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सिंहस्थ की तैयारियों के बीच उज्जैन की हवा हुई जहरीली, 240 के पार AQI, हेल्थ पर खतरा

वायु प्रदूषण से जहरीली हो रही उज्जैन की हवा, 242 तक पहुंचा AQI लेवल, बढ़ते यातायात और निर्माण कार्य बने बड़ी वजह.

Ujjain Air Pollution
प्रदूषण से जहरीली हो रही उज्जैन की हवा (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : January 3, 2026 at 4:42 PM IST

4 Min Read
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उज्जैन: देश का सबसे बड़े पर्यटन केंद्र में शामिल उज्जैन पॉल्युशन की जकड़ में है. ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि विभागीय आंकड़े और हैरान करते AQI की वेबसाइट पर दर्ज ऑनलाइन आंकड़े बता रहे हैं कि महाकाल की नगरी में कितनी शुद्ध हवा लोगों को मिल पा रही है. सरकारी आंकड़ों में 31 दिसंबर को 83 तो 1 जनवरी को AQI 112 तक पहुंचा गया. वहीं ऑनलाइन आंकड़े इसके डबल दिखाई दिए.

31 दिसंबर को 163 तो 1 जनवरी को सबसे हाईएस्ट 242 AQI दर्ज किया गया है. शासकीय अस्पताल के डॉ. जितेंद्र शर्मा के अनुसार, जनमानस में विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों, सांस के रोगियों के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय है. मामले में वैज्ञानिक एवं प्रदूषण बोर्ड उज्जैन के प्रभारी प्रीतम खरे ने पुष्टि की है. प्रीतम खरे ने ETV भारत को बताया, ''हम समय-समय पर इसे कम करने के लिए विशेष अभियान चलाते रहते हैं. AQI लगातार बढ़ने का सबसे बड़ा कारण शहर में यातायात का दबाव व मौसम और निर्माण कार्य से निकलने वाली धूल है.''

50 से कम AQI जनस्वास्थ्य के लिए सुरक्षित (ETV Bharat)

8 दिनों में लगभग 20 लाख दर्शनार्थियों पहुंचे उज्जैन
प्रदूषण बोर्ड के प्रभारी एवं वैज्ञानिक प्रीतम खरे के अनुसार, ''31 दिसंबर और 1 जनवरी को बढ़ते हुए AQI की वजह यातायात भी है. श्री महाकाल मंदिर समिति से मिले बीते 8 दिनों में दर्शनार्थियों के आंकड़े अनुसार, लगभग 20 लाख दर्शनार्थियों ने भगवान के दर्शन लाभ लिए. ये सभी दर्शनार्थी सामान्यतः फ्लाइट, ट्रेन, बस व निजी वाहनों से पहुंचे.''

ETV भारत ने ट्रैफिक डीएसपी दिलीप सिंह परिहार से शहर में आने वाले वाहनों की संख्या के बारे में जाना. ट्रैफिक डीएसपी दिलीप सिंह परिहार ने बताया, ''सामान्य दिनों में 6000 के आस पास वाहन शहर में अलग-अलग मार्गों से प्रवेश करते हैं वहीं, विशेष पर्वों पर ये संख्या 12000 से अधिक हो जाती है. होटल, धर्मशाला, पर्यटन केंद्रों के आसपास यातायात का यह दबाव ज्यादा रहता है.''

Ujjain AQI Crosses 240
उज्जैन का AQI 242 तक पहुंचा (ETV Bharat)

निर्माण कार्य बड़ी वजह
प्रदूषण बोर्ड प्रभारी एवं वैज्ञानिक प्रीतम खरे के अनुसार, '' प्रदूषण की अहम वजह निर्माण कार्य है. आगामी सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश सरकार के निर्देशन में जिला प्रशासन अलग-अलग एजेंसियों के माध्यम से शहर के सड़क, पुल पुलिया और भवनों का निर्माण करने में जुटा हुआ है. जिसकी वजह से पर्यावरण पर बड़ा असर हुआ है. हजारों की संख्या में पेड़ों की कटाई की गई है. निर्माण स्थलों पर पर्याप्त ढकाव, पानी का छिड़काव नहीं होने से हवा में धूल के गुबार देखने को मिलते हैं. धुंध रहने से सबसे ज्यादा श्री महाकाल मंदिर, कालभैरव मंदिर क्षेत्र में प्रदूषण बड़ा हुआ नजर आता है.''

Pollution Control Board Ujjain
बढ़ते यातायात और निर्माण कार्य बने बड़ी वजह (ETV Bharat)

AQI 50 से कम तभी जनस्वास्थ्य के लिए सुरक्षित
आध्यात्मिक ऊर्जा और पर्यटन से देश दुनिया को आकर्षित करने वाले उज्जैन में 50 से ऊपर AQI अब पर्यटकों को भी डरा रहा है. प्रदूषण बोर्ड के जानकारों के अनुसार, AQI 50 से कम है तभी जनस्वास्थ्य के लिए सुरक्षित माना गया है. प्रदूषण विभाग के अनुसार, 0-50 AQI अच्छा ग्रीन अलर्ट, 51 से 100 मध्यम चिंता येल्लो अलर्ट, 100 से 150 संवेदनशील ऑरेंज अलर्ट, 151 से 200 बीमार करने वाला यानी रेड अलर्ट, 201 से 300 बहुत ही अस्वास्थ्यकर ब्लू अलर्ट, 300+ सबसे खतरनाक ब्राउन अलर्ट माना जाता है. सरकारी आंकड़ों में उज्जैन ऑरेंज अलर्ट में है.