हेना शहाब के नाम पर भड़के AIMIM प्रदेश अध्यक्ष, कहा- राज्यसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी उतारेंगे
राज्यसभा चुनाव में एआईएमआईएम अपना प्रत्याशी उतारेगा. हेना शहाब को समर्थन देने के सवाल पर अख्तरुल ईमान भड़क उठे. पढे़ं पूरी खबर..

Published : February 24, 2026 at 1:35 PM IST
पटना: 5 सीटों पर होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर विपक्ष में सिर फुटव्वल शुरू हो गई है. आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने पूर्व सांसद मो. शहाबुद्दीन की पत्नी हेना शहाब के नाम का जिक्र कर एआईएमआईएम को घेरने की कोशिश की है. हालांकि अख्तरुल ईमान के रुख को देखकर लगता नहीं कि वह सपोर्ट करने के मूड में हैं, क्योंकि समर्थन के सवाल पर वह भड़क गए.
'हेना शहाब को राज्यसभा भेजना चाहिए': असल में भाई वीरेंद्र ने कल कहा था कि उनकी व्यक्तिगत राय है कि इस बार आरजेडी कोटे से किसी मुस्लिम समुदाय के नेता को राज्यसभा भेजना चाहिए. ऐसे में पार्टी नेतृत्व को हेना शहाब के नाम पर विचार करना चाहिए. वहीं, आज भी वह अपने बयान पर कायम हैं. विधानसभा परिसर में पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने कहा कि मेरी निजी राय है कि हेना शहाब को ही कैंडिडेट बनाया जाना चाहिए.
"आज भी अपना व्यक्तिगत राय दे रहा हूं कि अकलियत के भाई को ही राज्यसभा जाना चाहिए, और हमारी अपनी व्यक्तिगत राय है कि हेना शहाब को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया जाए."- भाई वीरेंद्र, विधायक, राष्ट्रीय जनता दल
हेना के नाम पर भड़के अख्तरुल: वहीं, हेना शहाब को समर्थन देने के सवाल पर एआईएमआईएम विधायक और प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान भड़क गए. उन्होंने तमतमाते हुए कहा कि हम क्यों आरजेडी का समर्थन करें? इस बार उनको हमारा समर्थन करना चाहिए. उन्होंने मीडिया पर भड़कते हुए कहा कि आरजेडी की ठेकेदारी लेने की बजाय हमारी बात रखिये और हमें सपोर्ट करिये.
"मेरा समर्थन नहीं करेंगे? उनको पूछिये कि मेरा समर्थन नहीं करेंगे. आप उन्हीं का ठेका लिए हुए हैं. मेरे लिए हमदर्दी नहीं रखते हैं आप."- अख्तरुल ईमान, विधायक सह प्रदेश अध्यक्ष एआईएमआईएम

हमें समर्थन दे आरजेडी: अख्तरुल ईमान ने कहा कि हमने पहले भी कहा था कि उच्च सदन में एआईएमआईएम की नुमाइंदगी नहीं है, लिहाजा इस बार विपक्ष हमारा समर्थन करें. इसके साथ ही उन्होंने संकेत दिए कि इस बार पार्टी किसी दलित को अपना प्रत्याशी बना सकती है.
क्या है रास चुनाव का समीकरण?: एक सीट पर जीत के लिए 41 विधायकों का समर्थन जरूरी है. 5 में से 4 राज्यसभा सीटों पर 202 विधायकों वाले एनडीए की जीत तय है, जबकि पांचवीं सीट पर जीत बगैर एआईएमआईएम के सपोर्ट के संभव नहीं है. महागठबंधन के पास 35 विधायक हैं. ऐसे में अगर एआईएमआईएम के 5 और बीएसपी के एक विधायक साथ आ जाते हैं तो विपक्ष की जीत मुमकिन हो सकती है.
हेना शहाब ही क्यों?: वैसे तो आरजेडी ने आधिकारिक रूप से हेना शहाब के नाम की घोषणा नहीं की है लेकिन जिन भाई वीरेंद्र ने उनका नाम उछाला है, वह लालू यादव और तेजस्वी यादव के भरोसेमंद माने जाते हैं. ऐसे में अगर हेना को राज्यसभा कैंडिडेट बनाया जाता है तो मुस्लिम हित की बात करने वाले असदुद्दीन ओवैसी के लिए समर्थन करना मजबूरी हो जाएगी. हेना के पति दिवंगत शहाबुद्दीन को आज भी मुस्लिम समाज बहुत मानता है. उनके बेटे ओसामा शहाब फिलहाल सिवान के रघुनाथपुर से आरजेडी के विधायक हैं.

एनडीए में भी दावेदारी शुरू: उधर एनडीए में भी राज्यसभा चुनाव में दावेदारी का दौर शुरू हो गया है. चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के बाद अब हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा ने भी अपना दावा किया है. खुद पार्टी संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि उनको 2 लोकसभा और एक राज्यसभा सीट का भरोसा दिया गया था, लिहाजा इस पर विचार होना चाहिए.
"हमने मांग नहीं की है। हमें कहा गया था कि हमें 2 लोकसभा और एक राज्यसभा सीट दी जाएगी। मुझे नहीं लगता कि हमारा नेतृत्व अपनी बात से मुकर जाएंगे। हम आखिरी तक इंतजार करेंगे। हम मांग नहीं करेंगे, हम देखेंगे कि वे देते हैं या नहीं."- जीतनराम मांझी, केंद्रीय मंत्री सह संरक्षक, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा
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