हाईकोर्ट ने यूपी में बंदरों के आतंक से निपटने की SOP पर कार्रवाई रिपोर्ट तलब की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश में बंदरों के बढ़ते आतंक एवं मानव-बंदर संघर्ष के गंभीर मुद्दे पर तैयार एसओपी कै तहत कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : February 25, 2026 at 10:28 PM IST
प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद और मथुरा सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में बंदरों के बढ़ते आतंक एवं मानव-बंदर संघर्ष के गंभीर मुद्दे पर तैयार एसओपी कै तहत कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है. यह आदेश न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी एवं न्यायमूर्ति कुणाल रवि सिंह की खंडपीठ ने विनीत शर्मा एवं प्रजाक्ता सिंहल कि जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार द्वारा दी गई जानकारी के बाद दिया.
याचिका में बंदरों के बढ़ते आतंक पर नियंत्रण करने की मांग की गई है. याचियों की ओर से अधिवक्ता पवन तिवारी एवं आकाश वशिष्ठ राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल व विपक्षी नगर पालिका परिषद मुरादनगर के अधिवक्ता बालेश्वर चतुर्वेदी ने पक्ष रखा. सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि रीसस मकाक (बंदर) की संख्या, उनके हॉटस्पॉट क्षेत्रों एवं मानव-बंदर संघर्ष की स्थिति का वैज्ञानिक आंकलन करने के लिए विस्तृत सर्वेक्षण आवश्यक है, जिसके लिए लगभग एक वर्ष का समय अपेक्षित होगा.
साथ ही यह भी बताया कि एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जा चुका है तथा वर्तमान एसओपी के तहत कार्यवाही की जा रही है. कोर्ट ने निर्देश दिया कि वर्तमान एसओपी के अंतर्गत जिला स्तर पर अब तक उठाए गए ठोस कदमों का विवरण शपथपत्र के माध्यम से प्रस्तुत किया जाए. विशेष रूप से गाजियाबाद एवं मथुरा जिले में की गई कार्यवाही के साथ प्रदेश के अन्य जिलों मे किये गए उपायों का विस्तृत एक्शन प्लान अगली तिथि से पूर्व कोर्ट के समक्ष रखने का निर्देश दिया गया है.
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