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पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरक साइकिल यात्रा पहुंची जैसलमेर, लोंगेवाला पर होगी समाप्त

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में शुरू हुई साइकिल यात्रा जैसलमेर के लोंगेवाला में समाप्त होगी. पढ़िए क्या है यात्रा का उद्देश्य...

अखिल भारतीय युवा साइकिलिंग यात्री
अखिल भारतीय युवा साइकिलिंग यात्री (ETV Bharat Jaisalmer)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : December 7, 2025 at 3:14 PM IST

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Updated : December 7, 2025 at 3:32 PM IST

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जैसलमेर : पर्यावरण संरक्षण, जल–वायु संतुलन और हरित अभियान का संदेश लेकर निकले अखिल भारतीय युवा साइकिलिंग यात्री अब स्वर्णनगरी जैसलमेर पहुंच चुके हैं. करीब आठ राज्यों का सफर, हजारों किलोमीटर की कठिन यात्रा और रास्ते भर लोगों को 'एक पेड़ मां के नाम' जैसी प्रेरक सोच से जोड़ने के बाद ये युवा आज जैसलमेर की धरती पर पहुंचे तो उनका स्थानीय संगठनों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया. केंद्रीय मीडिया प्रकोष्ठ से जुड़े पर्यावरण प्रेमी तारक चंद तिवारी (इंदौर) बीते दो वर्षों में देशभर के बड़े राज्यों में लगभग 3600 किलोमीटर से अधिक की पर्यावरण जागरूकता यात्रा कर चुके हैं.

उनका उद्देश्य है 'पेड़ लगाओ, जल बचाओ' जैसे संदेशों को गांव व कस्बों तक पहुंचाना और लोगों को प्रकृति संरक्षण की प्रेरणा देना. उन्होंने बताया कि वे अपनी यात्रा के दौरान जहां-जहां पहुंच रहे हैं, वहां स्थानीय नागरिकों के साथ नाम लिखकर एक पेड़ लगाने की प्रेरक परंपरा को बढ़ावा दे रहे हैं. जैसलमेर में एक दिन के ठहराव के बाद यात्रा का अगला पड़ाव भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा स्थित लोंगेवाला पोस्ट होगा. तिवारी ने बताया कि वे यहां जाकर देश की सीमा की सुरक्षा का संदेश भी देंगे और जवानों को पर्यावरण रक्षा के प्रति प्रेरित करेंगे.

साइकिल यात्रा पहुंची जैसलमेर (ETV Bharat Jaisalmer)

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अखिल भारतीय पर्यावरण साइकिलिंग यात्रा

  1. कुल यात्रा : 3600+ किलोमीटर
  2. साइकिलिंग आधारित चरण : 1500+ किलोमीटर
  3. कुल राज्य कवर : 8
  4. प्रमुख संदेश : पेड़ लगाओ – जल बचाओ
  5. अभियान का नारा : एक मनुष्य – एक पेड़

लोंगेवाला में वे वन विभाग, बीएसएफ और स्थानीय सैनिक संगठनों के साथ मिलकर सीमा क्षेत्र में छाया देने वाले पौधों के रोपण का संदेश देंगे. उनका मानना है कि रेगिस्तान में पौधारोपण सिर्फ पर्यावरण की रक्षा ही नहीं, बल्कि सीमा सुरक्षा में तैनात जवानों को भी राहत पहुंचाने का मानवीय कदम है. जैसलमेर पहुंचने पर तारक चंद तिवारी ने बताया कि थार का यह अनूठा क्षेत्र पर्यावरण संरक्षण की सबसे बड़ी सीख देता है. लोंगेवाला से वे बाड़मेर की ओर रवाना होंगे, जहां उनकी यात्रा का अगला चरण शुरू होगा. बाड़मेर के ग्रामीण इलाकों में भी वे जल संरक्षण, पौधारोपण और रेगिस्तान में पर्यावरण संतुलन की चुनौतियों पर जागरूकता कार्यक्रम करेंगे.

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यात्रा में अब तक क्या-क्या ? : तारक चंद तिवारी ने बताया कि वे अब तक मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली सहित आठ राज्यों में अभियान को लेकर जा चुके हैं. 3600 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय की है. गांवों और शहरों में लोगों को पेड़ लगाने की शपथ दिलाई है. साथ ही लगभग 1500 किलोमीटर की साइकिलिंग पर आधारित यह दूसरा बड़ा चरण है, जिसमें वे तिरंगा लेकर पर्यावरण, जल-संरक्षण और भारतीय संस्कृति की प्रेरणा से आगे बढ़ रहे हैं. तारक चंद तिवारी ने कहा कि यह यात्रा सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों को प्रकृति के प्रति जागरूक करने का संकल्प है. 'हम जितना Plant करेंगे, उतना Planet बचेगा'. उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा को समर्पित यह यात्रा अब सरहद की ओर बढ़ चुकी है और जैसलमेर ने उसे एक नई ऊर्जा देकर आगे बढ़ाया है.

Last Updated : December 7, 2025 at 3:32 PM IST