वाराणसी जलभराव मामले में हाईकोर्ट गंभीर; अधिकारियों को चेतावनी, कहा- "हलफनामा दाखिल करें या हाजिर हों"
कोर्ट ने दो सप्ताह के भीतर प्रति-शपथ-पत्र दाखिल करने का दिया था आदेश.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : September 2, 2026 at 10:22 PM IST
प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी में जलभराव की समस्या को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए जिला प्रशासन और नगर निगम को फटकार लगाई है. कोर्ट ने गत 17 अगस्त को वाराणसी में बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार, वाराणसी के डीएम व नगर आयुक्त को दो सप्ताह के भीतर प्रति-शपथ-पत्र दाखिल करने का आदेश दिया था.
कोर्ट को बताया गया कि 31 अगस्त की कार्यालय रिपोर्ट के अनुसार दोनों अधिकारियों को नोटिस तामील हो चुका है. इसके बावजूद किसी भी अधिकारी ने न तो प्रति शपथ पत्र दाखिल किया और न ही कोई रिपोर्ट प्रस्तुत की. कोर्ट ने इस पर नाराज़गी जताते हुए दोनों अधिकारियों को बिना किसी विफलता के शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया. साथ ही कहा कि जो भी अधिकारी ऐसा करने में असफल रहेगा, उसे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा. जो अधिकारी आदेश का पालन कर देगा, उसे व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट रहेगी.
यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर एवं न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ल की खंडपीठ ने कमलाकांत त्रिपाठी व अन्य की जनहित याचिका पर दिया है. मामले की अगली सुनवाई तीन सितंबर को दोपहर दो बजे निर्धारित की गई है. कोर्ट ने यह भी कहा कि इस आदेश की जानकारी सीजेएम वाराणसी के माध्यम से डीएम व नगर आयुक्त को उसी दिन दी जाए और अनुपालन रिपोर्ट अगले दिन तक प्रस्तुत की जाए.

