इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपर मुख्य सचिव वन सहित तीन अफसर को किया तलब, एसडीएम करछना को दिया नोटिस
कोर्ट ने कहा, अधिकारियों का आचरण दर्शाता है कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के प्राधिकार को कम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : November 14, 2025 at 8:45 PM IST
प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपर मुख्य सचिव वन अनिल कुमार सहित तीन अधिकारियों को आपराधिक अवमानना का नोटिस जारी करते हुए उन्हें तलब किया है. यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ एवं न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह की खंडपीठ ने ओमकार सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है. वहीं अवमानना के एक मामले में एसडीएम करछना भारती वीना को भी नोटिस जारी किया है.
कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री से स्पष्ट है कि इस न्यायालय के आदेशों की अवमानना के लिए विपक्षी अधिकारियों को दंडित करने की शक्तियों का स्वतः संज्ञान लेना भी उचित है. कोर्ट ने कहा कि पहली नजर में यह मामला सिविल अवमानना का मामला लग रहा है, लेकिन विचार करने पर यह स्पष्ट है कि यह अवमानना न्यायालय अधिनियम 1971 की धारा 2(सी) के तहत परिभाषित आपराधिक अवमानना का है.
कोर्ट ने कहा, विपक्षी अधिकारियों का आचरण दर्शाता है कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के प्राधिकार को कम करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है. उन्होंने इस न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के विरुद्ध लिखित आदेश करके आपराधिक अवमानना की है और याची को नौकरी से वंचित करके उच्चतम न्यायालय और इस न्यायालय के निर्देशों को विफल करने के लिए अन्यथा भी अवमानना की है.
कोर्ट ने कहा, उनके कार्य न्याय प्रशासन में बाधा डालने के संकेत हैं. ऐसे में उन्हें अगली तारीख पर उपस्थित रहने और जवाबी हलफनामा या अनुपालन का हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया जाता है. मामले पर अगली सुनवाई के लिए आठ दिसंबर की तारीख लगाई गई है.
एसडीएम करछना भारती वीना को अवमानना नोटिस : एसडीएम करछना मामले में कोर्ट ने उन्हें एक महीने में आदेश का पालन कर अनुपालन हलफनामा दाखिल करने या ऐसा नहीं करने पर यह कारण स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू की जाए.
यह आदेश न्यायमूर्ति दिनेश पाठक ने शक्ति देवी की अवमानना याचिका पर उनके अधिवक्ता राजेश्वर प्रसाद सिन्हा को सुनकर दिया है. एडवोकेट आरपी सिन्हा का कहना था कि हाईकोर्ट ने 18 दिसंबर 2020 के आदेश से संपत्ति बंटवारा वाद का निस्तारण करने का निर्देश दिया था, जिसका पालन नहीं किया गया. इस पर यह अवमानना याचिका की गई है.
याची का कहना है कि आदेश की प्रति एसडीएम को दी गई. इसके बावजूद कोर्ट के आदेश की अवहेलना की जा रही है. कोर्ट ने प्रथमदृष्टया मामला विचारणीय मानते हुए एसडीएम करछना भारती वीना को नोटिस जारी किया है.
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