होली से पहले अलर्ट मोड पर अलीगढ़, संवेदनशील इलाकों की मस्जिदें तिरपाल से ढकीं, आज निकलेगा होली का जुलूस
शहर के अति संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में एहतियातन तीन मस्जिदों को तिरपाल से ढक दिया गया.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : March 2, 2026 at 9:43 AM IST
अलीगढ़ः अलीगढ़ में होली को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है. शहर के अति संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में एहतियातन तीन मस्जिदों को तिरपाल से ढक दिया गया है. यह कदम हर वर्ष की तरह इस बार भी आपसी सौहार्द बनाए रखने और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए उठाया गया है.
इन मस्जिदों को तिरपाल से ढका गया: जानकारी के अनुसार, अब्दुल करीम चौराहा, देहली गेट क्षेत्र और ऊपरकोट नगर कोतवाली इलाके की तीन मस्जिदों को रविवार देर रात मस्जिद कमेटी के लोगों द्वारा तिरपाल और पॉलिथीन से ढकवाया गया. इनमें अब्दुल करीम चौराहे पर स्थित शीशे वाली मस्जिद, सब्जी मंडी चौराहा स्थित हलवाईयान मस्जिद और बाबरी मंडी क्षेत्र की मस्जिद शामिल हैं.
इस इलाके से निकलता है जुलूस: अब्दुल करीम चौराहा शहर का प्रमुख और संवेदनशील इलाका माना जाता है. यहां शीशे वाली मस्जिद के नीचे बाजार की होली होती है और यहीं से जुलूस भी निकलता है. ऐसे में रंग और गुलाल मस्जिद की दीवारों या शीशों पर न पड़े, इसे ध्यान में रखते हुए पहले से ही ढकने की व्यवस्था की गई है. प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच समन्वय के बाद यह फैसला लिया गया. एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि सोमवार को बाजार की होली, डोला और उसके बाद धूल के कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है. उन्होंने कहा कि हर साल की तरह इस बार भी मस्जिद कमेटी के सहयोग से संवेदनशील स्थानों पर स्थित मस्जिदों को पहले ही ढकवा दिया गया है, ताकि त्योहार के दौरान कोई विवाद की स्थिति न बने.
तीन दिनों तक भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक: प्रशासन ने शहर में सोमवार से अगले तीन दिनों तक भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का भी निर्णय लिया है. होली के जुलूस, शोभायात्रा और अन्य कार्यक्रमों को देखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है. पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है और ड्रोन तथा सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की तैयारी भी की गई है. पुराने शहर के ये इलाके मिश्रित आबादी वाले हैं और पहले भी यहां प्रशासन विशेष सतर्कता बरतता रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि मस्जिदों को ढकना एक एहतियाती कदम है, जिससे त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके. कई व्यापारियों ने भी प्रशासन के फैसले का समर्थन किया है.
अफसरों ने लिया जायजा: रविवार देर रात तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे. मस्जिदों को तिरपाल से पूरी तरह कवर किया गया है, ताकि रंग या पानी का असर भवन पर न पड़े. प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि होली आपसी भाईचारे और सद्भाव का पर्व है. किसी भी तरह की अफवाह या शरारत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और जिम्मेदारी से त्योहार मनाने की अपील की है. शहर में सुरक्षा के बीच होली की तैयारियां जोरों पर हैं, और प्रशासन कोशिश में है कि रंगों का यह त्योहार पूरी तरह शांति और सौहार्द के साथ मनाया जाए.

