यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा- "भोगी बन चुके हैं योगी, अब सत्ता तो दूर मठ में बैठने लायक भी नहीं"
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी और राजू दास पर निषाद समाज को अपमानित करने का आरोप लगाया.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : August 26, 2026 at 10:39 PM IST
लखनऊ: उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने बुधवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित किया. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संरक्षण में उनकी पार्टी के लोग पूरे निषाद समाज को गालियां दे रहे हैं.
अजय राय ने कहा कि एक सरकारी चैनल पर लाइव प्रसारण के दौरान कांग्रेस प्रवक्ता को राजू दास द्वारा दी गई धमकियों और अपशब्दों के बावजूद अब तक FIR दर्ज न होना प्रशासनिक ढिलाई को दर्शाता है.
2027 के चुनाव में सबक सिखाने का दावा: अजय राय ने प्रदेश सरकार पर सियासी हमला बोलते हुए कहा कि निषाद समाज 2027 के विधानसभा चुनाव में इस अपमान का पूरा हिसाब चुकता करेगा. उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता का दुरुपयोग कर झूठी घोषणाएं की जा रही हैं. बनारस लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर संघर्ष करने वाले हैं और किसी के दमनकारी कदमों के आगे झुकने वाले नहीं हैं.
प्रदेश की कानून व्यवस्था और अपराधों पर घेरा: प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अजय राय ने प्रदेश में हाल ही में घटित हुई दुष्कर्म की घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार की निष्पक्षता पर सवाल उठाए. उन्होंने चकिया, जौनपुर, गाजियाबाद और गोरखपुर में मासूमों के साथ हुए अपराधों की सूची रखते हुए पूछा कि इन मामलों में कड़ी दंडात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की गई. उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी हर परिस्थिति में आम जनता, पिछड़ों और वंचितों के हक की लड़ाई लड़ती रहेगी.
राजू दास के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग: प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद कांग्रेस नेता राम निहाल निषाद और प्रवक्ता कुंवर सिंह निषाद ने भी भाजपा पर निषाद समाज के पारंपरिक अधिकारों को छीनने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि मथुरा के सदर बाजार थाने में राजू दास के खिलाफ तहरीर दी गई है, लेकिन अभी तक मामला दर्ज नहीं किया गया है. नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि आरोपी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी नहीं की गई, तो पूरे प्रदेश का निषाद समाज उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा.
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