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'सत्ता में बैठे लोगों को सड़क पर दौड़ाकर पीटना पड़ेगा', अजय चौटाला ने फिर दिया विवादित बयान

जेजेपी सुप्रीमो अजय चौटाला ने एक बार फिर से विवादित बयान दिया. उन्होंने कहा कि 'सत्ता में बैठे लोगों को सड़क पर दौड़ाकर पीटना पड़ेगा'

Ajay Chautala controversial statement
Ajay Chautala controversial statement (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : July 8, 2026 at 11:55 AM IST

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हांसी: चैनत गांव में पेयजल की मांग को लेकर 53 दिनों से ग्रामीणों का प्रदर्शन जारी है. मंगलवार को जननायक जनता पार्टी के सुप्रीमो अजय सिंह चौटाला ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों के धरने का समर्थन किया. इस दौरान अजय चौटाला ने हरियाणा सरकार पर निशाना साधा.

अजय चौटाला का विवादित बयान: धरना स्थल पर पहुंचकर उन्होंने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला और पेयजल परियोजना व टी-कनेक्शन विवाद को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए. इस दौरान अजय चौटाला ने एक विवादित बयान भी दिया. उन्होंने कहा "मैं पहले भी कह चुका हूं कि सत्ता में बैठे लोगों को सड़क पर दौड़ाकर पीटना पड़ेगा, तब यह पीछा छोड़ेंगे. इसके लिए हम सबको संगठित होना पड़ेगा. आज सबसे बड़ी जरूरत संगठन की है."

'सत्ता में बैठे लोगों को सड़क पर दौड़ाकर पीटना पड़ेगा', अजय चौटाला ने फिर दिया विवादित बयान (ETV Bharat)

नायब सैनी को बताया डमी सीएम: चौटाला ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को डमी मुख्यमंत्री बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार की कमान पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और पूर्व मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर के हाथों में है. उन्होंने कहा कि सरकार पाइपलाइन में टी-कनेक्शन के मामले में कानूनी अड़चनों का बहाना बना रही है, जबकि कानून जनहित के लिए होते हैं और आवश्यकता पड़ने पर उनमें बदलाव किया जा सकता है.

सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल: उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पानी के इस मुद्दे को अपनी प्रतिष्ठा का विषय बना लिया है, जिसके कारण समाधान में अनावश्यक देरी हो रही है. हांसी-बरवाला ब्रांच पेयजल परियोजना के लिए एनओसी मिलने में हो रही देरी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जब सभी विभाग सरकार के अधीन हैं तो जनता को मूलभूत सुविधा के लिए महीनों इंतजार क्यों करना पड़ रहा है.

चैनत गांव के लोगों को धरने को दिया समर्थन: ग्रामीणों के खिलाफ दर्ज मुकदमों पर भी उन्होंने नाराजगी जताई और इसे सरकार की गलत कार्यशैली बताया. चौटाला ने भरोसा दिलाया कि उनकी पार्टी इस आंदोलन में ग्रामीणों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी और पेयजल की स्थायी व्यवस्था होने तक संघर्ष जारी रहेगा.

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