कानपुर में एयरफोर्स जवान की बेरहमी से पिटाई, आरोपी दारोगा और सिपाही लाइन हाजिर
पुलिस टीम ने भारतीय वायुसेना के एक जवान के साथ न केवल अभद्रता की, बल्कि थाने ले जाकर उसकी बेरहमी से पिटाई की.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : February 25, 2026 at 7:27 AM IST
कानपुर: कानपुर के घाटमपुर थानाक्षेत्र से खाकी को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है. यहाँ इलाके गश्त कर रही पुलिस टीम ने भारतीय वायुसेना के एक जवान के साथ न केवल अभद्रता की, बल्कि थाने ले जाकर उसकी इतनी बेरहमी से पिटाई की कि जवान के कान का पर्दा फट गया. मामला तूल पकड़ने के बाद डीसीपी साउथ ने कार्रवाई करते हुए दो पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है.
शादी से लौट रहे जवान को पुलिस ने घेरा
पीड़ित जवान नीतीश सचान (26), जो मूल रूप से देवमनपुर गांव के निवासी हैं और वर्तमान में गुजरात के जामनगर एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात हैं, इन दिनों छुट्टी पर घर आए हुए थे। 19 फरवरी की रात करीब 11 बजे, नीतीश अपने एक दोस्त के भाई की शादी से लौट रहे थे, जब वे मूसानगर रोड स्थित एक गेस्ट हाउस के पास पैदल जा रहे थे, तभी सफेद बोलेरो में सवार घाटमपुर पुलिस की गश्ती टीम ने उन्हें रोका.
'फौजी चोर होते हैं' कहकर की मारपीट
नीतीश के अनुसार, जब पुलिसकर्मियों ने उनका परिचय पूछा, तो उन्होंने खुद को एयरफोर्स का जवान बताया. आरोप है कि यह सुनते ही पुलिसकर्मी भड़क गए और गाली-गलौज करते हुए कहा, "फौजी चोर होते हैं." जब नीतीश ने इस दुर्व्यवहार का विरोध किया, तो पुलिसकर्मी उन्हें जबरन गाड़ी में लादकर थाने ले गए.
थाने के भीतर नीतीश के साथ बर्बरता की गई. पिटाई के कारण उनकी एक आँख पूरी काली पड़ गई और उनके शरीर पर चोट के गंभीर निशान आए. मेडिकल जाँच में पुष्टि हुई है कि उनके बाएं कान का पर्दा फट गया है. मारपीट के बाद पुलिस ने उन पर शांति भंग की धारा के तहत चालान कर पल्ला झाड़ लिया.
अस्पताल में भर्ती और पुलिस की कार्रवाई
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने इलाज में भी लापरवाही बरती. बाद में परिजन उन्हें कानपुर के सेवन एयरफोर्स अस्पताल ले गए, जहाँ पिछले 3 दिनों से उनका उपचार चल रहा है.
घटना की जानकारी मिलते ही नीतीश की माँ, रेखा सचान ने डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई. मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी ने तुरंत जांच के आदेश दिए.
डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि जवान की माता जी की शिकायत पर जांच एडीसीपी योगेश कुमार को सौंपी गई थी. प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी दरोगा रविंद्र बुंदेला और कांस्टेबल प्रदीप कुमार को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है. मामले की जांच जारी है.
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