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हरिद्वार अर्ध कुंभ मेला, अखाड़ा परिषद से मेलाधिकारी ने की मुलाकात, जानिए क्या हुआ

2027 में हरिद्वार अर्ध कुंभ मेले को लेकर मेलाधिकारी ने अखाड़ा परिषद से मुलाकात की है.

AKHARA PARISHAD DISPLEASED
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी और महामंत्री महंत हरि गिरी महाराज (फोटो सोर्स- ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : November 13, 2025 at 3:48 PM IST

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Updated : November 13, 2025 at 9:54 PM IST

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देहरादून: उत्तराखंड सरकार 2027 अर्द्ध कुंभ की पूर्ण कुंभ मेले की तर्ज पर दिव्य और भव्य आयोजन की तैयारी कर कर रही है. इस बीच अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी और महामंत्री महंत हरिगिरी महाराज ने नाराजगी की खबर आई. जिसके बाद मेलाधिकारी ने इन संतों से मुलाकात की.

गुरुवार को जूना अखाड़े में अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरिगिरी महाराज ने कहा हरिद्वार अर्द्ध कुंभ मेले में अखाड़ों को भाग लेने के लिए सरकार या प्रशासन की तरफ से कोई प्रस्ताव और निमंत्रण नहीं आया है. अखाड़ों के शिविर और शाही स्नान की कोई व्यवस्था नहीं बनाई गई है. यदि सरकार कहेगी तो अखाड़े हरिद्वार अर्द्धकुंभ मेले में भाग लेंगे और शाही स्नान भी करेंगे, लेकिन अभी तक मेले के शाही स्नान, बैठक और पेशवाई को लेकर कोई प्रस्ताव नहीं आया है. सभी साधु संत सरकार के निमंत्रण का इंतजार कर रहे हैं.

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और जूना अखाड़े के महामंत्री का बयान (वीडियो सोर्स- ETV Bharat)

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा जब भी कुंभ और अर्द्ध कुंभ जैसे आयोजन होते हैं, तब मुख्यमंत्री साधु संतों के पास निमंत्रण के लिए आते हैं. हरिद्वार अर्द्ध कुंभ मेले के लिए भी तक अखाड़ों को बुलाया नहीं गया है. कुंभ की एक परम्परा होती है कि अखाड़ों को निमंत्रण दिया जाए. उसके बाद पहली बैठक मुख्यमंत्री के यहां होती है.

महंत रविंद्रपुरी महाराज ने बताया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री नासिक कुंभ के लिए उनके संपर्क में रहते हैं और वहां कुंभ की भव्य तैयारी चल रही है. इसलिए यदि उत्तराखंड सरकार को भी कुंभ करना है तो उन्हें साधु संतों से वार्ता करनी पड़ेगी. इसके लिए सभी अखाड़ों के सचिवों को देहरादून बुलाकर बैठक करनी चाहिए, ताकि हरिद्वार में कुंभ मेले की भव्य तैयारियां शुरू हो सकें.

साधु संतों ने बताई कुंभ मेले की परम्परा: महंत हरिगिरी महाराज ने बताया कि जब भी किसी राज्य में कुंभ और अर्द्धकुंभ मेला होता है, तब उसकी शुरुआत सरकार की ओर से की जाती है. पहले मुख्यमंत्री सभी अखाड़ों के साधु संतों को निमंत्रण देते हैं. उसके बाद पहली बैठक मुख्यमंत्री के यहां पर ही होती है. यदि उत्तराखंड सरकार की तरफ से कोई प्रस्ताव आएगा तो हरिद्वार कुंभ मेले की तैयारी की जाएगी.

वहीं महंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री हमारा राजा है और हम सब प्रजा हैं. कुछ दिन पहले कई साधु संतों मुख्यमंत्री से मिलने गए थे, लेकिन वहां कुंभ पर कोई चर्चा नहीं हुई. इसलिए साधु संतों का हरिद्वार अर्द्ध कुंभ की तैयारी पर कोई ध्यान नहीं है. उनकी सीएम से बात हुई थी कि हरि गिरी महाराज जब हरिद्वार आएंगे तो कुंभ पर चर्चा होगी. अब हरि गिरी महाराज हरिद्वार आ गए हैं. इसलिए वो चाहते हैं कि जल्द ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री उनसे बातचीत कर कुंभ की तैयारी पर चर्चा करें.

मुलाकात करने पहुंचे मेलाधिकारी: 2027 अर्द्धकुंभ मेले को लेकर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी और महामंत्री महंत हरिगिरी महाराज ने नाराजगी व्यक्त की तो शासन प्रशासन में हड़कंप मचा. उनके बयान के बाद अपर मेलाधिकारी ने जूना अखाड़े पहुंचकर उनसे मुलाकात की. उनसे मुलाकात के बाद अध्यक्ष और महामंत्री अपने बयान से पलट गए. दोनों संतों ने किसी भी प्रकार की नाराजगी से इनकार कर दिया. 2027 अर्द्धकुंभ की भव्य तैयारियों में बढ़चढ़ कर शिरकत करने की बात कही है.

महंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सानिध्य में हरिद्वार में 2027 का अर्द्धकुंभ दिव्य और भव्य होगा. मेले की जोर शोर से तैयारी चल रही है. उन्होंने कहा जब भी कुंभ की बैठक होती है तो मुख्यमंत्री के साथ होती है. उनकी मुख्यमंत्री से बात हुई थी कि बहुत जल्द ही पीएम मोदी के दौरे के बाद अखाड़ा परिषद की बैठक बुलाई जाएगी. मुख्यमंत्री के आह्वान से पूरे विश्व में भव्य कुंभ का मैसेज जाएगा. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत हरिगिरी महाराज ने कहा हरिद्वार अर्द्धकुंभ मेले की अच्छी तैयारियां चल रही हैं. तमाम अधिकारी उसमें जुटे हुए हैं. अपर मेलाधिकारी ने भी उनसे बातचीत कर समन्यव बनाया है.

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Last Updated : November 13, 2025 at 9:54 PM IST