टी 20 वर्ल्ड कप; पिता की तबीयत खराब सुन क्रिकेटर रिंकू सिंह पहुंचे अस्पताल, जिम्बाबे से मुकाबले में खेलना संदिग्ध
सूचना मिलते ही क्रिकेटर रिंकू सिंह सीधे अस्पताल पहुंचे. उन्होंने डॉक्टरों से इलाज की जानकारी ली और कई घंटे पिता के साथ बिताए.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : February 25, 2026 at 7:55 AM IST
अलीगढ़ : भारतीय क्रिकेट टीम के विस्फोटक बल्लेबाज रिंकू सिंह पिता की तबीयत खराब सुनने के बाद मंगलवार को चेन्नई से अलीगढ़ लौट आए. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सूत्रों के अनुसार परिवार में मेडिकल इमरजेंसी की वजह से उन्हें अचानक टीम से अलग होकर घर आना पड़ा. इस बीच भारत को 26 फरवरी को जिंबॉब्वे के खिलाफ अहम मुकाबला खेलना है, लेकिन उस मैच में रिंकू की उपलब्धता को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है.
समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक रिंकू के पिता खान चंद्र सिंह को गंभीर हालत में नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि वे चौथे चरण के लिवर कैंसर से जूझ रहे हैं. परिजनों ने उन्हें ग्रेटर नोएडा के सेक्टर ओमेगा वन स्थित यथार्थ अस्पताल में भर्ती कराया है. अस्पताल प्रशासन के अनुसार उनकी हालत गंभीर थी और तत्काल इलाज की आवश्यकता थी. फिलहाल उन्हें आईसीयू में रखा गया है और डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है. हालांकि स्थिति फिलहाल स्थिर है. पिता की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही रिंकू सिंह सीधे अस्पताल पहुंचे. उन्होंने डॉक्टरों से इलाज की जानकारी ली और कई घंटे पिता के साथ बिताए.
भारत और जिंबॉब्वे के बीच सुपर आठ चरण का मुकाबला गुरुवार को चेन्नई के एम. ए. चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाना है. यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए बेहद अहम है, क्योंकि सेमीफाइनल में जगह पक्की करने के लिए टीम को बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी. जिंबॉब्वे इस टूर्नामेंट में मजबूत प्रदर्शन कर चुकी है और श्रीलंका व ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों को हराकर उसने अपनी क्षमता साबित की है. ऐसे में यह मैच आसान नहीं माना जा रहा.
रिंकू सिंह आमतौर पर भारतीय टीम में छठे या सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं और उन्हें फिनिशर की भूमिका में उतारा जाता है. हालांकि मौजूदा विश्व कप उनके लिए खास नहीं रहा है. पांच मैचों में वे केवल 24 रन ही बना सके हैं. बावजूद इसके निचले क्रम में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी टीम के लिए उपयोगी साबित होती रही है.
रिंकू का क्रिकेट सफर संघर्षों से भरा रहा है. उन्होंने आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स को दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि उनका बचपन आर्थिक तंगी में गुजरा. उनके पिता गैस एजेंसी में सिलिंडर डिलीवरी का काम करते थे. शुरुआत में परिवार की ओर से क्रिकेट खेलने को लेकर समर्थन नहीं था, लेकिन रिंकू ने मेहनत और प्रदर्शन के दम पर अपनी पहचान बनाई और भारतीय टीम तक का सफर तय किया. फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या रिंकू सिंह जिंबॉब्वे के खिलाफ मैदान पर उतर पाएंगे या नहीं. इससे भी ज्यादा अहम बात यह है कि उनके पिता का स्वास्थ्य जल्द बेहतर हो.
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