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Ajmer Crime : गला रेत कर की थी प्रेमिका की हत्या, पति-पत्नी को आजीवन कारावास

अजमेर की एडीजे कोर्ट संख्या-3 ने एक युवती की हत्या के मामले में प्रयागराज के एक दंपती को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.

Ajmer District Court
अजमेर जिला न्यायालय (ETV Bharat File Photo)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : July 7, 2026 at 7:43 PM IST

4 Min Read
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अजमेर: पति ने पत्नी के साथ मिलकर बेरहमी से प्रेमिका की हत्या की थी. मामला किशनगंज थाना क्षेत्र के ईदगाह क्षेत्र में 24 मई 2017 का है. इस मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. एडीजे कोर्ट में विशिष्ट लोक अभियोजक हरदेव सिंह रावत ने बताया कि किशनगंज स्थित बालाजी मंदिर के समीप रहने वाले रामकिशन उदय ने किशनगंज थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था.

उसका आरोप था कि चौरसियावास रोड पर उसका एक मकान है. वह ईदगाह क्षेत्र में सीमेंट के खंभे बनाने का काम करता है. मेरे एक परिचित ने एक युवक और युवती को 19 मई 2017 को मेरे मकान में कमरा दिलवाया था. उनके साथ तीन माह का बच्चा भी था. 24 मई 2017 को मैं पानी की तराई देने के लिए मकान पर गया था, जहां कमरे में ताला लगा हुआ था और अंदर से तेज बदबू आ रही थी. ताला तोड़कर मकान के भीतर देखा तो एक युवती की खून से सनी लाश पड़ी थी. पुलिस ने मौके से साक्ष्य भी जुटाए. मामले की सूचना उसने किशनगंज थाने में दी थी. पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की. मृतका का पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया.

विशिष्ट लोक अभियोजक ने क्या कहा, सुनिए... (ETV Bharat Ajmer)

इंदौर से दंपती को किया था गिरफ्तार : पुलिस ने आरोपी के मोबाइल नंबर की सीडीआर निकालवाई. पड़ताल के बाद युवती की हत्या करके फरार हुए पति-पत्नी को इंदौर से दस्तयाब करके लाया गया. आरोपी राजन केसरी और शालू केसरी हैं. दोनों प्रयागराज के सिरसा थाना क्षेत्र के निवासी हैं. पुलिस जांच में सामने आया कि राजन और शालू पति-पत्नी थे, जबकि दोनों ने मिलकर जिस युवती का कत्ल किया था, वह राजन की प्रेमिका ज्योति थी. पड़ताल में सामने आया कि शालू और राजन ज्योति को रास्ते से हटाने के लिए ही अजमेर लाए थे. मकान किराए पर लेने से पहले तीनों नला बाजार स्थित एक होटल में ठहरे हुए थे.

ज्योति चाहती थी राजन शालू को तलाक देकर उससे शादी करें : विशिष्ट लोक अभियोजक हरदेव सिंह रावत ने बताया कि ज्योति चाहती थी कि राजन शालू को तलाक देकर खुद से शादी कर ले. ज्योति अक्सर राजन और शालू से इस बात को लेकर झगड़ा किया करती थी. राजन शालू को तलाक नहीं देना चाहता था. यही वजह थी कि राजन और शालू दोनों ने मिलकर ज्योति को रास्ते से हटाना चाहते थे. अपनी खूनी मंशा को अंजाम देने के लिए ही ज्योति को दोनों अजमेर लाए थे. यहां उन्होंने खूनी योजना को अंजसम देने के लिए ईदगाह क्षेत्र में एक मकान में कमरा किराए पर लिया था. आरोपी राजन और शालू ने 20 मई 2017 को चाकू से ज्योति का गला रेत दिया. साथ ही पत्थर और ईंट से उसका सिर कुचल दिया.

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राजन और ज्योति की एक बच्ची थी, डीएनए जांच में हुई पुष्टि : उन्होंने बताया कि 3 माह की बच्ची राजन और ज्योति से थी. ज्योति के कत्ल के बाद उस बच्ची को राजन और शालू पाल रहे थे. डीएनए टेस्ट में बच्ची के बायोलॉजिकल फादर के रूप में राजन के होने की पुष्टि हुई थी.

30 गवाह और 97 दस्तावेज कोर्ट में किए पेश : विशिष्ट लोक अभियोजक हरदेव सिंह रावत ने बताया कि कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से 30 गवाह और 97 दस्तावेज पेश किए गए. जिनके आधार पर एडीजे कोर्ट संख्या 3 ने राजन और शालू को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है. वही, दोनों को 25-25 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया है.