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आंदोलन की राह पर कर्मचारी! संवादहीनता के विरोध में 36 घंटे का उपवास, 12 जनवरी को 'चेतावनी महारैली'

कर्मचारी नेताओं ने दावा किया कि महारैली में प्रदेश के 41 जिलों से एक लाख से अधिक कर्मचारी शामिल होंगे.

Employees Warning Rally
कर्मचारी नेता आंदोलन की राह पर (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : January 6, 2026 at 6:40 PM IST

3 Min Read
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जयपुर: राज्य सरकार की कथित कर्मचारी विरोधी नीतियों, संवादहीनता और संवेदनहीन रवैये के विरोध में प्रदेश के कर्मचारी आंदोलन की राह पर हैं. अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ की प्रांतीय कार्यकारिणी ने आंदोलन के पहले चरण में मंगलवार को शहीद स्मारक पर 36 घंटे का उपवास शुरू किया. सदस्यों ने सरकार से महासंघ के सात संकल्पों एवं 11 सूत्री मांग पत्र पर तत्काल कार्रवाई की मांग की. महासंघ ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने संवाद नहीं किया तो 12 जनवरी को जयपुर में 'चेतावनी महारैली' निकाली जाएगी, जिसके बाद आमने-सामने की लड़ाई की रणनीति बनेगी.

प्रदेश अध्यक्ष महावीर शर्मा ने कहा कि सरकार लगातार कर्मचारियों की जायज मांगों की अनदेखी कर रही है. बजट घोषणा के बाद भी अधीनस्थ सेवाओं के कर्मचारियों का कैडर पुनर्गठन नहीं हुआ है, वेतन विसंगतियां कायम हैं. संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है और पारदर्शी स्थानांतरण नीति अब तक जारी नहीं की गई है. उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन योजना में छेड़छाड़ के प्रयासों ने कर्मचारियों में भारी असंतोष पैदा किया है, जिसके चलते महासंघ को संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ा है.

कर्मचारी संयुक्त महासंघ प्रदेश अध्यक्ष महावीर शर्मा (ETV Bharat Jaipur)

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शर्मा ने कहा कि महासंघ ने पहले भी सरकार से संवाद स्थापित करने के कई प्रयास किए, लेकिन सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं हुई. इसी कारण चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति के तहत प्रदेशभर में संघर्ष चेतना यात्रा निकाली गई और 14 दिसंबर को जयपुर में संघर्ष चेतना महाधिवेशन आयोजित कर सरकार को चेतावनी दी गई. इसके बावजूद सरकार के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया, जिससे आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया गया.

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महासंघ के 7 संकल्प:

  • पदोन्नति विसंगति दूर करवाना
  • वेतन विसंगति दूर करना
  • पुरानी पेंशन योजना की सुरक्षा सुनिश्चित करना
  • संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण करवाना
  • पारदर्शी स्थानांतरण नीति जारी करवाना
  • विभिन्न विभागों, निगमों और बोर्डों के निजीकरण को बंद करवाना
  • कर्मचारियों के मान-सम्मान एवं स्वाभिमान की सुरक्षा सुनिश्चित करना

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12 जनवरी को 'चेतावनी महारैली': महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तेज सिंह राठौड़ ने कहा कि यदि उपवास के बाद भी सरकार मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है, तो 12 जनवरी को जयपुर में चेतावनी महारैली निकाली जाएगी. इस महारैली में प्रदेश के 41 जिलों से एक लाख से अधिक कर्मचारी शामिल होंगे. उन्होंने बताया कि उपवास में महासंघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के.के. गुप्ता, ओमप्रकाश शर्मा, आयुदान सिंह कविया सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी और कर्मचारी नेता शामिल हुए. यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती.