दिल्ली AI Summit में प्रदर्शन के बाद कटघरे में क्यों आई सुक्खू सरकार, जानें पूरा मामला
नेता प्रतिपक्ष ने पूछा कि आखिर किसके निर्देश पर प्रदर्शनकारियों को हिमाचल सदन में रहने की अनुमति दी गई?

By PTI
Published : February 24, 2026 at 10:00 AM IST
|Updated : February 24, 2026 at 12:29 PM IST
शिमला: नई दिल्ली में आयोजित AI Summit के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन को लेकर हिमाचल प्रदेश की राजनीति गरमा गई है. नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं को दिल्ली स्थित हिमाचल सदन में ठहराया गया. उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है. साथ ही उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.
सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग का आरोप
जयराम ठाकुर ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के बताए अनुसार अगर यही "व्यवस्था परिवर्तन" है, तो यह बेहद चिंताजनक है. उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग केंद्र सरकार के खिलाफ साजिश कर रहे थे, उन्हें सरकारी भवन में ठहराया गया. साथ ही उन्होंने कुछ अवैध लेनदेन की खबरों पर भी सवाल उठाए.
किसके आदेश पर मिली अनुमति?
नेता प्रतिपक्ष ने पूछा कि आखिर किसके निर्देश पर प्रदर्शनकारियों को हिमाचल सदन में रहने की अनुमति दी गई? उन्होंने कहा कि इतनी संवेदनशील जगह पर बिना उच्च स्तर के संरक्षण के ठहरना संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि यह घटना कांग्रेस के असली चरित्र को दिखाती है.
सुरक्षा और नियमों पर सवाल
जयराम ठाकुर ने कहा कि पुलिस जांच में हिमाचल सदन का नाम सामने आना गंभीर संकेत है. इससे नियमों के उल्लंघन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए. उन्होंने इसे राज्य की गरिमा से जुड़ा मुद्दा बताया.
इस विवाद के बाद राज्य में सियासी टकराव और तेज हो गया है. इससे पहले धर्मशाला से विधायक और भाजपा नेता सुधीर शर्मा भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साध चुके हैं. अब सबकी नजर राज्य सरकार के आधिकारिक जवाब और संभावित जांच पर टिकी हुई है.
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