सिद्धको फेड की कार्यशाला में शामिल हुईं कृषि मंत्री, कहा- किसान बाजार के अनुरूप उत्पाद करें तैयार
कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि कृषि, पशुपालन और वनोपज से भी राज्य का विकास संभव है.

Published : February 28, 2026 at 9:08 PM IST
रिपोर्ट-उपेंद्र कुमार
रांची: सिदो-कान्हो कृषि एवं वनोपज राज्य सरकारी संघ लिमिटेड (SIDDHCO FED) द्वारा वर्कशॉप का आयोजन रांची के पलाश सभागार में किया गया. लघु वनोत्पादों के संग्रहण एवं मूल्य संवर्धन विषय को लेकर इसमें चर्चा की गयी. जिसमें बतौर मुख्य अतिथि राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की शामिल हुईं.
तीन-तीन महत्वपूर्ण MoU हुए
इस कार्यशाला के दौरान कृषि मंत्री की उपस्थिति में राज्य में वनोपज को बढ़ावा देने, उसके मूल्य निर्धारण और बेहतर बाजार के साथ किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से तीन महत्वपूर्ण MoU भी किये गये. जिसमें सिद्धको फेड के साथ ICAR NISA का ब्रूड बैंक,, सिद्धको फेड के साथ झासको लैंप और लखीश्वरी लाह उद्योग और सिद्धको फेड के साथ वाइल्ड हार्वेस्ट वेंचर प्राइवेट लिमिटेड के साथ MoU शामिल है.

मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करें किसानः मंत्री
कार्यशाला के दौरान अपने संबोधन में कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि राज्य के किसानों को बाजार की मांग के अनुरूप अपना उत्पाद तैयार करने की जरूरत है. सरकार इसके लिए किसानों को पूर्ण सहयोग करने के लिए हर कदम पर तैयार है. उन्होंने कहा कि राज्य में वनोपज को बढ़ावा देने और उसका सही मूल्य किसानों को दिलाने की सोच के साथ सरकार आगे बढ़ रही है.
"वन भूमि को संजो कर रखना हम सब की जिम्मेदारी"
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि झारखंड राज्य का 29 प्रतिशत भूमि वन से आच्छादित है. ऐसे में वन भूमि को संजो कर रखना हम सब की नैतिक जिम्मेवारी है. ये प्राकृतिक संपदा धन की तरह है. इसके लिए दीर्घकालिक सोच के साथ कदम बढ़ाना होगा. कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य में वनोपज पर एक बड़ी आबादी आश्रित है. राज्य की महागठबंधन की सरकार इसे बेहतर तरीके आगे बढ़ाने की कार्य योजना बनाने में जुटी है.

"वनोपज का अच्छा दाम मिलेगा तो खुशहाल होंगे किसान"
मंत्री ने कहा कि आम अवधारणा यह है कि सिर्फ उद्योग से ही राज्य या देश का विकास और रोजगार के साधन उपलब्ध कराना संभव है लेकिन ये पूर्ण सच नहीं है. आज कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता जैसे विभाग से जुड़कर लोग बड़ा मुनाफा कमा रहे हैं. मंत्री ने कहा कि मत्स्य पालन में झारखंड ने ऊंची छलांग लगाई है. राज्य में 04 लाख मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हो रहा है. दुग्ध उत्पादन का आंकड़ा भी प्रतिदिन 3 लाख लीटर तक पहुंच गया है.

सिद्धको फेड की पहल पर टरबीबा फाउंडेशन ने राज्य के किसानों से 47 रुपये की दर पर करंज की खरीद की है. ये एक बड़ी सफलता है. मड़ूआ की खेती 20 हजार हेक्टेयर से बढ़ कर आज 01 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है. मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि ये झारखंड का असल बदलाव है, जिसे समझने की जरूरत है. वनोपज को आर्थिक रूप से जोड़कर किसानों को लाभ पहुंचाया जा सकता है.

कार्यशाला में ये भी रहे मौजूद
इस कार्यशाला में मुख्य रूप से पीसीसीएफ रांची संजीव कुमार सिंह, ICAR निसा के निदेशक डॉ. अभिजीत कर, सिद्धको फेड केसीईओ शशि रंजन, डीएफओ गिरिडीह मनीष तिवारी, ISB के कामिनी सिंह, राकेश कुमार, प्रकाश कुमार, अभिनव मिश्रा, नाबार्ड के DGM, सोसाइटी के MD और काफी संख्या में किसान मौजूद रहे.
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