनोज अग्रवाल
प्रांतीय संयोजक मनोज अग्रवाल (Photo credit: ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : August 26, 2026 at 8:15 PM IST

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लखीमपुर खीरी : सहकारी समन्वय समिति, उत्तर प्रदेश के प्रांतीय संयोजक मनोज अग्रवाल ने बुधवार को प्रेसवार्ता की. इस दौरान उन्होंने खरीद केंद्रों की संख्या लगातार कम करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि अगर खाद्य विभाग सक्षम है तो जनपद के सारे सेंटर चलाए. उन्होंने कहा कि सहकारी समितियां कोई भी सेंटर नहीं चलाएंगी. उन्होंने इस मामले में जिलाधिकारी और सहकारिता मंत्री को ज्ञापन भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है.

सहकारी समन्वय समिति, उत्तर प्रदेश के प्रांतीय संयोजक मनोज अग्रवाल के मुताबिक, वर्ष 2023 में जिले में सहकारी समितियों के 127 धान खरीद केंद्र संचालित हो रहे थे, जो अब घटकर 99 रह गए हैं. उनका आरोप है कि दूसरी ओर खाद्य विभाग अपने केंद्रों की संख्या बढ़ाने में जुटा है.

प्रांतीय संयोजक मनोज अग्रवाल ने लगाये आरोप (Video credit: ETV Bharat)

उन्होंने कहा कि धान-गेहूं खरीद, किसानों को ऋण वितरण और खाद बिक्री से होने वाली आय से ही सहकारी समितियों के कर्मचारियों के वेतन समेत अन्य खर्च पूरे होते हैं. ऐसे में खरीद केंद्रों की संख्या घटने से समितियों के सामने आर्थिक संकट गहराने की आशंका है.




सहकारी समन्वय समिति के प्रांतीय संयोजक ने खाद्य विभाग पर समितियों के खरीद केंद्रों की बार-बार जांच कराकर कर्मचारियों का कथित उत्पीड़न करने का आरोप भी लगाया. उनका कहना है कि यदि खरीद व्यवस्था में खामियां हैं तो सभी एजेंसियों के केंद्रों की समान रूप से जांच होनी चाहिए. उन्होंने खाद्य विभाग के कुछ केंद्रों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए.


उन्होंने आरोप लगाया कि खाद्य विभाग के कुछ खरीद केंद्र किसानों की पहुंच से दूर हैं, जबकि कुछ केंद्रों पर वास्तविक खरीद के बजाय कागजों पर खरीद दर्शाए जाने की शिकायतें हैं. मितौली ब्लॉक के एक केंद्र का उदाहरण देते हुए उन्होंने खरीद प्रक्रिया पर सवाल उठाए. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग की.



उन्होंने कहा कि इस बार खाद्य विभाग की ओर से 55 धान खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं. सहकारी समितियां इन केंद्रों का संचालन नहीं करेंगी, बल्कि अपनी टीम गठित कर इनकी निगरानी करेंगी. उनका कहना है कि किसानों के हित में खरीद प्रक्रिया पर नजर रखना जरूरी है, ताकि कहीं भी अनियमितता होने पर उसे सामने लाया जा सके. हालांकि सहकारी समितियों के आरोपों पर खाद्य विभाग ने पलटवार किया है.



डिप्टी आरएमओ नमन पांडे ने आरोपों को निराधार बताया. उनका कहना है कि वर्ष 2023 में लखीमपुर खीरी जिले में कुल 180 क्रय केंद्र थे, जिन्हें शासन के निर्देश पर पिछले वर्ष घटाकर 146 किया गया था. उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित नहीं हुआ है और न ही शासन से खाद्य विभाग के मार्केटिंग केंद्र बनाए जाने के संबंध में कोई निर्देश प्राप्त हुआ है.

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