ETV Bharat / state

एम्स बिलासपुर में हुई दुर्लभ कैंसर की जटिल सर्जरी, डॉक्टरों ने पेट से 10 सेंटीमीटर का ट्यूमर निकालकर बचाई मरीज की जान

मामला इसलिए और चुनौतीपूर्ण था क्योंकि ट्यूमर शरीर की मुख्य धमनी एब्डोमिनल एओर्टा के बेहद करीब और उससे मजबूती से जुड़ा हुआ था.

AIIMS BILASPUR
एम्स बिलासपुर के डॉक्टरों ने जटिल सर्जरी कर बचाई मरीज की जान (@AIIMS-BILASPUR)
author img

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : August 15, 2026 at 10:44 AM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

बिलासपुर: एम्स बिलासपुर के डॉक्टरों ने एक बेहद दुर्लभ और जटिल कैंसर की सफल सर्जरी कर बड़ी चिकित्सा उपलब्धि हासिल की है. कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग के विशेषज्ञों ने मरीज के पेट में मौजूद करीब 10x8 सेंटीमीटर के ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाल दिया. यह ट्यूमर शरीर की एक प्रमुख नस से निकला था और मुख्य धमनी के बेहद करीब था. सर्जरी को जोखिम भरा माना जा रहा था, लेकिन डॉक्टरों की टीम ने सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर मरीज की जान बचाई.

मरीज शिमला क्षेत्र का रहने वाला है. जांच में उसके पेट की गहराई में करीब 10x8 सेंटीमीटर का बड़ा ट्यूमर पाया गया. डॉक्टरों के अनुसार यह 'इन्फीरियर वेना कावा लियोमायोसारकोमा' था. यह एक बेहद दुर्लभ प्रकार का कैंसर है. मेडिकल इतिहास में अब तक इस बीमारी के 450 से भी कम मामले दर्ज होने की जानकारी दी गई है. ट्यूमर शरीर की सबसे बड़ी शिरा इन्फीरियर वेना कावा से विकसित हुआ था. यह नस शरीर के निचले हिस्से से खून को वापस दिल तक पहुंचाती है.

मुख्य धमनी से चिपका था ट्यूमर

मामला इसलिए और चुनौतीपूर्ण था क्योंकि ट्यूमर शरीर की मुख्य धमनी एब्डोमिनल एओर्टा के बेहद करीब और उससे मजबूती से जुड़ा हुआ था. दोनों प्रमुख रक्त वाहिकाओं के पास मौजूद ट्यूमर को निकालने के दौरान थोड़ी सी भी गलती मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकती थी. ऐसे में डॉक्टरों ने सर्जरी से पहले पूरी योजना तैयार की और कई विभागों के विशेषज्ञों को इसमें शामिल किया. जटिल सर्जरी को एम्स बिलासपुर के कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग, ट्रामा एवं इमरजेंसी मेडिसिन तथा एनेस्थीसियोलॉजी और क्रिटिकल केयर विभाग के विशेषज्ञों ने मिलकर अंजाम दिया. डॉक्टरों ने बेहद सावधानी से ट्यूमर को मुख्य धमनी से अलग किया और उसे बाहर निकाला. सर्जरी करीब 15 दिन पहले की गई थी.

खराब नस का किया गया पुनर्निर्माण

ट्यूमर निकालने के बाद प्रभावित इन्फीरियर वेना कावा का प्रोस्थेटिक वैस्कुलर ग्राफ्ट की मदद से पुनर्निर्माण किया गया. इसका उद्देश्य शरीर में रक्त के प्रवाह को सामान्य बनाए रखना था. ऑपरेशन के दौरान विशेषज्ञों ने बेहद सावधानी से काम किया. सर्जरी के बाद मरीज को लगातार निगरानी में रखा गया. एनेस्थीसिया टीम और क्रिटिकल केयर विशेषज्ञों की देखरेख में मरीज की हालत में तेजी से सुधार हुआ.

स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से मिली छुट्टी

सफल ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति में लगातार सुधार हुआ और पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. एम्स प्रशासन के अनुसार इस तरह के दुर्लभ और जटिल मामलों के इलाज के लिए पहले मरीजों को हिमाचल से बाहर बड़े चिकित्सा संस्थानों और निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता था. एम्स बिलासपुर में हुई यह सर्जरी प्रदेश में आधुनिक सुपर-स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है.

ये भी पढ़ें: पहले होटल ले जाकर महिला से किया रेप, फिर पीड़िता को उसके क्वाटर्र पर छोड़ा, घर में रखे ₹9 लाख भी साथ ले गया आरोपी

ये भी पढ़ें: हिमाचल के सरकारी विभागों में एक लाख से अधिक पद खाली, हाईकोर्ट में सरकार के हलफनामे में खुलासा