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कृषि यंत्र देने के बदले वसूली करने, किसानों से धोखाधड़ी के आरोप, कृषि पर्यवेक्षक निलंबित

पर्यवेक्षक पर विभाग की योजनाओं के तहत कृषि यंत्र दिलवाने की एवज में नकद और चैक के जरिए रुपए हड़पकर ठगी करने का आरोप है.

Krishi Pant Bhawan, Jaipur
कृषि पंत भवन, जयपुर (ETV Bharat File Photo)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : July 8, 2026 at 4:35 PM IST

2 Min Read
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जयपुर: राजस्थान में कृषि विभाग में गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर एक्शन जारी है. अब एक कृषि पर्यवेक्षक को गड़बड़ी, भ्रष्टाचार और किसानों को गुमराह करने के आरोप में निलंबित किया गया है. उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की गई है. कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने बताया कि हनुमानगढ़ जिले में सुरेवाल के कृषि पर्यवेक्षक हरिकृष्ण को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है. उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई का प्रकरण विचाराधीन है. निलंबन काल में कृषि पर्यवेक्षक हरिकृष्ण का मुख्यालय डूंगरपुर होगा. उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा.

नकद और चैक के जरिए रुपए लेने का आरोप: सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) हनुमानगढ़ कार्यालय के तहत सुरेवाला कृषि पर्यवेक्षक हरिकृष्ण के खिलाफ विभाग की योजनाओं के तहत कृषि यंत्र (सुपरसीडर) दिलवाने की एवज में नकद और चैक के जरिए रुपए हड़पकर ठगी करने, आवेदन करने वाले किसानों के खाली कागजों और खाली फॉर्म पर दस्तखत करवाने, भ्रष्ट और अशिष्ट आचरण के साथ ही सरकारी अनुदान राशि का दुरुपयोग करने के आरोप हैं. इन आरोपों को लेकर उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई का प्रकरण विचाराधीन है.

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पहले भी तीन अधिकारी हुए थे निलंबित: इन आरोपों के चलते आरोपी कृषि पर्यवेक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है. निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) जिला परिषद, डूंगरपुर कार्यालय में होगा. इससे पहले भारेवाला कृषि पर्यवेक्षक संदीप कुमार, वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक रजनीश कुमार और सहायक कृषि अधिकारी विशाल कुमार को भी अकर्मण्यता और धोखाधड़ी के आरोपों के चलते निलंबित किया गया था.