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इंकलाबी नौजवान सभा और आईसा की मांग, परीक्षाओं में धांधली मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से अभ्यर्थियों को न्याय दिलाए सरकार

झारखंड में परीक्षाओं में धांधली मामले में आईसा और इंकलाबी नौजवान सभा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उपेंद्र कुमार की रिपोर्ट.

AISA and RYA
इंकलाबी नौजवान सभा के राष्ट्रीय महासचिव नीरज कुमार और आईसा के राज्य सचिव त्रिलोकीनाथ. (फोटो-ईटीवी भारत)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : August 21, 2026 at 7:44 PM IST

4 Min Read
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रांची: सीपीआई एमएल की छात्र इकाई ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और युवा इकाई इंकलाबी नौजवान सभा (RYA) की ओर से शुक्रवार को पार्टी के झारखंड प्रदेश कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया. इस दौरान दोनों संगठनों के नेताओं ने सरकार से राज्य की प्रतियोगी परीक्षा में हुई धांधली की SIT से जांच कराने और फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से पीड़ित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग की है.

एसआईटी गठिक कर जांच कराने की मांग

इस मौके पर इंकलाबी नौजवान सभा( RYY) के राष्ट्रीय महासचिव नीरज कुमार ने कहा कि JPSC-JSSC में धांधली, भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ झारखंड के छात्र-नौजवान लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे. सरकार ने इसे संज्ञान में लेते हुए परीक्षाएं रद्द कर दी, लेकिन उचित होमवर्क के अभाव में हाईकोर्ट द्वारा इस पर स्टे लगा दिया गया. उन्होंने कहा कि यह बात बिल्कुल सही है कि JPSC-JSSC शुरू से ही भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है. झारखंड हाईकोर्ट ने सरकार द्वारा JPSC-JSSC CGL और CDPO की परीक्षा रद्द करने के फैसले पर रोक लगा दी है. अब सरकार को चाहिए कि जब बड़ी संख्या में और कई परीक्षाओं में गड़बड़ी की बात सामने आ रही है, इसलिए CID जांच के बाद जो परीक्षाएं शक के दायरे में हैं, उनकी SIT जांच कराई जाए.

इंकलाबी नौजवान सभा के राष्ट्रीय महासचिव नीरज कुमार और आईसा के राज्य सचिव त्रिलोकीनाथ का बयान. (वीडियो-ईटीवी भारत)

धांधली कर परीक्षा पास करने वालों पर हो कार्रवाई

इंकलाबी नौजवान सभा के राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि जांच के बाद जिन लोगों ने धांधली कर परीक्षा पास कर नौकरी पाई है उन्हें चिन्हित कर बाहर किया जाना चाहिए. इसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाए, ताकि मामले का जल्द निपटारा हो सके. JPSC की 11वीं-13वीं परीक्षा को रद्द करने, उसके बाद FSO और अब JSSC-CGL तथा CDPO के मामले सामने आए हैं. हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले पर रोक लगा दी है. सरकार को अब आंदोलनरत छात्रों के पक्ष में खड़ा होकर पूरे मामले की जांच करानी चाहिए, ताकि सही लोगों को उनका हक मिल सके और अनियमित तरीके से आए लोगों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें अलग किया जा सके. उन्होंने कहा कि SIT जांच इसलिए जरूरी है, क्योंकि 50 से ज्यादा मामले शक के दायरे में हैं.

24 अगस्त को धनबाद में छात्र-युवा संसद का आयोजन

वहीं, आइसा के राज्य सचिव त्रिलोकीनाथ ने कहा कि 24 अगस्त को धनबाद में छात्र-युवा संसद आयोजित की जा रही है. इस संसद में जंतर-मंतर आंदोलन से लेकर बिहार और झारखंड के आंदोलन में रहे चर्चित चेहरे शामिल होंगे. यहां छात्रों-नौजवानों के साथ पेपर लीक, धांधली, भ्रष्टाचार, रोजगार और शिक्षा के मुद्दों पर चर्चा की जाएगी. त्रिलोकीनाथ ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार रोजगार के मुद्दे पर फेल साबित हुई है. जंतर-मंतर और रांची के आंदोलन की दिशा तथा छात्र-नौजवानों के सवालों पर संघर्ष तेज करने को लेकर भी चर्चा होगी. झारखंड के छात्रवृत्ति, क्लस्टर सिस्टम रद्द करने, लेट सेशन जैसे छात्रों के सवालों और छात्र संघ के मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी.

आइसा के झारखंड राज्य सचिव त्रिलोकीनाथ ने कहा कि मोदी सरकार में नौकरियां नहीं, बल्कि जुमला मिला है. बैंक, रेलवे जैसे क्षेत्र जो बड़ी संख्या में पहले युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराते थे, केंद्र की युवा विरोधी नीतियों की वजह से वहां भी वैकेंसी नहीं है और केंद्र सरकार युवाओं को रोजगार देने में विफल साबित हुई है.

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